चंडीगढ़ : इंडियन नेशनल लोकदल सांसद दुष्यंत चौटाला ने दुःख व्यक्त करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने ट्रैक्टरों एवं उनके पुर्जों को GST कर प्रणाली के दायरे से बाहर रखने के अनुरोध को स्वीकार नहीं किया है ।
दुष्यंत चौटाला का कहना है कि इस पर प्रस्तावित 28 % कर को घटाकर 18 % तो किया गया है, किन्तु यह भी न्यायोचित नहीं है और इसका कुप्रभाव कृषि अर्थव्यवस्था पर पड़ेगा।
इंडियन नेशनल लोकदल सांसद दुष्यंत चौटाला ने बताया कि सरकार ने रसायन खाद पर प्रस्तावित 12 % GST को घटाकर 5 % करने की घोषणा भी की है। किन्तु यह देखते हुए कि हरियाणा में रसायन खाद को करों की दर से बाहर रखा गया था, यह घोषणा भी किसानों के साथ एक मजाक है। कुल मिलाकर अब पहली बार हरियाणा के किसानों को रसायनिक खादों पर लगे करों का भार सहन करना पड़ेगा।
इंडियन नेशनल लोकदल सांसद दुष्यंत चौटाला ने कहा की प्रधानमंत्री को एक पत्र लिखकर ट्रैक्टरों एवं उसके पुर्जों को जीएसटी के दायरे से बाहर रखने का आग्रह 17 जून, 2017 को किया था। उन्होंने उस पत्र में यह भी कहा था कि ट्रैक्टर और उसके कलपुर्जे कृषि अर्थव्यवस्था का अभिन्न अंग हैं। उनके महत्व पर बल देते हुए उन्होंने कहा था कि 2005-2016 के दशक में ट्रैक्टरों की खपत में 100 प्रतिशत से अधिक की वृद्धि हुई थी।
दुष्यंत चौटाला ने यह भी याद दिलाया था कि देश की जनसंख्या का अधिकांश भाग आज भी कृषि क्षेत्र पर निर्भर करता है और जब तक इस क्षेत्र को लाभदायक बनाने के लिए कदम नहीं उठाए जाते तब तक किसानों के कल्याण के दावे खोखले और निरर्थक होंगे।


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