राजस्थान में अशोक गहलोत बनाम सचिन पायलट की लड़ाई थमने का नाम नहीं ले रही। कुछ दिनों की शांति के बाद राज्य में आपसी गुटबाज़ी का ज्वालामुखी एक बार फिर धधकने लगा है। पायलट कैंप के विधायक रामनिवास गावड़िया ने मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के करीबी धर्मेंद्र राठौड़ को दलाल बताकर नए विवाद को जन्म दे दिया।
परबतसर विधायक रामनिवास गावड़िया का एक वीडियो वायरल हुआ जिसमें वह कहते हुए दिखाई दे रहे हैं कि सीएम गहलोत ने जूते- चप्पल उठाने वाले को आरटीडीसी का चैयरमेन बनाया है। विधायक गावड़िया ने हालांकि, गहलोत के करीबी धर्मेद्र राठौड़ का नाम नहीं लिया है, लेकिन इशारा उन्ही की तरफ माना जा रहा है।
विधायक रामनिवास गावड़िया ने आगे कहा कि राठौड़ बीजेपी के कार्यक्रमों में जा रहे हैं। इन्हें बीजेपी और कांग्रेस से कोई मतलब नहीं है। सिर्फ अपने फायदे के लिए दलाली करनी है। वे कोई जन नेता नहीं हैं। ये लोग तो चापलूसी करके नेता बने हैं या फिर इन्हें कागजी नेता कह सकते हैं।
उन्होंने आगे कहा कि वह दिल्ली हाई कमान तक यह बात पहुंचाएंगे कि चप्पल जूते उठाकर सेवा चाकरी करने वाले को RTDC चेयरमैन तो बना दिया गया, लेकिन वो पार्टी को नुकसान पहुंचा रहे हैं। हम कांग्रेस के निष्ठावान कार्यकर्ता हैं। किसी भी सूरत में पार्टी का नुकसान होता नहीं देख सकते।
गावड़िया के आरोप पर धर्मेंद्र राठौड़ की प्रतिक्रिया
गावड़िया के BJP के कार्यकम में शामिल होने के आरोपपत्र RTDC चेयरमैन धर्मेंद्र राठौड़ ने कहा उन्होंने जिस कार्यक्रम में शिरकत की, वह कार्यक्रम राजनीतिक नहीं, सामाजिक था। परबतसर में राजपूत समाज की ओर से दीपावली स्नेह मिलन कार्यक्रम आयोजित किया गया था। सामाजिक कार्यक्रम में तो हर पार्टी से जुड़ा समाज का सदस्य आता है। वो किसी भी राजनीतिक दल से जुड़ा हो सकता है। सामाजिक कार्यक्रम को लेकर राजनीति करना गलत है।


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