बसपा पार्टी के संस्थापक मान्यवर कांशीराम के जन्मदिवस पर पार्टी सुप्रीमो मायावती ने आज चंडीगढ़ में एक रैली करते हुए मोदी सरकार पर जमकर हमला बोला।
मायावती ने कहा कि मोदी सरकार में गरीबों, मुसलमानों और दलितों का उत्पीड़न बहुत ज्यादा बढ़ गया है। मायवती ने ये भी कहा कि यूपी में सहारनपुर की घटना दलितों के उत्पीड़न के लिए भाजपा की सोची समझी साजिश थी।
राज्यसभा से इस्तीफा देने की बात पर मायावती ने कहा कि उनकी आवाज को दबाने की कोशिश की गई है। उन्होंने कहा कि उन्हें संसद में बोलने भी नहीं दिया गया।
मायावती ने कहा, ‘जिस दिन मैंने राज्यसभा से इस्तीफा दिया, उसी दिन फैसला लिया कि अब मुझे पूरे देश में खास कर पिछड़े वर्गों, मजदूरों, किसानों को बीजेपी की गलत नीतियों के बारे में लोगों को जाग्रत और तैयार करके, पूंजीवादी पार्टियों को केंद्र और राज्य सरकारों में आने से रोकना होगा।’
बसपा सुप्रीमो मायावती ने कहा कि पंजाब की सरकार ने दलितों और कांशीराम को गंभीरता से नहीं लिया। पंजाब सरकार ने उन्हें नज़रअंदाज कर दिया था। उन्होंने कहा कि दलितों के त्याग को गंभीरता से नहीं लिया गया था, पंजाब में कार्यकर्ता खुद मेहनत करें।
उन्होंने कहा कि जब से केंद्र और देश के कई राज्यों में बीजेपी सरकार बनी है, तभी से आरएसएस के एजेंडे को लागू करने की कोशिश की जा रही है।. दलित, मुस्लिम समेत गरीब तबकों का उत्पीड़न किया जा रहा है। मायावती ने इस दौरान कहा कि दलितों के खिलाफ हो रही हिंसा के मामलों में तेजी आई है। उन्होंने हैदराबाद और ऊना घटना का भी जिक्र किया।
बता दे कि इस रैली में हजारों की संख्या में पंजाब, हरियाणा और चंडीगढ़ से पार्टी समर्थक जुटे। सेक्टर-25 के रैली ग्राउंड में रैली का आयोजन किया गया। रैली को संविधान बचाओ, आरक्षण बचाओ नाम दिया गया है। सूत्रों की माने तो रैली के जरिए मायावती खुद को 2019 के लिए प्रधानमंत्री पद के तौर पर प्रोजेक्ट करने की कोशिश भी कर रही हैं।
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