Punjab floods: पंजाब के वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा और शिक्षा मंत्री हरजोत सिंह बैंस ने शनिवार को आनंदपुर साहिब विधानसभा क्षेत्र के बाढ़ प्रभावित गांवों का दौरा किया। दोनों मंत्रियों ने भारी बारिश और बाढ़ से तबाह हुए हालात का जायजा लिया और प्रभावित परिवारों को जल्द मुआवजा देने का आश्वासन दिया।
पंजाब में बाढ़ का असर
पंजाब के 13 जिलों के 1400 से अधिक गांव बाढ़ से प्रभावित हुए हैं, जिससे लाखों लोग संकट में हैं। खेत-खलिहान जलमग्न हो गए, गांवों का संपर्क कट गया और बिजली आपूर्ति बाधित रही।
Punjab floods: केंद्र सरकार से पंजाब ने की थी 20,000 करोड़ रुपए की मांग
पत्रकारों से बातचीत में हरपाल सिंह चीमा ने केंद्र सरकार पर तीखा प्रहार किया। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार लोगों की लाशों पर राजनीति कर रही है। भाजपा बाढ़ और मौतों का फायदा उठा रही है।”
उन्होंने प्रधानमंत्री द्वारा घोषित 1600 करोड़ रुपए की राहत राशि को ‘नगण्य’ बताते हुए कहा कि पंजाब ने 20,000 करोड़ रुपए की मांग की थी, लेकिन केवल एक छोटा हिस्सा ही मिला।
फंड रिलीज की मांग
चीमा ने बकाया 80,000 करोड़ रुपए की एसडीआरएफ, जीएसटी और अन्य फंड की तत्काल रिलीज की मांग की, ताकि यह राशि सीधे बाढ़ प्रभावित परिवारों और पुनर्वास कार्यों पर खर्च हो सके। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार प्रभावित परिवारों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़ी है और उचित मुआवजे का अनुमान तुरंत तैयार किया जा रहा है।
Punjab floods: “ऑपरेशन राहत” और राहत कैंप
शिक्षा मंत्री हरजोत सिंह बैंस ने “ऑपरेशन राहत” का जिक्र किया। उन्होंने बताया कि टूटी सड़कों और बिजली आपूर्ति को बहाल करने के साथ नावों की मरम्मत कर 200 से अधिक लोगों को सुरक्षित निकाला गया। आनंदपुर साहिब क्षेत्र में 30 से अधिक राहत कैंप स्थापित किए गए हैं, जहां भोजन, चिकित्सा और आश्रय की व्यवस्था की गई है।
भाखड़ा बांध क्षेत्र में सुरक्षा
बैंस ने बताया कि भाखड़ा बांध के पास के गांवों को बचाने में राज्य सरकार के पूर्व निवेश का लाभ मिला, जिससे रोपड़ जिले को बड़े नुकसान से बचाया जा सका।























