चंडीगढ़ : पंजाब सरकार ने आज कहा कि अमृतसर अनाज वितरण घोटाले में शामिल किसी को बख्शा नहीं जाएगा और इस मामले में 22 सरकारी कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई शुरू कर दी गई है। राज्य के स्वास्थय मंत्री ब्रह्म महिंदरा ने विधायक बिक्रम सिंह पाहरा के विधानसभा के बजट सत्र के दौरान आज लाये गये ध्यानाकर्षण प्रस्ताव पर मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ओर से सदन को आश्वासन दिया कि सरकार भ्रष्टाचार को किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं करेगी।
उन्होंने बताया कि अमृतसर के विभिन्न वितरण केंद्रों में आटा-दाल योजना के तहत गेहूँ के वितरण में अनियमितताओं की शिकायत मिलने के बाद समूचे प्रकरण की जांच के आदेश दिये गये हैं तथा गरीबों के लिये शुरू की गई ऐसी योजनाओं किसी भी प्रकार की अनियमितता बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
श्री महिंदरा ने बताया कि जांच अधिकारी की अभी तक कि रिपोर्ट के आधार पर लगभग दस करोड़ रुपये की 45 क्विंटल गेहूँ के इस घोटाले में जिला खाद्य आपूर्ति नियंत्रक सहित 22 कर्मचारियों के विरूद्ध कार्रवाई शुरू कर दी गई है। इनमें एक उप निदेशक की पदावनति करने के अलावा चार सहायक खाद्य आपूर्ति अधिकारियों और 14 खाद्य निरीक्षकों को पहले ही निलम्बित किया जा चुका है। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री ने सभी सरकारी योजनाओं में पूरी पारदर्शिता सुनिश्चित करने के निर्देश दिये हैं ताकि इनका लाभ सही लोगों तक पहुंच सके।


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