भारतीय क्रिकेट टीम के खिलाडी हार्दिक पंड्या के खिलाफ संविधान निर्माता डॉ. भीमराव आंबेडकर पर टिप्पणी के मामले में बुधवार को राजस्थान की एक कोर्ट ने SC/ST एक्ट के तहत केस दर्ज करने के आदेश दिए हैं। पंड्या के खिलाफ याचिका दाखिल करने वाले डी.आर. मेघवाल के मुताबिक पंड्या ने 26 दिसंबर, 2017 को अपने ट्विटर अकाउंट पर एक टिप्पणी लिखी थी, जिसमें उन्होंने अांबेडकर का अपमानित किया था और दलित समुदाय के लोगों की भावनाओं को आहत किया था।
याचिकाकर्ता के मुताबिक पंड्या ने ट्वीट किया था, ‘कौन आंबेडकर? वह व्यक्ति जिसने देश के संविधान का ड्राफ्ट तैयार किया या फिर वह जिसे देश को आरक्षण नाम की बीमारी दे दी।’ पंड्या की इस टिप्पणी के खिलाफ मेघवाल ने याचिका दाखिल की थी। खुद को राष्ट्रीय भीम सेना का सदस्य बताने वाले मेघवाल ने अपनी याचिका में कहा था कि उनके जैसे क्रिकेटर ऐसी टिप्पणी कर न सिर्फ संविधान का अपमान किया है बल्कि दलित समुदाय की भावनाओं को भी आहत किया है।
मेघवाल ने कहा, ‘जनवरी में सोशल मीडिया के जरिए मुझे हार्दिक पंड्या की टिप्पणी के बारे में जानकारी मिली। यह अंबेडकर जैसी हस्ती के खिलाफ आपत्तिजनक टिप्पणी थी। इसके अलावा यह समुदायों के बीच नफरत फैलाने वाली थी।’


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