Rajasthan में दीर्घकालिक वीजा के लिए 841 पाकिस्तानी नागरिकों ने किया आवेदन

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841 पाकिस्तानी नागरिकों ने दीर्घकालिक वीजा के लिए किया आवेदन

राजस्थान में 841 पाकिस्तानी अल्पसंख्यकों ने दीर्घकालिक वीजा के लिए आवेदन किया है। गृह मंत्रालय के नए निर्देशों के तहत, वैध एलटीवी धारकों को देश छोड़ने की जरूरत नहीं है। यह बदलाव भारत में पाकिस्तानी नागरिकों के लिए निवास नियमों को सरल बनाने के प्रयास का हिस्सा है।

841 पाकिस्तानी अल्पसंख्यक नागरिकों ने राजस्थान में दीर्घकालिक वीजा (एलटीवी) के लिए आवेदन किया है।

पुलिस मुख्यालय से प्राप्त जानकारी के अनुसार, राजस्थान में विभिन्न प्रकार के वीजा पर वर्तमान में निवासरत 841 पाकिस्तानी अल्पसंख्यक नागरिकों ने दीर्घकालिक वीजा के लिए आवेदन किया।

हाल के सप्ताहों में, वीजा पर भारत में प्रवेश करने वाले 109 पाकिस्तानी नागरिकों को राजस्थान से वापस पाकिस्तान भेज दिया गया।

गृह मंत्रालय ने भारत में रहने वाले पाकिस्तानी नागरिकों के लिए प्रस्थान आवश्यकताओं के संबंध में नए दिशानिर्देश जारी किए हैं। गृह मंत्रालय के संशोधित आदेश के अनुसार, वैध दीर्घकालिक वीजा (एलटीवी) रखने वाले पाकिस्तानी नागरिकों को अब देश छोड़ने की आवश्यकता नहीं है। यह निर्देश कई लोगों को काफी राहत प्रदान करता है।

पिछले तीन दिनों में ही 362 पाकिस्तानी नागरिकों की दीर्घकालिक वीजा स्वीकृत और पंजीकृत की गई हैं।

विदेशी पंजीकरण कार्यालय (एफआरओ) ने पुष्टि की है कि यह परिवर्तन भारत में पाकिस्तानी नागरिकों के लिए निवास नियमों को सरल बनाने के मंत्रालय के व्यापक प्रयास का हिस्सा है।

गृह मंत्रालय द्वारा जारी नए दिशा-निर्देश भारत में दीर्घकालिक प्रवास पर रह रहे पाकिस्तानी नागरिकों के लिए महत्वपूर्ण राहत लेकर आए हैं।

इसके अलावा, जिन व्यक्तियों ने एलटीवी के लिए आवेदन किया है या जिनके मामले अभी भी विचाराधीन हैं, उन्हें निर्वासित नहीं किया जाएगा।

एलटीवी के लिए पात्र पाकिस्तानी नागरिकों, जिन्होंने अभी तक आवेदन नहीं किया है, से अनुरोध है कि वह अपने आवेदन वैध दस्तावेजों के साथ संबंधित एफआरओ कार्यालय में शीघ्र प्रस्तुत करें।

जिन नागरिकों के पासपोर्ट की अवधि समाप्त हो गई है और जिन्होंने अभी तक पंजीकरण नहीं कराया है, उन्हें राज्य और केंद्रीय गृह मंत्रालयों से आगे के निर्देश प्राप्त करने के लिए अपने दस्तावेज स्थानीय एफआरओ में जमा कराने होंगे।

भारतीय नागरिकों से विवाहित और एलटीवी पर रहने वाली मुस्लिम महिलाओं को भी अब पाकिस्तान लौटने की आवश्यकता नहीं है।

इसके अलावा, जिन लोगों ने गृह मंत्रालय या जिला कलेक्टर कार्यालय के माध्यम से भारतीय नागरिकता हासिल की है, उन्हें एफआरओ में अपना नागरिकता प्रमाण पत्र प्रस्तुत करना होगा ताकि उनके रिकॉर्ड अपडेट किए जा सकें।

इस प्रक्रिया को और अधिक सुचारू बनाने के लिए, जोधपुर एफआरओ ने पंजीकरण और एलटीवी आवेदन प्रक्रिया के लिए एक विशेष अभियान शुरू किया है, जिसके तहत पिछले तीन दिनों में 362 एलटीवी आवेदनों को मंजूरी दी गई है।

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