राजस्थान के राज्यपाल कलराज मिश्र ने कहा है कि किसान परम्परागत खेती के स्थान पर व्यावसायिक खेती करें। इसके साथ ही उन्होंने कृषि वैज्ञानिकों से उत्पादों के मूल्य संवर्धन एवं विपणन की ओर भी ध्यान देने की जरूरत पर बल देने को कहा। मिश्र शुक्रवार को बीकानेर में कृषि विश्वविद्यालय में एक संगोष्ठी को संबोधित कर रहे थे।
उन्होंने कहा कि खेती की लागत कम हो तथा उत्पादन एवं आय बढ़े, इसके लिए कृषि वैज्ञानिकों को नई तकनीकें इजाद करनी होंगी तथा किसानों तक तकनीक पहुंचानी होगी। राज्यपाल ने कहा कि आज भू-जल लगातार घट रहा है। ऐसे समय में जल का उचित उपयोग करते हुए अधिकाधिक उत्पादन लेना बड़ी चुनौती है। कम पानी वाली फसलें लेने के साथ किसानों को बागवानी, सब्जी उत्पादन, फ्लोरीकल्चर और मधुमक्खी पालन जैसे आयाम भी अपनाने होंगे।
उन्होंने कहा कि आज अनेक प्रगतिशील किसानों, खासकर महिलाओं ने समन्वित खेती प्रणाली का उपयोग करते हुए अपनी आय में इजाफा किया है। यह एक मिसाल है। उन्होंने कहा कि वैज्ञानिक खेतों तक जाएं। मिट्टी के स्वास्थ्य का परीक्षण करें तथा इसके अनुरूप कार्य योजना बनायें।


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