कांग्रेस की राजस्थान इकाई ने तीन नये कृषि कानूनों के विरोध में जारी किसान आंदोलन के समर्थन में शनिवार को सभी जिला मुख्यालयों पर पद यात्राएं निकाली। यहां इस तरह की पदयात्रा की अगुवाई परिवहन मंत्री प्रतापसिंह खाचरियावास और कांग्रेस के मुख्य सचेतक महेश जोशी ने की। पदयात्रा में कांग्रेस कार्यकर्ता ट्रैक्टर, ऊंटों और हाथियों के साथ भी शामिल हुए।
मुख्यमंत्री अशोक गहलोत और कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा इस मार्च में शामिल नहीं हुए। गहलोत जहां नीति आयोग की शासी परिषद की बैठक में व्यस्त थे तो वहीं डोटासरा ने स्वास्थ्य कारणों से इसमें शामिल होने में असमर्थता व्यक्त की।
खाचरियावास ने संवाददाताओं से कहा,‘‘केंद्र सरकार ये कानून किसानों पर थोपना चाहती है। केंद्र सरकार ने पेट्रोल, डीजल और रसोई गैस सिलेंडर की कीमतें बढ़ाकर आम आदमी की पीठ में छुरा भोंका है।’’ पार्टी नेता के अनुसार इस पदयात्रा का उद्देश्य केन्द्र सरकार द्वारा पारित इन कृषि कानूनों में ‘‘किसान विरोधी प्रावधानों’’ से आमजन को अवगत करवाना है।
इस बीच भाजपा के प्रदेशाध्यक्ष सतीश पूनियां ने कहा कि पैदल मार्च निकालने के बजाय मुख्यमंत्री गहलोत को कर्ज माफी का अपना वादा निभाना चाहिए। पूनियां ने ट्वीट किया,‘‘किसानों के नाम पर पैदल मार्च के बजाए मुख्यमंत्री को किसानों का संपूर्ण कर्जा माफ करने संबंधी अपने उस वादे को पूरा करना चाहिए, जो उनके नेता राहुल गांधी और उन्होंने चुनावी सभाओं में प्रदेश के किसानों से किया था।’’



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