कांग्रेस आलाकमान द्वारा सचिन पायलट को राजस्थान का अगला मुख्यमंत्री बनाने की संभावना के बीच अशोक गहलोत के समर्थक 90 विधायकों ने अपना इस्तीफा सौंप दिया। राजस्थान में इस मुद्दे को लेकर सियासी भूचाल मचा हुआ है। इस बीच जोधपुर में ‘सत्यमेव जयते, नए युग की तैयारी’ के साथ सचिन पायलट के पोस्टर लग चुके हैं।
कांग्रेस अध्यक्ष पद के चुनाव को लेकर राजस्थान की सियासत में तूफान खड़ा हो गया है। गहलोत के अध्यक्ष पद की दावेदारी के बीच सचिन पायलट को राजस्थान की गद्दी सौंपने के आलाकमान के फैसले के खिलाफ गहलोत गुट ने बगावती तेवर दिखा दिए हैं। गहलोत गुट के विधायकों के इस रवैये ने कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी को नाराज किया है।
गहलोत गुट के विधायकों के रवैये से सोनिया नाराज
दरअसल, सोनिया ने इस मामले को सुलझाने के लिए मल्लिकार्जुन खड़गे और अजय माकन को हर एक बागी विधायक से बात करने के निर्देश दिए। हालांकि, विधायकों ने दोनों नेताओं के सामने कुछ शर्तें रखते हुए मिलने से इनकार कर दिया। विधायकों के इन तेवरों से सोनिया गांधी काफी नाराज हो गई है। अब उन्होंने फैसला कर लिया है कि वो किसी के सामने झुकेंगी नहीं।
दरअसल, बीते दिन विधायक दल की बैठक में सचिन पायलट को नया सीएम चुना जा रहा था, लेकिन उससे पहले ही गहलोत गुट के 82 विधायकों ने यह कहते हुए इस्तीफा विधानसभा स्पीकर सीपी जोशी को सौंप दिया की वो किसी भी हाल में पायलट को अपना नेता नहीं मानने वाले है। हालांकि तब तक सचिन पायलट को लेकर पार्टी की ओर से कोई आधिकारिक ऐलान नहीं हुआ था।


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