भाजपा नेता तरूण चुघ ने छठे वेतन आयोग को लेकर पंजाब की कांग्रेस सरकार की आलोचना की और कहा कि उसकी असंतुलित सिफारिशों ने पूरे राज्य में कर्मचारियों को ‘कलम-रोको’ हड़ताल के लिए बाध्य किया।
उन्होंने सरकारी कर्मचारियों की मुश्किलों के मद्देनजर छठे वेतन आयोग की सिफारिश का ‘मूल्यांकन’ करने में विफल रहने को लेकर वित्त मंत्री मनप्रीत बादल के इस्तीफे की मांग की।
भाजपा के राष्ट्रीय सचिव चुघ ने कहा कि यदि उनकी पार्टी अगले साल पंजाब में सत्ता में आयी तो वह कर्मचारियों के फायदे के लिए सिफारिशों में संशोधन करेगी।
उन्होंने कहा कि राज्य सरकार को वेतन आयोग की सिफारिशों को लागू करने से पहले कर्मचारियों के साथ उनकी शिकायतों को लेकर चर्चा करनी चाहिए थी।
चुघ ने यहां जारी एक बयान में कहा, ‘‘ लेकिन मुख्यमंत्री और वित्त मंत्री कर्मचारियों को राहत देने के बजाय उनसे (सिफारिशों से) राजनीतिक लाभ लेने के लिए अधिक गुणा-भाग में जान पड़ते हैं।’’
राज्य सरकार के कर्मचारी छठे वेतन आयोग की सिफारिशों के खिलाफ बुधवार को पांच दिनों की कलम रोको हड़ताल पर चले गये। कर्मचारियों को वेतन में वृद्धि के आकलन से संबद्ध फार्मूले पर आपत्ति है।
पंजाब सरकार ने पिछले सप्ताह छठे वेतन आयोग की ज्यादातर सिफारिशों को एक जनवरी, 2016 की तारीख से लागू करने का फैसला किया था। इस कदम से पांच लाख से अधिक सेवारत एवं सेवानिवृत कर्मचारी लाभान्वित होंगे।


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