राजस्थान में 21 अक्टूबर को मंडावा और खींवसर विधानसभा सीटों पर हो रहे उपचुनावों में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी (रालोपा) मिलकर चुनाव लड़गे। भाजपा के प्रदेशाध्यक्ष सतीश पूनिया ने आज यहां पत्रकारों को बताया कि नागौर जिले की खींवसर विधानसभा सीट पर रालोपा और झुंझुनू जिले की मंडावा विधानसभा सीट पर भाजपा अपने प्रत्याशी उतारेगी। खींवसर सीट रालोपा के अध्यक्ष हनुमान बेनीवाल और मंडावा सीट भाजपा के नरेंद, खीचड़ के सांसद बनने के बाद रिक्त हुई है।
उन्होंने बताया कि भाजपा गठबंधन धर्म का सम्मान करती है। दिल्ली में भी पार्टी ने राजग के छोटे घटक दलों को सम्मान दिया है और राजस्थान में भी वह ऐसा ही करेगी। श्री पूनिया ने कहा कि लोकसभा चुनाव में भी पार्टी ने रालोपा से गठबंधन करते हुए श्री बेनीवाल के लिये नागौर सीट छोड़ थी जिस पर श्री बेनीवाल भारी बहुमत से निर्वाचित हुए, जबकि भाजपा ने शेष सीटों पर जीत दर्ज करके कांग्रेस का सफाया कर दिया। उन्होंने बताया कि मंडावा में प्रत्याशी दिल्ली से निर्देश मिलने के बाद एक दो दिन में घोषित कर दिया जायेगा।
पार्टी के वरिष्ठ नेता और राजस्थान विधानसभा में विपक्ष के नेता गुलाब चंद कटारिया ने कहा कि पार्टी ने राजग के घटक दल रालोपा के श्री बेनीवाल से बातचीत और सबसे चर्चा के बाद एक होकर चुनाव लड़ना तय किया है। पार्टी ने सहयोगी दलों और गठबंधन के घटक दलों को सम्मान दिया है।
रालोपा के अध्यक्ष हनुमान बेनीवाल ने कहा कि उनकी पार्टी के कार्यकर्ता खींवसर ही नहीं बल्कि मंडावा विधानसभा क्षेत्र में भी भाजपा उम्मीदवार के लिये कल से ही जुट जायेंगे। उन्होंने कहा कि उनकी पार्टी भाजपा के साथ मिलकर कांग्रेस के खिलाफ मजबूती से लड़गी। उनका उद्देश्य फिलहाल कांग्रेस को हराना है। राजस्थान में मुख्यमंत्री गहलोत अपने पुत्र को आगे बढ़ने में जुटे हैं। कानून व्यवस्था की स्थिति कैसी है, यह सभी देख रहे हैं। राज्य में कई मुख्यमंत्री हैं। फिलहाल पंचायत और निकाय चुनावों में भी कांग्रेस का सूपड़ साफ करने की जरूरत है।
श्री बेनीवाल ने कहा कि वह भरोसा दिलाते हैं कि विधानसभा उपचुनाव में उनकी पार्टी पूरी ताकत से लड़गी और पंचायत चुनावों में भी वह कांग्रेस का सफाया करने में भाजपा की मदद करेगी। उन्होंने बताया कि खींवसर में कल रालोपा का उम्मीदवार घोषित कर दिया जायेगा।


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