Rajasthan : भाजपा राजस्थान में प्रदेशस्तर पर संगठन में बड़े बदलाव करने की तैयारी कर रही है। केंद्र में पीएम मोदी के मंत्रिमंडल गठन के बाद भाजपा राजस्थान में देशस्तर पर संगठन में बड़े बदलाव करने की तैयारी कर रही है। पार्टी का मानना है कि वर्तमान प्रदेशाध्यक्ष सीपी जोशी प्रदेश की सोशल इंजीनियरिंग में फिट नहीं बैठ रहे हैं। ऐसे में जोशी को प्रदेशाध्यक्ष पद से हटाये जाने की संभावना बनी हुई है।
Highlight :
- राजस्थान में प्रदेशस्तर पर बड़े बदलाव
- जोशी को पद से हटाये जाने की संभावना
- ओबीसी वर्ग का कोई नेता बन सकता है प्रदेशाध्यक्ष
प्रदेशस्तर पर संगठन में बड़े बदलाव
पीएम मोदी के मंत्रिमंडल गठन के बाद भाजपा राजस्थान में प्रदेशस्तर पर संगठन में बड़े बदलाव करने की तैयारी कर रही है। प्रदेशाध्यक्ष पद पर बदलाव हो सकता है। पार्टी का मानना है कि वर्तमान प्रदेशाध्यक्ष सीपी जोशी प्रदेश की सोशल इंजीनियरिंग में फिट नहीं बैठ रहे हैं। ऐसे में जोशी को प्रदेशाध्यक्ष पद से हटाया जाना तय माना जा रहा है। हालांकि अटकलें लगाई जा रही है कि ओबीसी वर्ग के किसी नेता को प्रदेशाध्यक्ष बनाया जा सकता है।
नेता के नामों पर विचार
सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार राज्यसभा सदस्य मदन राठौड़, राजेंद्र गहलोत, पूर्व प्रदेशाध्यक्ष सतीश पूनिया एवं प्रभुलाल सैनी के नाम पर विचार किया जा रहा है। इनमें से किसी एक नेता को प्रदेशाध्यक्ष बनाया जाएगा। पीएम मोदी से राठौड़ का संपर्क है। गहलोत व सैनी भाजपा के परंपरागत वोट बैंक माली समाज से हैं। इनमें गहलोत की छवि निर्विवाद नेता की है। वह प्रदेश की राजनीति में किसी भी तरह की गुटबाजी में नहीं हैं। सैनी को लोकसभा के पूर्व लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला के निकट माना जाता है।
साधा जा सकता है वोट बैंक
पूनिया को अध्यक्ष बनाने को लेकर जाट समाज के नेताओं का एक वर्ग लॉबिंग में जुटा है। इन नेताओं का तर्क है कि पूनिया को प्रदेशाध्यक्ष बनाकर जाट समाज को साधने का प्रयास किया जा सकता है। कांग्रेस के प्रदेशाध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा भी जाट हैं। लोकसभा चुनाव में जाट समाज ने भाजपा के स्थान पर कांग्रेस को समर्थन दिया। आईएनडीआईए गठबंधन के दो निर्वाचित सांसद भी जाट समाज से ही हैं। ऐसे में जाट नेता को प्रदेशाध्यक्ष बनाकर आगामी समय में होने वाले पंचायत चुनाव के लिहाज से जाट वोट बैंक को साधा जा सकता है।


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