Rajasthan: सिविल कोर्ट की तरफ से राजस्थान के अजमेर शरीफ दरगाह में सर्वे कराने का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। इसको लेकर भारतीय जनता पार्टी के नेता एवं राजस्थान के पूर्व पार्टी प्रदेश अध्यक्ष अरुण चतुर्वेदी ने गुरुवार को मीडिया एजेंसी से बात की। भाजपा नेता अरुण चतुर्वेदी ने कहा कि इतिहास को बहुत बुरी तरह तोड़ा गया और कई सदियों तक हिंदू मंदिरों पर योजनाबद्ध तरीके से हमले हुए। इसके बाद कहीं ना कहीं इसे मस्जिद या किसी मजार के रूप में बनाने का काम हुआ। कई लोगों ने इतिहास को बदलने और छिपाने का प्रयास किया।
अलग-अलग न्यायालयों में याचिका दायर
लेकिन, इस विषय पर न्याय प्रक्रिया में सभी को विश्वास है, अलग-अलग न्यायालयों में याचिका दायर की जा रही है, अब न्यायालय ने पुरातत्व विभाग को निर्देश दिए हैं, जो चीजें निकल कर सामने आएगी, वो सर्वमान्य होगा। अजमेर दरगाह शरीफ में सर्वे को लेकर डाली गई याचिका को लेकर उन्होंने बोला कि न्यायालय के पास विषय है। एक याचिका दायर हुई है। कानून को अपना काम करने दें, इसमें हस्तक्षेप नहीं करना चाहिए। जो भी न्यायालय का निर्णय होगा, हम स्वीकार करेंगे।
मामले को लेकर राजनीतिक बयानबाजी तेज
बता दें कि अभी उत्तर प्रदेश के संभल में मस्जिद विवाद का मामला शांत भी नहीं हुआ था कि राजस्थान के अजमेर शरीफ दरगाह का मामला कोर्ट पहुंच गया। इसमें हिंदू पक्ष की तरफ से लगाई गई अर्जी में दरगाह को महादेव का मंदिर बताया गया। कोर्ट ने अर्जी को स्वीकार करते हुए सभी पक्षों को नोटिस जारी कर दिया है और जवाब मांगा है। अब इस मामले की अगली सुनवाई 20 दिसंबर को होगी। अजमेर शरीफ दरगाह मामले के प्रकाश में आने के बाद अब इसको लेकर राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है।


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