पैरों में गिर गया बेटा, सीने से लिपटी बेटी…कोटा में 15 साल बाद मां से मिलन, भावुक कर देगा Video

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Kota Family Reunion: राजस्थान के कोटा से एक भावुक करने वाली खबर सामने आई है। इस खबर को सुनते ही आप एक पल के लिए भावुक हो जाएंगे। खबर कुछ ऐसी है कि कोटा स्थित ‘अपना घर आश्रम’ में एक ऐसा भावुक पल देखने को मिला जिसने वहां के हर व्यक्ति की आंखें नम कर दीं। पिछले लगभग 15 सालों से अपने परिवार से दूर और बिछड़ी महिला आखिरकार अपने परिवार से मिली है, महिला की मानसिक स्थिति काफी हद तक सही नहीं थी। जैसे ही महिला अपने पति और बेटे और बेटी से मिली तो पूरा माहौल वहां का…

Kota Family Reunion: राजस्थान के कोटा से एक भावुक करने वाली खबर सामने आई है। इस खबर को सुनते ही आप एक पल के लिए भावुक हो जाएंगे। खबर कुछ ऐसी है कि कोटा स्थित ‘अपना घर आश्रम’ में एक ऐसा भावुक पल देखने को मिला जिसने वहां के हर व्यक्ति की आंखें नम कर दीं। पिछले लगभग 15 सालों से अपने परिवार से दूर और बिछड़ी महिला आखिरकार अपने परिवार से मिली है, महिला की मानसिक स्थिति काफी हद तक सही नहीं थी। जैसे ही महिला अपने पति और बेटे और बेटी से मिली तो पूरा माहौल वहां का भावुक हो गया। मानों खोई हुई कीमती चीजें तो आपसे बहुत दूर चली गई थी वह अब आपके पास है।

Missing Mother Found After 15 Years: 15 साल की गुमनामी की कहानी (Pratapgarh Woman Found)

Kota Family Reunion (credit-sm)

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, यह महिला उत्तर प्रदेश की रहने वाली थी। मानसिक दिक्कत और बीमारी की वजह से वह अचानक घर से काफी दूर कही चली गई थी। लंबे समय लगभग वह 15 साल से लापता रही। इस कड़ी में महिला का जीवन बेहद कठिन रहा और वह कई सालों तक सड़कों पर लावारिस भटकती रही, जिसके बाद महिला कोटा पहुंची और ‘अपना घर आश्रम’ की टीम ने उसे रेस्क्यू कर लिया और उसे सुरक्षित रखा।

Jhalawar missing women case: याददाश्त लौटने पर हुआ चमत्कार

आश्रम में डॉक्टरों और काउंसलरों की लगातार देखभाल और इलाज के बाद, धीरे-धीरे उसकी याददाश्त लौटने लगी। हाल ही में हुए एक काउंसलिंग सत्र के दौरान, उसने अपने गाँव और परिवार के बारे में कुछ अहम जानकारियाँ साझा कीं, जिनके आधार पर आश्रम प्रशासन उसके रिश्तेदारों का पता लगाने में सफल रहा। जब सालों से बिछड़ा हुआ यह परिवार आखिरकार आमने-सामने आया, तो यह किसी चमत्कार से कम नहीं लगा; यह मिलन न केवल उस परिवार के लिए, बल्कि वहाँ मौजूद हर व्यक्ति के लिए एक भावनात्मक रूप से अविस्मरणीय अनुभव बन गया।

Shivangi Shandilya

शिवांगी शांडिल्य पत्रकारिता में पिछले 2 वर्षों से सक्रिय हैं। राजनीति, विदेश, क्राइम के अलावा आद्यात्मिक खबरें लिखना पसंद हैं। गलगोटिया विश्वविद्यालय से बैचलर ऑफ मास कम्यूनिकेशन की पढ़ाई पूरी की है। IGNOU से मास्टर ऑफ मास कम्यूनिकेशन की पढ़ाई जारी है। इस दौर में वेबसाइट पर लिखने का कार्य जारी है। पत्रकारिता की शुरुआत इंडिया न्यूज़ (इनखबर) से हुई, जहां बत्तौर हिन्दी सब-एडिटर के रूप में वेबसाइट पर काम किया। वर्तमान में पंजाब केसरी दिल्ली में हिन्दी सब-एडिटर के तौर पर काम कर रहे हैं। बिहार के मुजफ्फरपुर जिले में जन्म लेने वाली शिवांगी की शिक्षा उनके गृह जिले में ही हुई है। शिवांगी को राजनीतिक घटनाक्रम पर आलेख लिखना बेहद पसंद है।