AFCON 2024: सेनेगल से छीना गया खिताब, मोरक्को बना नया चैंपियन | जानें पूरा मामला

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AFCON 2025 controversy: अफ्रीका कप ऑफ नेशन्स (AFCON) 2025 का खिताब अब Morocco के नाम दर्ज हो गया है, लेकिन यह फैसला विवादों के बीच आया है। मंगलवार को अफ्रीका फुटबॉल संघ (CAF) ने घोषणा की कि सेनेगल टीम को खिताब से हटा दिया गया है और मोरक्को विजेता घोषित किया गया है। यह निर्णय लगभग दो महीने बाद आया है, जब सेनेगल और मोरक्को के बीच हुए फाइनल मैच के दौरान अफ़रा-तफरी मची थी। 18 जनवरी को रबात के प्रिंस मौले अब्देल्ला स्टेडियम में खेले गए फाइनल में सेनेगल के कई खिलाड़ी अचानक मैदान छोड़ कर चले गए थे।…

AFCON 2025 controversy: अफ्रीका कप ऑफ नेशन्स (AFCON) 2025 का खिताब अब Morocco के नाम दर्ज हो गया है, लेकिन यह फैसला विवादों के बीच आया है। मंगलवार को अफ्रीका फुटबॉल संघ (CAF) ने घोषणा की कि सेनेगल टीम को खिताब से हटा दिया गया है और मोरक्को विजेता घोषित किया गया है। यह निर्णय लगभग दो महीने बाद आया है, जब सेनेगल और मोरक्को के बीच हुए फाइनल मैच के दौरान अफ़रा-तफरी मची थी।

CAF
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18 जनवरी को रबात के प्रिंस मौले अब्देल्ला स्टेडियम में खेले गए फाइनल में सेनेगल के कई खिलाड़ी अचानक मैदान छोड़ कर चले गए थे। उनकी नाराजगी का कारण मोरक्को को दिए गए आखिरी मिनट के पेनल्टी निर्णय को लेकर था। हालांकि सेनेगल के कप्तान सादियो माने ने खिलाड़ियों को वापस लाने की कोशिश की और मैच फिर से शुरू हुआ। मोरक्को ने पेनल्टी मिस कर दी, लेकिन एक्स्ट्रा टाइम में सेनेगल के पापे गे ने गोल कर टीम को 1-0 से जीत दिलाई।

AFCON 2025 controversy

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CAF ने मोरक्को की अपील पर विचार करने के बाद कहा कि “सेनेगल टीम ने बिना रेफरी की अनुमति के मैदान छोड़ दिया और इसलिए इसे मैच हार माना जाएगा। रिकॉर्ड के अनुसार मोरक्को की 3-0 से जीत दर्ज की जाएगी।” CAF के अनुसार, यह फैसला AFCON नियमावली के आर्टिकल 82 और 84 के आधार पर लिया गया है, जिसमें साफ लिखा है कि अगर कोई टीम बिना अनुमति के मैच छोड़ देती है, तो उसे 3-0 से हारा माना जाएगा।

मोरक्को फुटबॉल संघ ने बयान में कहा कि उनका उद्देश्य मैच का नतीजा बदलना नहीं था, बल्कि सिर्फ नियमों के सही पालन की मांग करना था।

AFCON 2025 controversy: सेनेगल का विरोध और विवादित घटनाएं

AFCON 2025
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सेनेगल फुटबॉल फेडरेशन ने इस फैसले की कड़ी निंदा की है। उनका कहना है कि यह निर्णय “अन्यायपूर्ण, अप्रत्याशित और अस्वीकार्य” है और इससे अफ्रीका फुटबॉल की छवि खराब होती है। फेडरेशन ने कोर्ट ऑफ आर्बिट्रेशन फॉर स्पोर्ट (CAS) में अपील करने की बात भी कही है।

फाइनल मैच के आखिरी मिनट में सेनेगल के समर्थक भी हड़बड़ी में मैदान में घुसने की कोशिश कर रहे थे। मैच लगभग 20 मिनट तक रुका रहा, जिससे खिलाड़ियों और दर्शकों दोनों में तनाव बढ़ गया। पेनल्टी निर्णय VAR जांच के बाद दिया गया था, जिसमें ब्रहीम डियाज द्वारा एल हजजी मलिक डियूफ पर फाउल देखा गया था।

सेनेगल के गोलकीपर एडुआर्ड मेंडी ने पेनल्टी को आसानी से बचा लिया, लेकिन लंबे इंतजार और दबाव के कारण मोरक्को के खिलाड़ी प्रभावित हुए। एक्स्ट्रा टाइम में पापे गे ने गोल कर सेनेगल को जीत दिलाई।

इस फैसले के बाद सेनेगल के कई खिलाड़ियों ने सोशल मीडिया पर प्रतिक्रिया दी। डिफेंडर मूसा न्याखाते ने अपने AFCON ट्रॉफी उठाए हुए फोटो के साथ लिखा, “ये लोग पागल हैं,” जो CAF की ओर इशारा था।

इस बीच, FIFA के अध्यक्ष जियानी इन्फेंटिनो ने खिलाड़ियों के मैदान छोड़ने की आलोचना की और कहा कि यह “स्वीकार्य नहीं है।” जनवरी में CAF ने दोनों देशों के फेडरेशन पर लाखों यूरो का जुर्माना भी लगाया था।

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Anjali Maikhuri