राजस्थान से कई बार पेपर लीक, नक़ल करने सम्बंधित खबरे आ ही जाती है. जिसको लेकर कई कानून बनाएं गए हैं. ताकि कोई दोबारा पेपर लीक और नक़ल करने जैसी हरकत न करें. लेकिन फिर भी पेपर लीक होने और नक़ल करने अथवा पकड़े जाने लोगों की तादाद लगातार बढ़ती ही जा रही है. जिस कारण पेपर लीक और नकल के खिलाफ बने कानून में संशोधन में कई ऐसी सजाएं निर्धारित कर दी गयी है, जिसके सुनाने के बाद शायद ही कोई दोबारा ऐसा करने के बारे में सोचेगा.
दोषी को मिलेगी ये सज़ा
राजस्थान में आरपीएससी, चयन बोर्ड, अधीनस्थ बोर्ड जैसी परीक्षाओं में पेपर लीक करने और नकल करने सरकार ने लांखों युवाओं को सम्बल देने की कोशिश की है. जहां राजस्थान सरकार ने हो रहे पेपर लीक और नकल पर पूर्ण तरीके से लगाम लगाने के लिए पिछले वर्ष 5 अप्रेल को जो कानून संशोधित किया गया था उसे और भी सख्त और कड़ा बना दिया गया है. जिसमें दोषी पाए जाने पर उम्रकैद के साथ-साथ10 लाख रूपए से लेकर 10 करोड़ रुपए तक जुर्माना बढ़ा दिया गया है. जिसमें आरोपी को उम्रकैद की सज़ा होगी या फिर जुर्माना भरना पड़ेगा.
सबसे ज़्यादा पेपर लीक होने वाला राज्य बना गुजरात
सदन में हो रही चर्चा में संसदीय कार्यमंत्री शांति धारीवाल ने अकहा की राजस्थान की हालत देखकर ही नए कानून लाये गए जिसमे सज़ा की अवधि के साथ-साथ जुरमाना भी बढ़ा साथ उन्होंने ये भी कहा की इस आरोप में उत्तर-प्रदेश सिर्फ 3 महीने की सज़ा ही है. वहीँ झारखण्ड और गुजरात में तीन-तीन साल की सज़ा का प्रावधान है. उन्होंने आगे बताया की गुजरात में 20 से ज़्यादा बार पेपर लीक हो चुके हैं.


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