Punjab Police Emergency Response Vehicles : पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने संगरूर में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान राज्य भर में पुलिसिंग को और अधिक मजबूत बनाने के उद्देश्य से 508 इमरजेंसी रिस्पॉन्स वाहनों (ERV) को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इन वाहनों के जरिए सरकार का लक्ष्य आपातकालीन परिस्थितियों में पुलिस सहायता को पहले से कहीं अधिक तेज और प्रभावी बनाना है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि पंजाब सरकार अब अमेरिका और यूरोप जैसे विकसित देशों की तर्ज पर काम करते हुए महज छह मिनट के भीतर पुलिस सहायता उपलब्ध कराने की दिशा में आगे बढ़ रही है। उन्होंने कहा कि यह पहल राज्य में कानून-व्यवस्था को बेहतर बनाने और लोगों में सुरक्षा की भावना को मजबूत करने की दिशा में एक बड़ा कदम है।
डायल-112 सेवा को मिलेगा नया बल

मुख्यमंत्री ने बताया कि अत्याधुनिक तकनीक से लैस ये सभी वाहन डायल-112 सेवा के तहत राज्य के सभी 28 पुलिस जिलों में तैनात किए जाएंगे। इन वाहनों के जरिए किसी भी आपातकालीन स्थिति में तुरंत प्रतिक्रिया दी जा सकेगी और जरूरतमंद लोगों तक पुलिस सहायता तेजी से पहुंच सकेगी।
उन्होंने कहा कि यह कदम तकनीक आधारित और त्वरित कानून प्रवर्तन प्रणाली को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। सरकार का उद्देश्य है कि पुलिस की प्रतिक्रिया समय को कम किया जाए और लोगों को समय पर मदद मिल सके।
पुलिस आधुनिकीकरण पर करोड़ों का निवेश
मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने बताया कि पिछले चार वर्षों के दौरान राज्य सरकार ने पुलिस वाहनों के लिए लगभग 327.70 करोड़ रुपये का निवेश किया है। इस निवेश के जरिए न केवल पुलिस बल का आधुनिकीकरण किया गया है, बल्कि कानून-व्यवस्था को भी अधिक मजबूत बनाया गया है।
उन्होंने कहा कि आधुनिक संसाधनों से लैस पुलिस बल अपराध पर बेहतर नियंत्रण स्थापित करने में सक्षम होगा। साथ ही सरकार ने नशा तस्करों के खिलाफ भी कड़ी कार्रवाई की है, जिससे राज्य में अपराध पर लगाम लगाने में मदद मिली है।
सुरक्षा से बढ़ता है निवेशकों का विश्वास

मुख्यमंत्री ने कहा कि किसी भी राज्य में मजबूत कानून-व्यवस्था निवेशकों के विश्वास को बढ़ाने में अहम भूमिका निभाती है। उन्होंने बताया कि पंजाब में बेहतर सुरक्षा व्यवस्था का ही परिणाम है कि टाटा स्टील राज्य में अपने दूसरे सबसे बड़े प्लांट की स्थापना के लिए निवेश कर रही है।
उन्होंने कहा कि निवेश आने से रोजगार के अवसर बढ़ते हैं और राज्य की आर्थिक स्थिति मजबूत होती है। इसलिए सरकार कानून-व्यवस्था को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रही है।
संगरूर में आयोजित सभा को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा, “पंजाब से नशे के खतरे को पूरी तरह खत्म करने के लिए आखिरी बार के रूप में नशे के कारोबार में शामिल लोगों का सामाजिक बहिष्कार करना जरूरी है।”
उन्होंने कहा कि जिन लोगों ने समाज और आने वाली पीढ़ियों को नशे के कारण बर्बाद किया है, उनके प्रति किसी भी प्रकार की नरमी नहीं बरती जानी चाहिए। उन्होंने कहा, “ऐसे तत्वों को सबक सिखाना होगा और उनका सामाजिक बहिष्कार पंजाब को नशे की दलदल से बाहर निकालने में अहम भूमिका निभाएगा।”
नशा तस्करों पर सख्त कार्रवाई

