मोहसिन नकवी से ट्रॉफी न लेने की BCCI ने बताई वजह, जानें Indian Womens Team ने ऐसा क्यों किया?

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BCCI सचिव देवजीत सैकिया ने कहा कि पहलगाम हमले के बाद भारत-पाकिस्तान संबंध और बिगड़े, इसलिए टीम इंडिया ने मोहसिन नकवी से ट्रॉफी नहीं ली। उन्होंने साफ किया कि ट्रॉफी से ज्यादा देशवासियों की भावनाओं और सम्मान को प्राथमिकता दी गई है। महिला एशिया कप 2026 में भारत अजेय रहा और श्रीलंका को हराकर आठवीं बार एशियाई चैंपियन बना।

इंडियन वुमेन क्रिकेट टीम द्वारा एशिया कप की ट्रॉफी एशियन क्रिकेट काउंसिल (ACC) के चीफ मोहसिन नकवी के हाथों से एक्सेप्ट न करने के मामले पर अब BCCI का रिएक्शन सामने आया है। बोर्ड के सेक्रेटरी देवजीत सैकिया ने कहा है कि अप्रैल 2025 में हुए पहलगाम आतंकी हमले के बाद भारत और पाकिस्तान के रिश्तों में और तनाव बढ़ गया था। ऐसे में देशवासियों के इमोशन्स और सम्मान को ध्यान में रखते हुए यह फैसला लिया गया है।

BCCI Reveals The Reason Behind Not Accepting Asia Cup: ‘पहलगाम हमले के बाद बदल गई पूरी सिचुएशन’

एक न्यूज एजेंसी से बातचीत के दौरान देवजीत सैकिया ने कहा कि एशिया कप की ट्रॉफी को लेकर विवाद की सिचुएशन पहले भी सामने आ चुकी है। उन्होंने याद दिलाया कि करीब डेढ़ साल पहले मेन्स टीम ने भी एशिया कप जीता था, लेकिन अप्रैल 2025 में पहलगाम हमले के बाद हालात पूरी तरह बदल गए।

सैकिया ने 28 सितंबर 2025 को दुबई इंटरनेशनल स्टेडियम में खेले गए भारत-पाकिस्तान एशिया कप फाइनल का भी जिक्र किया। उस मुकाबले में भारत ने पाकिस्तान को पांच विकेट से हराया था, मैच के बाद प्रेजेंटेशन सेरेमनी में एक घंटे से ज्यादा की देरी हुई थी और बाद में मोहसिन नकवी ट्रॉफी अपने साथ लेकर चले गए थे। इस घटना को लेकर उनको काफी क्रिटीसाइज़ भी किया गया था।

क्यों नहीं ली मोहसिन नकवी के हाथों से ट्रॉफी?

Why Womens Team Doesnt Take Trophy From Mohsin Naqvi
Why Womens Team Doesnt Take Trophy From Mohsin Naqvi (Source: Google)

मोहसिन नकवी से ट्रॉफी एक्सेप्ट न करने के फैसले पर सैकिया ने कहा कि भारत और पाकिस्तान के रिश्ते पहले से ही खराब हैं और पहलगाम हमले के बाद सिचुएशन और सीरियस हुई है। उन्होंने कहा कि जब पाकिस्तान के एक चीफ राजनेता भारत के खिलाफ काम कर रहे हों, तो भारतीय टीम उनके हाथों से ट्रॉफी एक्सेप्ट नहीं कर सकती। BCCI सचिव ने यह भी साफ किया कि मेन्स एशिया कप के दौरान भी इंडियन टीम ने नकवी के हाथों से ट्रॉफी नहीं ली थी। इस बार वुमेन टीम ने भी उसी रुख को अपनाते हुए उनके हाथों से ट्रॉफी लेने से इनकार किया।

‘ट्रॉफी हाथ में हो या नहीं, इससे फर्क नहीं पड़ता’

Devjit Saikia Statement On Women's Asia Cup
Devjit Saikia Statement On Women’s Asia Cup (Source: Google)

देवजीत सैकिया अपनी बात जारी रखते हुए आगे कहा कि ट्रॉफी हाथ में लेने या न लेने से भारतीय क्रिकेट की अचीवमेंट पर कोई असर नहीं पड़ता। उनका ध्यान अब आने वाली बड़ी चुनौतियों और खास तौर पर 2028 टी-20 वर्ल्ड कप की तैयारियों पर है। उन्होंने कहा कि टीम ने पूरे टूर्नामेंट में शानदार प्रदर्शन किया है और फाइनल में श्रीलंका को एकतरफा अंदाज में हराकर बेहतरीन अचीवमेंट हासिल की है। उनके मुताबिक, पूरी दुनिया ने देखा है कि भारतीय टीम ने किस तरह बेहतरीन क्रिकेट खेलकर खिताब अपने नाम किया है।

पूरे टूर्नामेंट में अजेय रहा भारत

India cruise to record-extending eighth Women's Asia Cup title | ICC

वुमेन एशिया कप 2026 में इंडियन टीम का प्रदर्शन शानदार रहा है। टीम पूरे टूर्नामेंट में अनडिफीटेड रही और फाइनल में श्रीलंका को भी आसानी से मात दे दी। भारत ने इससे पहले 2022 में एशिया कप का खिताब जीता था, जबकि 2024 के फाइनल में श्रीलंका ने भारतीय टीम को हराकर ट्रॉफी अपने नाम की थी। अब 2026 में भारत ने शानदार वापसी करते हुए श्रीलंका से बदला लेकर उसे हराया है और एक बार फिर एशिया की चैंपियन टीम बन गई है।

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Rishabh Pandey

ऋषभ पांडे पिछले पांच साल से पत्रकारिता के फील्ड में काम कर रहे हैं, उन्होंने अपनी शुरुआत Zee News चैनल से की थी, इसके बाद उन्होंने News 24 में पॉलिटिकल, एंटरटेनमेंट न्यूज और क्राइम से जुड़ी खबरें लिखीं और बतौर प्रोड्यूसर भी एंटरटेनमेंट बीट पर काम किया, अब ऋषभ Punjab Kesari में एंटरटेनमेंट और स्पोर्टस बीट पर बतौर Sub Editor (हिंदी में) काम कर रहे हैं।