राजस्थान में आरक्षण की मांग को लेकर एक बार फिर गुर्जर समाज सड़कों पर उतरने की तैयारी कर रहा है। आरक्षण संघर्ष समिति के मुखिया कर्नल किरोरीसिंह बैंसला ने सरकार को अल्टीमेटम देते हुए कहा कि यदि गुर्जर समाज को 5 % आरक्षण नहीं दिया गया तो 15 मई से बयाना से आंदोलन शुरु होगा। गुर्जर समाज के लोगों को सरकार पर आरक्षण की मांग पर दबाव बनाने के लिए 15 मई को ‘पीलू का पुरा’ में आयोजित महापड़ाव में शामिल होने का अह्वान किया गया है।
गुर्जर नेता कर्नल किरोड़ी सिंह बैंसला ने कहा कि 21 मई से पहले राजस्थान के विभिन्न इलाकों में सड़कों पर उतरेंगे। आगामी विधानसभा चुनाव को देखते हुए वसुंधरा सरकार के लिए इस आंदोलन से निपटना बड़ी चुनौती हो सकती है।
गुर्जर नेता कर्नल किरोड़ी सिंह बैंसला ने कहा कि सरकार हमें 5 फीसदी आरक्षण देती है। सभी वैकेंसियों में हमारे साथ अन्याय किया जा रहा है। हमलोग 21 मई से पहले पटोली, पीपलखेड़ा, दौसा, सिकंदरा, कोटपुतली, अजमेर, पाली, जालोर, भीलवाड़ा और सवाई माधोपुर में आंदोलन की शुरुआत करेंगे।
गौरतलब है कि इससे पहले भी गुर्जर समाज द्वारा बुलाए गए तीनों आंदोलनों की शुरुआत किरवाड़ी से ही हुई थी। आरक्षण की मांग को लेकर यह गुर्जरों का चौथा आंदोलन होगा।
आपको बता दें कि गुर्जर समाज सभी सरकारी नौकरियों में आरक्षण की मांग को लेकर चौथी बार आंदोलन करने वाला हैं। इससे पहले भी गुर्जर समाज ने आंदोलन किया था लेकिन कोर्ट ने गुर्जर की मांग को पहले भी तीन बार रद्द कर दिया था।
क्योंकि संविधान के अनुसार और सु्प्रीम कोर्ट के दिशानिर्देशानुसार कुल 50 फीसदी से ज्यादा आरक्षण नहीं दिया जा सकता। इसलिए इस बार गुर्जर समाज ओबीसी में ही अपने लिए पांच फीसदी आरक्षण की सीमा तय करने की मांग कर रहा है। आपको बता दें कि पहले भी हुए आंदोलनों में 80 से ज्यादा लोग अपनी जान गवा चुके है।
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