चंडीगढ़ : चंडीगढ़ की एक अदालत ने हरियाणा भाजपा प्रमुख सुभाष बारला के बेटे विकास बारला की जमानत याचिका आज खारिज कर दी। गौरतलब है कि 29 साल की एक महिला का पीछा करने और उसे अगवा करने की कोशिश करने के आरोपों को लेकर विकास के खिलाफ एक मामला दर्ज किया गया था।
बचाव पक्ष के वकील रबिद्र पंडित ने बताया कि न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी (जेएमआईसी) बरजिंदर पाल सिंह की अदालत ने विकास बारला की जमानत याचिका खारिज कर दी। इस मामले में विकास और उसका दोस्त आशीष कुमार चंडीगढ़ के बुरैल जेल में कैद हैं। पंडित ने बताया कि सिर्फ विकास की अर्जी पर सुनवाई हुई जबकि उसके दोस्त आशीष ने अदालत में जमानत याचिका दायर नहीं की थी।
एक वरिष्ठ आईएएस अधिकारी की बेटी का पीछा करने के दो महीने पुराने मामले के सिलसिले में अदालत ने 13 अक्तूबर को विकास और आशीष के खिलाफ आरोप तय किए थे। इन दोनों लोगों को चार और पांच अगस्त की दरम्यानी रात को गिरफ्तार किया गया था। लेकिन जमानत पर छोड़ दिया गया था। उन्हें नौ अगस्त को फिर से गिरफ्तार किया गया था। पिछले महीने अतिरिक्त जिला एवं सत्र जज रजनीश कुमार शर्मा ने भी विकास की जमानत याचिका खारिज कर दी थी।


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