पीएम मोदी ने जबसे राजस्थान का दौरा किया है तबसे ही सीएम गहलोत में लाल डायरी का डर बैठ गया है। दरअसल पीएम मोदी ने बीते दिनों राजस्थान का दौरा किया था इस दौरान उन्होंने लाल डायरी का जिक्र करते बहुए कहा था की जिस दिल लाल डायरी के पन्ने खुले उस दिन अच्छे अच्छे निपट जाएंगे। इसलिए राजस्थान की राजनीति में लाल डायरी अशोक गहलोत सरकार के लिए गले की फांस बन गई है। विधानसभा चुनाव से पहले राजस्थान की सियासत में मचा ये बवाल गहलोत सरकार के लिए किसी बड़े खतरे से कम नहीं है।
लाल डायरी नई मुसीबत बन कर सामने आ गई
इसी बीच लाल डायरी एक नई मुसीबत बन कर सामने आ गई है। अब ऐसे में सवाल उठ रहे हैं कि सियासत के ‘जादूगर’ कहे जाने वाले अशोक गहलोत इस लाल डायरी से खुद को कैसे बचाएंगे। अब कई लोगों के मन में सवाल होंगे की आखिर इस लाल डायरी एसा क्या है जिसकी चर्चा राजस्थान की सियासत में हो रही है।
धर्मेंद्र राठौड़ के यहां इनकम टैक्स को लेकर डायरी में जिक्र
इस लाल डायरी से जानकारी मिली है कि डायरी में कहा गया है कि यह पूरी कहानी गहलोत के करीबी धर्मेंद्र राठौड़ के यहां इनकम टैक्स छापे के उपर है । बताया जाता है कि धर्मेंद्र राठौड़ अपनी हर बात डायरियों में लिखते हैं। ऐसे में राठौड़ को डर था कि कहीं उनके राज न खुल जाए, इसलिए उन्होंने पुलिस की मदद से डायरियों को वहां से निकालने की कोशिश की।
कुछ डायरियां अभी भी इनकम टैक्स के पास
हालांकि उनकी कोशिश फेल हो गई और इनकम टैक्स अधिकारियों ने पुलिस को हस्तक्षेप करने से साफ मना कर दिया। इसके बाद राजेंद्र गुढ़ा और धीरज गुर्जर अन्य पुलिसकर्मियों के साथ वहां पहुंचे। उनके साथ करणी सेना के कई कार्यकर्ता भी थे। इस दौरान इनकम टैक्स अधिकारियों और धीरज गुर्जर के बीच तीखी बहस भी हो गई। गुढ़ा का दावा है कि उन्होंने इस सारे खेल के बीच लाल डायरी जला दी थी, लेकिन कुछ डायरियां अभी भी उनके पास है।
राजेंद्र गुढ़ा ने लाल डायरी को लेकर लगाए आरोप
राजेंद्र गुढ़ा ने कहा कि धर्मेंद्र राठौर ने दो नंबर में लेन-देन किया। इस डायरी में सीएम के साथ-साथ वैभव गहलोत का भी नाम है। इसमें विधायकों को खरीदने के लिए कितने पैसे खर्च किए गए सबका लेखा-जोखा है। एसे में अगर गुढ़ा के आरोप सही साबित होते हैं तो अशोक गहलोत सरकार के लिए मुसीबत खड़ी हो सकती है। गुढ़ा की बर्खास्तगी के बाद बीजेपी ने भी कांग्रेस पर आरोप लगाने शुरू कर दिए हैं।
चुनाव में हो सकता है नुकसान
ऐसे में राजस्थान विधानसभा चुनाव में कांग्रेस की इस कमजोरी का बीजेपी को काफी फायदा हो सकता है। वहीं कांग्रेस भी इस संग्राम में खुद को बचाने की पूरी कोशिश करती नजर आ रही है। कांग्रेस नेताओं का कहना है कि गुढ़ा तीन साल तक क्यों चुप रहे’ गहलोत सरकार में मंत्री के पद से हटाने के बाद ही उनका जमीर क्यों जागा है’ राजेंद्र गुढ़ा और राजस्थान सरकार के बीच ये सियासी जंग अब क्या मोड़ लेती है ये देखना अभी बाकी है।
राजस्थान चुनाव से पहले अशोक गहलोत के लिए मुसीबत बन गई लाल डायरी?
Summary :
पीएम मोदी ने जबसे राजस्थान का दौरा किया है तबसे ही सीएम गहलोत में लाल डायरी का डर बैठ गया है। दरअसल पीएम मोदी ने बीते दिनों राजस्थान का दौरा किया था इस दौरान उन्होंने लाल डायरी का जिक्र करते बहुए कहा था की जिस दिल लाल डायरी के पन्ने खुले उस दिन अच्छे अच्छे निपट जाएंगे। इसलिए राजस्थान की राजनीति में लाल डायरी अशोक गहलोत सरकार के लिए गले की फांस बन गई है। विधानसभा चुनाव से पहले राजस्थान की सियासत में मचा ये बवाल गहलोत सरकार के लिए किसी बड़े खतरे से कम नहीं है।


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