पंजाब में आज से स्कूलों में पांचवीं से 12वीं तक की कक्षाएं लगनी शुरू हो चुकी है। सुबह राज्य के हर गलियों में यूनिफॉर्म पहने और कंधों पर बैग लिए बच्चें स्कूल की और निकलते दिखें। स्कूलों में कोरोना वायरस के संक्रमण के खतरे के मद्देनजर कड़े प्रबंध किए गए है। स्कूलों में कोरोना से बचाव के लिए जारी गाइडलाइन्स का पालन किया जा रहा है। इस दौरान स्कूल में प्रवेश करने से पूर्व छात्रों का शरीर का तापमान चेक किया गया। वहीं, सभी छात्र और स्कूल के अधिकारी मास्क पहने नजर आए।
स्कूलों में विद्यार्थियों के बीच शारीरिक दूरी का पालन किया जा रहा है। स्कूलों में पहुंचने पर विद्यार्थियों की जांच की गई और उनको सेनेटाइज किया गया। उनके शरीर का तापमान थर्मल चेकिंग से चेक किया गया। स्कूलों के गेट पर ही विद्यार्थियों को सेनेटाइजर उपलब्ध कराया गया। विद्यार्थियों के लिए मास्क पहनना जरूरी किया गया। शिक्षकों को भी पूरी जांच प्रक्रिया से गुजरना पड़ा। उनका भी हेंड सेनेटाइजेशन किया।
बुधवार को राज्य के स्कूल शिक्षा मंंत्री विजय इंदर सिंगला ने 7 जनवरी से राज्य में पांचवी से 12वीं तक की कक्षाएं शुरू करने की घोषणा की थी। सिंगला ने बताया था कि पंजाब सरकार ने वीरवार से सभी सरकारी, अर्द्ध सरकारी और प्राइवेट स्कूल दोबारा खोलने का फैसला किया है। स्कूलों का समय सुबह 10 बजे से लेकर दोपहर तीन बजे तक होगा। सिंगला ने कहा कि मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिन्दर सिंह ने अपनी सहमति देते हुए शिक्षा विभाग को कोविड-19 महामारी के मद्देनजर बच्चों की सुरक्षा यकीनी बनाने के निर्देश भी दिए हैं।
शिक्षा विभाग ने कंटेनमेंट जोन के बाहर खुलने वाले स्कूलों के लिए विस्तृत दिशा-निर्देश जारी किए हैं। विजय इंदर सिंगला ने कहा कि स्कूलों को फिर से खोला जा रहा है लेकिन ऑनलाइन शिक्षा शिक्षण का पसंदीदा तरीका होगा और सभी छात्रों की उपस्थिति अनिवार्य नहीं होगी। यदि छात्र व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होने के बजाय ऑनलाइन कक्षाएं लेना पसंद करते हैं तो वे ऐसा करने में सक्षम होंगे। छात्र अपने माता-पिता की लिखित सहमति के साथ ही स्कूलों में कक्षाओं में भाग ले सकेंगे। माता-पिता को यह सुनिश्चित करना होगा कि उनका बच्चा मास्क पहनकर स्कूल जाए और दूसरों के साथ मास्क का आदान-प्रदान न करे।


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