अवैध रेत खनन मामले में पंजाब के मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी के भतीजे भूपिंदर सिंह हनी के खिलाफ प्रवर्तन निदेशालय (ED) की करवाई के बाद अब आयकर विभाग (IT) की भी एंट्री हो सकती है। सूत्रों के मुताबिक, जांच एजेंसियों ने उनकी संपत्ति के ब्योरे के संबंध में आयकर विभाग के साथ जानकारी साझा की है।
हनी पर दर्ज हो सकता है आय से अधिक संपत्ति का मामला
सूत्रों के मुताबिक, हनी के खिलाफ आय से अधिक संपत्ति का मामला हो सकता है। आयकर विभाग विभाग बेनामी संपत्ति अधिनियम की धाराओं के तहत मामला दर्ज कर सकता है। हालांकि, अभी तक एजेंसियों ने इस संबंध में कोई आधिकारिक बयान नहीं दिया है।
ED का दावा हनी ने कबूला अपना जुर्म
हनी ने ईडी द्वारा पूछताछ में ‘कबूल’ किया है कि सीमावर्ती राज्य में बालू खनन से जुड़ी गतिविधियों और अधिकारियों की नियुक्ति अथवा तबादले में मदद करने के एवज में उसे 10 करोड़ रुपये नकद प्राप्त हुए थे। ईडी ने हनी को 3 और 4 फरवरी की दरम्यानी रात को गिरफ्तार किया था, जिसे 8 फरवरी तक हिरासत में लिया गया था। बाद में इसे 11 फरवरी तक बढ़ा दिया गया था और दिन में इसे अदालत में पेश किया जाएगा।
इन आठ दिनों की पूछताछ के दौरान ईडी ने विभिन्न दस्तावेजों के साथ उनका सामना किया और लंबे बयान दर्ज किए। 7 मार्च 2018 को पंजाब पुलिस ने राहों पुलिस स्टेशन में एक प्राथमिकी दर्ज की थी। एफआईआर यूपीसी की धारा 379, 420, 465, 467, 468 और 471 के साथ पठित खान और खनिज अधिनियम की धारा 21(1), 4(1) दस से ज्यादा आरोपियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई थी।
पंजाब पुलिस की प्राथमिकी में भूपिंदर सिंह हनी का नाम नहीं था और मामले में कुदरत दीप सिंह को क्लीन चिट दे दी गई थी। ईडी ने नवंबर 2021 में पंजाब में अवैध रेत खनन से संबंधित इस प्राथमिकी के आधार पर मनी लॉन्ड्रिंग जांच शुरू की थी।


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