सुखोई-30 लड़ाकू विमान में उड़ान भरने वाली पहली रक्षा मंत्री बनीं निर्मला सीतामरण

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नौसेना के विमानवाहक पोत आई एन एस विक्रमादित्य में नौसेना की मारक क्षमता का जायजा लेने के बाद रक्षा मंत्री निर्मला सीतारमण ने आज वायु सेना के लड़कू बेड़ के प्रमुख विमान सुखोई में उड़ान भर वायु सेना की ताकत को परखा। वायु सेना के अनुसार श्रीमती सीतारमण ने आज दोपहर जोधपुर वायु सेना स्टेशन से लड़कू विमान सुखोई-30 एमकेआई में उड़ान भरी। उड़ान भरने के समय उन्होंने पायलट द्वारा पहना जाने वाला जी सूट पहना हआ था। उड़ान से पहले पायलट ने कॉकपिट में उन्हें सुखोई की कार्य प्रणालियों तथा उड़ान से संबंधित अन्य जानकारी दी।

लड़कू विमान में उड़ान भरने वाली वह देश की पहली महिला रक्षा मंत्री हैं। रक्षा मंत्री की यह उड़ान तीनों सेनाओं की सैन्य संचालन तैयारियों और लड़कू क्षमता की समीक्षा की योजनाओं का हिस्सा है। देश की पहली पूर्ण रक्षा मंत्री के तौर पर मंत्रालय की जिम्मेदारी संभालने के बाद से ही श्रीमती सीतारमण ने तीनों सेनाओं की तैयारियों और जरूरतों का जायजा लेने के लिए अग्रिम मोर्चों तथा अन्य सैन्य ठिकानों का दौर कर रही हैं।

इसी के तहत उन्होंने गोवा के निकट नौसेना की ताकत और मारक क्षमता की जानकारी हासिल करने के लिए पिछले सप्ताह ही दो दिन तक गोवा के निकट नौसेना के संचालन अभ्यास का निरीक्षण किया था। इस दौरान वह रात में विमानवाहक पोत आईएनएस विक्रमादित्य में रूकी थी। इससे पहले चीन से लगती सीमा पर अग्रिम चौकियों का व्यापक दौर कर चुकी हैं। वह वायु सेना के अग्रिम ठिकानों पर भी गयी हैं।

सुखोई -30 एमकेआई दो सीट वाला भारतीय वायुसेना का अग्रिम पंक्ति का लड़कू विमान है और यह पिछले 15 वर्ष से अधिक समय से वायु सेना के बेड़ की शान बढ़ रहा है। सुखोई-30, 2600 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से 3000 किमी की दूरी तक जा कर मार कर सकता है। सुखोई-30 से एक साथ 12 बम या प्रक्षेपास्त्र दागे जा सकते हैं। विमान में 30 एमएम की एक तोप भी लगी है।

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