मुख्यमंत्री ने बताया कि पंजाब सरकार ने पहले ही नशे के कारोबार के खिलाफ सख्त कार्रवाई शुरू कर दी है। उन्होंने कहा, “पंजाब सरकार ने पहले ही नशे के व्यापार के खिलाफ कड़ा शिकंजा कस दिया है और ऐसे मामलों में सजा दर 87 प्रतिशत तक पहुंच गई है, जो किसी भी अन्य राज्य से कहीं अधिक है।”
उन्होंने यह भी कहा कि “नशों के खिलाफ युद्ध” राज्य में नशा नेटवर्क के खिलाफ अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई साबित हो रहा है। इस अभियान के तहत सप्लाई चेन को तोड़ा जा रहा है और बड़े तस्करों को गिरफ्तार कर इस अवैध कारोबार की रीढ़ तोड़ने का प्रयास किया जा रहा है।
जन आंदोलन बनाने की रणनीति
मुख्यमंत्री ने कहा कि इस अभियान को जन समर्थन के साथ जन आंदोलन में बदलने के लिए सरकार ने व्यापक और बहुआयामी रणनीति तैयार की है। उन्होंने कहा कि पिछली सरकारों के विपरीत वर्तमान सरकार ने तस्करों को संरक्षण देने के बजाय उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित की है।
उन्होंने कहा, “हमारी लड़ाई पंजाब की युवा पीढ़ी की सुरक्षा के लिए है और यह लगातार जारी रहेगी।”
‘नशा आतंकवाद’ के खिलाफ सख्त रुख
‘नशा आतंकवाद’ के मुद्दे पर बोलते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि पंजाब पुलिस सीमा पार से हो रही नशीले पदार्थों की तस्करी का सक्रिय रूप से मुकाबला कर रही है। उन्होंने कहा कि पुलिस दुश्मन ताकतों का डटकर सामना करते हुए राज्य के नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित कर रही है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि पहली बार प्रशासनिक स्तर पर ऐसे सुधार किए गए हैं, जिनके तहत जमीनी स्तर तक पुलिस को मजबूत बनाने की कोशिश की गई है। अब केवल वरिष्ठ अधिकारियों ही नहीं बल्कि थानों के एसएचओ स्तर तक भी वाहन उपलब्ध कराए जा रहे हैं, जिससे पुलिस की कार्यक्षमता बढ़ेगी।
सड़क सुरक्षा में भी सुधार
मुख्यमंत्री ने बताया कि पंजाब सरकार ने सड़क सुरक्षा के क्षेत्र में भी महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं। राज्य में हाईवे पर सुरक्षा सुनिश्चित करने और दुर्घटनाओं में होने वाली मौतों को कम करने के लिए देश की पहली समर्पित सड़क सुरक्षा फोर्स शुरू की गई है।
1,597 प्रशिक्षित कर्मियों और 144 आधुनिक वाहनों से लैस यह फोर्स 4,200 किलोमीटर लंबे दुर्घटना-प्रभावित हाईवे पर तैनात है। इसके परिणामस्वरूप सड़क दुर्घटनाओं में होने वाली मौतों में लगभग 48 प्रतिशत की कमी आई है। इस पहल की केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने भी सराहना की है।
आधुनिक तकनीक से लैस पुलिसिंग

मुख्यमंत्री ने बताया कि आज जिन 508 नई बोलेरो गाड़ियों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया गया है, उनके शामिल होने से डायल-112 फ्लीट में कुल वाहनों की संख्या बढ़कर 764 हो गई है। ये सभी वाहन जीपीएस ट्रैकर, डैश कैमरा और मोबाइल डेटा सिस्टम जैसी आधुनिक तकनीकों से लैस हैं।
उन्होंने कहा कि डायल-112 पर प्रतिदिन लगभग 15,000 कॉल प्राप्त होती हैं, जिनमें से करीब 1,500 कॉल पर तुरंत वाहन भेजे जाते हैं। सरकार ने प्रतिक्रिया समय को पहले के 30-45 मिनट से घटाकर लगभग 13-14 मिनट तक कर दिया है।
पुलिस बल को और मजबूत करने की तैयारी
मुख्यमंत्री ने बताया कि वर्ष 2022 से अब तक पंजाब पुलिस में 12,197 भर्तियां की जा चुकी हैं और आगे भी भर्ती प्रक्रिया जारी है। मार्च 2026 में 1,746 कांस्टेबल और 3,298 नए पदों के लिए विज्ञापन जारी किया जा चुका है।
इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री हरपाल सिंह चीमा, बरिंदर गोयल, पंजाब के डीजीपी गौरव यादव सहित कई अन्य गणमान्य व्यक्ति भी उपस्थित रहे। कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने पुलिस बल के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि पंजाब पुलिस राज्य में शांति और कानून-व्यवस्था बनाए रखने में अहम भूमिका निभा रही है।
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