राजस्थान सरकार को सुप्रीम कोर्ट का नोटिस, शाही परिवार की याचिका पर सुनवाई

Summary :

जयपुर टाउन हॉल मामले में सुप्रीम कोर्ट का नोटिस

सुप्रीम कोर्ट ने राजस्थान सरकार को नोटिस जारी किया है, जिसमें पूर्व राजपरिवार की याचिका पर सुनवाई होगी। याचिका में जयपुर के टाउन हॉल की संरचनात्मक परिवर्तनों पर यथास्थिति बनाए रखने की मांग की गई है। शाही परिवार का दावा है कि यह उनकी निजी संपत्ति है, जिसे राज्य सरकार लाइसेंस पर इस्तेमाल कर रही थी।

सुप्रीम कोर्ट ने राजस्थान सरकार को पूर्व राजपरिवार द्वारा दायर याचिका पर नोटिस जारी किया, जिसमें जयपुर के टाउन हॉल, राज्य विधानसभा की पुरानी इमारत में किए जा रहे संरचनात्मक परिवर्तनों पर यथास्थिति बनाए रखने की मांग की गई थी। राजमाता पद्मिनी देवी, दीया कुमारी और सवाई पद्मनाभ सिंह सहित पूर्व शाही परिवार के सदस्यों ने दावा किया है कि यह इमारत उनकी निजी संपत्ति है, क्योंकि यह जयपुर के पूर्व महाराजा की थी और राज्य सरकार द्वारा लाइसेंस पर विधानसभा के रूप में इसका इस्तेमाल किया जाता था। दायर की गई याचिका पर जस्टिस प्रशांत कुमार मिश्रा और ऑगस्टीन जॉर्ज मसीह की पीठ ने यह भी कहा कि राजस्थान सरकार इस मामले में तब तक देरी नहीं करेगी जब तक कि शीर्ष अदालत द्वारा याचिका पर फैसला नहीं हो जाता। पक्षों को सुनने के बाद, SC ने मामले की सुनवाई आठ सप्ताह बाद तय की।

इमारत का हेरिटेज लुक बदल जाएगा

पूर्व राजपरिवार के सदस्यों ने राजस्थान उच्च न्यायालय द्वारा पारित अंतरिम आदेश को चुनौती देते हुए शीर्ष अदालत का रुख किया था, जिसमें उनकी याचिका खारिज कर दी गई थी। याचिकाकर्ताओं ने आरोप लगाया है कि राज्य सरकार उक्त संपत्ति पर एक संग्रहालय बनाना चाहती है, जिससे इमारत का हेरिटेज लुक बदल जाएगा। इसलिए, याचिकाकर्ताओं ने इमारत में कथित बदलावों पर यथास्थिति बनाए रखने की मांग की।

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इमारत का स्वामित्व कभी भी सरकार को हस्तांतरित नहीं किया गया

उच्च न्यायालय ने अपने आदेश में ट्रायल कोर्ट के इस रुख को बरकरार रखा था कि संपत्ति के आधिकारिक उपयोग पर व्यापक रूप से विचार किया जाना चाहिए। सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ताओं की ओर से पेश हुए वकील ने कहा कि यह संपत्ति जयपुर के तत्कालीन महाराजा की थी, जो उस समय के शासकों के बीच हुए समझौते के अनुसार थी। याचिकाकर्ताओं के अनुसार, राज्य सरकार इस समझौते का हिस्सा नहीं थी और इसलिए इस इमारत का स्वामित्व कभी भी सरकार को हस्तांतरित नहीं किया गया। शाही परिवार के सदस्यों ने तर्क दिया है कि सरकार लाइसेंसधारी के रूप में आधिकारिक काम के लिए इमारत का इस्तेमाल कर रही थी।

Himanshu Negi

हिमांशू नेगी को देश-विदेश, बिजनेस, ऑटो, टेक और गैजेट्स से जुड़ी खबरें लिखने का अच्छा अनुभव है। उन्होंने GGSIPU से संबद्ध LLDIMS कॉलेज से बैचलर ऑफ मास कम्युनिकेशन (BJMC) की पढ़ाई की है। इसके बाद HNBGU Central University से मास्टर ऑफ मास कम्युनिकेशन (MAJMC) पूरा किया और पत्रकारिता की शुरुआत की। दैनिक जागरण और IJCP Pvt Ltd. में इंटर्नशिप करने के बाद उन्होंने सुदर्शन टीवी चैनल में 9 PM शो के लिए प्रोड्यूसर के तौर पर काम किया। वर्तमान में वह पंजाब केसरी, दिल्ली में हिंदी सब-एडिटर के पद पर कार्यरत हैं।