लुधियाना : लुधियाना के फिरोजपुर रोड़ स्थित पंजाब कृषि विश्वविद्यालय में आज देश के कोने-कोने में स्थित राज्यों की सभ्याचार , संस्कृति के साथ-साथ खान-पान और व्यवहार व वेशभूषा से सुशोभित सरस मेला 2017 आधे-अधूरे प्रबंधों के साथ शुरू हो गया। इस मेले के आगाज की रस्म लुधियाना के डिप्टी कमीश्रर प्रदीप अग्रवाल ने की जबकि महिला उद्यमी नसीब कौर ढिल्लो बतौरे मुख्य मेहमान के तौर पर उपस्थित थी। इस मेले में कई प्रदेशों के रंग देखने को मिले। मेले की शुरूआत में आज अलग-अलग प्रदेशों के कलाकारों, दस्तकारों और हस्तकारों ने महानगर लुधियाना की सडक़ों को नापते हुए एक भव्य रोड़ शो का आयोजन किया। सडक़ों के आरपार दोनों ओर स्थित लुधियानावासी अलग-अलग राज्यों से आएं हुए कलाकारों की प्रशंसा करते दिखे।
उधर पीएयू स्थित मेला शुरू होने के बावजूद आज कई स्थानों पर बच्चों के झूले, स्टॉल और अन्य प्रबंध होते देखे गए। यह मेला 16 अक्तूबर तक चलेगा जिसमें देशभर के 25 राज्यों के 500 से ज्यादा कलाकार हिस्सा ले रहें है जबकि देर शाम यूनिवर्सिटी के बड़े प्रागंणों में स्थित अलग-अलग पंडालों में हरियाणा , मध्यप्रदेश, राजस्थान और गुजरात के लोकनृत्य देखे गए। हरियाणवी लोक नाच -रागनी ते कुम्मर, मध्य प्रदेश का बधाई, राजस्थान का मुरली लोकनाच देखकर सभी उपस्थित लोगों ने वाहवाही की। मेले के दौरान दस्तकार और हस्तकारों ने अपने हाथों से तैयार हुई घरेलू वस्तुएं और साजो-सामान की प्रदर्शनी की।
लुधियाना के डिप्टी कमीश्रर प्रदीप अग्रवाल ने इस अवसर पर कहा कि देश के युवाओं को नशों से दूर रखने के लिए ऐसे मेले काफी महत्वपूर्ण साबित होते है और आने वाले 12 दिनों में पंजाब की अमीर विरासत के साथ-साथ कई राज्यों के कलाकार अपनी-अपनी कलाकारी के करतब और हुनर दिखाकर देश में अनेकता के दौरान एकता का सबूत देंगे।
रीना अरोड़ा


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