LPU Student Ramya Mishra Video: पंजाब की लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी (LPU) में हाल ही में हुए विवाद के बाद यूनिवर्सिटी की छात्रा राम्या मिश्रा ने सोशल मीडिया पर एक वीडियो जारी किया है। वीडियो में उन्होंने इंफ्लुएंसर फरहत देव और यूनिवर्सिटी के डीएसडब्ल्यू (Dean Student Welfare) ऑफिस से जुड़ी कुछ घटनाओं पर सवाल उठाए हैं। छात्रा ने कई गंभीर आरोप भी लगाए हैं। लेकिन, अभी इन आरोपों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है।
मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, राम्या मिश्रा का कहना है कि यूनिवर्सिटी कैंपस में छात्रों के बीच तनाव बढ़ने के पीछे कुछ घटनाएं जिम्मेदार रहीं। उन्होंने आरोप लगाया कि इस पूरे मामले में फरहत देव की भूमिका रही। छात्रा ने यह भी दावा किया कि जब छात्रों की ट्रॉफियों को नुकसान पहुंचाया गया, उस समय फरहत देव वहां मौजूद थे। राम्या का कहना है कि डीएसडब्ल्यू ऑफिस में हुई घटनाओं से छात्रों के बीच नाराजगी और अविश्वास बढ़ा। वीडियो सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर इस मामले को लेकर चर्चा तेज हो गई है। कुछ छात्र छात्रा की बात का समर्थन कर रहे हैं, जबकि कुछ लोग पूरे मामले की सच्चाई सामने आने की मांग कर रहे हैं।
किन आरोपों पर उठ रहे हैं सवाल?
छात्रा के आरोप मुख्य रूप से दो बिंदुओं पर हैं। पहला आरोप है कि फरहत देव ने छात्रों के बीच तनाव बढ़ाने में भूमिका निभाई। दूसरा आरोप ट्रॉफियों को नुकसान पहुंचाए जाने के दौरान उनकी मौजूदगी से जुड़ा है। लेकिन, यह साफ करना जरूरी है कि ये आरोप फिलहाल राम्या मिश्रा के बयान पर आधारित हैं। फरहत देव और यूनिवर्सिटी प्रशासन की ओर से इन आरोपों पर कोई विस्तृत सार्वजनिक बयान सामने नहीं आया है। इसलिए जांच पूरी होने से पहले किसी व्यक्ति को दोषी ठहराना सही नहीं होगा।
LPU STUDENT RAISES SERIOUS QUESTIONS
An LPU student, Ramya Mishra, has shared a video making allegations about influencer Farhat Dev and the events at the university’s DSW office. pic.twitter.com/etbXtxpOkE
— Monu Singh jadoun ( Trader ) (@monujadoun69490) September 29, 2026
पहले भी हुआ था छात्रों का प्रदर्शन
LPU कैंपस में हाल के दिनों में छात्रों का प्रदर्शन हुआ था। प्रदर्शन के दौरान छात्रों और प्रशासन के बीच तनाव की स्थिति बनी। यूनिवर्सिटी प्रशासन की ओर से छात्रों से शांति बनाए रखने की अपील की गई थी। प्रो-चांसलर रश्मि मित्तल ने भी वीडियो संदेश के जरिए छात्रों से अफवाहों पर भरोसा नहीं करने और बातचीत के जरिए समस्या सुलझाने की अपील की थी। कुछ मामलों की जांच के लिए पुलिस ने विशेष जांच टीम (SIT) भी गठित की है। इस दौरान कुछ समय के लिए कक्षाएं भी स्थगित की गईं।
कैसे शुरू हुआ विवाद ?
पूरे विवाद की शुरुआत हॉस्टल से जुड़ी एक कथित घटना की खबर फैलने के बाद हुई। छात्रों और सोशल मीडिया पर दावा किया गया कि गर्ल्स हॉस्टल नंबर-3 में एक छात्रा के साथ किसी बाहरी व्यक्ति ने कथित तौर पर दुष्कर्म किया। कुछ रिपोर्टों में उस व्यक्ति को प्लंबर या वर्कर बताया गया। छात्रों का दावा था कि घटना करीब 24 सितंबर को हुई और इसकी जानकारी वॉर्डन को दी गई थी, लेकिन समय पर कार्रवाई नहीं की गई। सोशल मीडिया पर छात्रा को घर भेजने और आत्महत्या से जुड़े कुछ दावे भी सामने आए। हालांकि, इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। पुलिस की शुरुआती जांच में छात्रों द्वारा बताए गए कमरे में ऐसी घटना के आरोप की पुष्टि नहीं हुई। इसी वजह से पुलिस ने मामले की जांच आगे बढ़ाते हुए अलग-अलग सबूत जुटाने शुरू किए।
रात करीब एक बजे बड़ी संख्या में छात्र हॉस्टल के आसपास जमा हुए। इसके बाद विरोध बढ़ गया और स्थिति तनावपूर्ण हो गई। आरोप है कि कुछ जगहों पर कैंपस में तोड़फोड़ की गई और आगजनी भी हुई। पुलिस की गाड़ियों पर हमला किया गया तथा दो वाहनों को आग के हवाले किए जाने की बात सामने आई। इस दौरान जालंधर-फगवाड़ा के बीच NH-44 पर भी लंबा जाम लगा रहा। पुलिस ने स्थिति नियंत्रित करने के लिए लाठीचार्ज किया। घटना में कई पुलिसकर्मियों के घायल होने की जानकारी सामने आई।
यूनिवर्सिटी और पुलिस ने क्या कहा?
LPU प्रशासन ने हॉस्टल से जुड़े दुष्कर्म के आरोपों को झूठा बताया। यूनिवर्सिटी ने संबंधित कमरे में रहने वाली 3 छात्राओं का वीडियो भी जारी किया। वीडियो में छात्राओं ने ऐसी किसी घटना की जानकारी होने से मना किया। दूसरी ओर, पुलिस ने छात्रों की शिकायत के आधार पर अज्ञात व्यक्ति के खिलाफ FIR दर्ज की और मामले की जांच के लिए SIT बनाई। जांच में छात्र प्रतिनिधियों को भी शामिल किया गया है। पुलिस CCTV फुटेज, फॉरेंसिक सबूत और फोन से जुड़े डेटा की जांच कर रही है।
पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने हिंसा करने वालों के खिलाफ कार्रवाई के निर्देश दिए। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए कैंपस और आसपास सुरक्षा बढ़ाई गई तथा बड़ी संख्या में पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई।
फिलहाल क्या है हालात ?
28 सितंबर से यूनिवर्सिटी में नियमित कक्षाएं 10 दिनों के लिए स्थगित कर दी गई हैं। मिड-टर्म परीक्षाएं भी अगले आदेश तक टाल दी गई हैं। कई छात्र अपने घर लौट चुके हैं।
फिलहाल प्रशासन और पुलिस की कोशिश कैंपस में शांति बनाए रखने की है। इसी बीच राम्या मिश्रा का वीडियो सामने आने के बाद फरहत देव और डीएसडब्ल्यू ऑफिस से जुड़े सवाल भी चर्चा में हैं। इन आरोपों पर आगे की स्थिति जांच और संबंधित पक्षों के जवाब के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।


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