देशभर में कोरोना का प्रकोप जारी है। वायरस से निपटने के लिए केंद्र और राज्यों की सरकारें हरसंभव कोशिश कर रही है। इस बीच, राजस्थान देश का पहला ऐसा राज्य बन गया है जो कोरोना की जांच के लिए रैपिड टेस्टिंग किट से कर रहा है। चिकित्सा एवं स्वास्थ्य मंत्री डॉ. रघु शर्मा ने आज यह जानकारी देते हुए बताया कि पहले दिन जयपुर की तोपखाना (जाजू डिस्पेंसरी) शहरी स्वास्थ्य केंद्र में 52 लोगों का सैंपल लिया गया। सभी की रिपोर्ट नेगेटिव आई है।
उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री अशोक गहलोत की मंशा थी कि ज्यादा से ज्यादा कोरोना की जांचें हो ताकि वास्तविक स्थिति का पता चल सके और कोरोना की रोकथाम के लिए प्रभावी कदम उठाए जा सकें। उन्होंने कहा कि शुक्रवार को किट मिलते ही जांच प्रक्रिया शुरू कर दी गई। यह अच्छी बात है कि पहले दिन सभी जांचों की रिपोर्ट नेगेटिव आई है। डॉ. शर्मा ने कहा कि रैपिड टेस्ट कोरोना प्रमाणित नहीं करता है लेकिन इससे हम पॉजीटिव आए व्यक्ति को तुरंत आइसोलेट कर सकते हैं ताकि वह संक्रमण ना फैला सके।
उन्होंने बताया कि सबसे पहले इस किट का इस्तेमाल प्रदेश के हॉटस्पॉट बने कल्स्टर्स के आसपास कंटेनमेंट और बफर जोन में किया जाएगा। उसके बाद प्रदेश भर में चरणबद्ध तरीके से जांचों में तेजी लाई जाएगी। इसके अलावा सुपर स्प्रेडर यानी ज्यादा लोगों के संपर्क में आने वाले लोग मसलन डेयरी वाला, सब्जी वाला, किराना वाला आदि लोगों की जांच भी इस किट के जरिए की जाएगी। उन्होंने बताया कि रैपिड टेस्टिंग किट के अलावा प्रदेश में पीसीआर (सामान्य जांच) जारी रहेगी। शर्मा ने बताया कि प्रदेश में अबतक 43000 लोगों के सैंपल लिए जा चुके हैं और प्रदेश जांचों के मामले में देश भर में अग्रणी है। उन्होंने कहा कि ज्यादा सैंपल लेने से हो सकता है आने वाले दिनों में पॉजिटिव केसेज की संख्या में बढ़ोतरी हो लेकिन इससे स्थिति की वास्तविकता का पता चल सकेगा और सरकार प्रभावी फैसले ले सकेगी।
बता दें, राजस्थान में कोरोना से संक्रमितों की संख्या 1131 तक पहुंच गई है जबकि 11 लोगों की मौत हो चुकी है। वहीं, कुल 164 लोग इस वायरस से ठीक होकर अपने घर लौट चुके हैं। वहीं, देशभर में कोरोना वायरस की चपेट में अबतक कुल 13,835 लोग आ चुके हैं और 452 लोगों की मौत हो चुकी है। साथ ही इस वायरस से अबतक कुल 1,767 लोग ठीक होकर अपने घर लौट चुके हैं।


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