राजस्थान में कोरोना प्रतिरक्षण टीकाकरण की शुरुआत शनिवार से हुई। मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने जयपुर में राज्य स्तरीय कार्यक्रम में इसकी औपचारिक शुरुआत की और लोगों से टीकाकरण के बाद भी सावधानी बनाए रखने की अपील की।
मुख्यमंत्री ने कहा कि जनसंख्या को देखते हुए यह टीकाकरण एक बड़ा अभियान है जिसके पूरा होने में समय लगेगा। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि कोरोना प्रतिरक्षण टीके को लेकर आशंकित होने की जरूरत नहीं है ।
गहलोत ने कहा,’ टीके को लेकर आशंका रखने की जरूरत नहीं, सभी तरह से जांच परीक्षण के बाद टीका आया है। हमें भी जनता को विश्वास दिलाना होगा कि वे घबराए नहीं।‘ उन्होंने कहा, ‘‘इस धारणा के साथ कि टीकाकरण शुरू हो गया, लोग लापरवाह नहीं हों। हमें कोरोना से बचाव के लिए स्वास्थ्य प्रोटोकाल एवं सावधानियों को आगे भी जारी रखना होगा।’’
राजस्थान में कोरोना प्रतिरक्षण का पहला टीका जयपुर के एसएमएस मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डा सुधीर भंडारी को लगाया गया। उन्होंने कहा कि यह पहल कर वह अपने चिकित्साकर्मी साथियों संदेश देना चाहते हैं कि यह टीकाकरण वैज्ञानिक उत्कृष्टता का एक नमूना है सभी तरह के जांच परीक्षण के बाद आया है।
इस बीच प्रदेश के चिकित्सा मंत्री डा रघु शर्मा ने बताया कि टीकाकरण के लिए सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं और सभी जिलों के टीकाकरण केंद्रों के लिए टीके पहुंच चुके हैं। शर्मा ने बताया कि राज्य में 161 स्थलों के अतिरिक्त जयपुर जिले के छह स्थलों पर टीकाकरण होगा।
13 जनवरी तक राजस्थान को दो कंपनियों के करीब 5 लाख 63 हजार टीके प्राप्त हुए हैं जबकि टीकाकरण के लिए कोविन सॉफ्टवेयर में राज्य से छह लाख से अधिक लाभार्थियों का डेटा अपलोड किया जा चुका है।


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