ऑस्ट्रेलिया के स्टार ऑलराउंडर ग्लेन मैक्सवेल ने इंटरनेशनल क्रिकेट से संन्यास लेने का फैसला किया है। अपनी अटैकिंग बल्लेबाजी और इफेक्टिव स्पिन गेंदबाजी के लिए मशहूर मैक्सवेल ने एक पॉडकास्ट के दौरान इस फैसले की जानकारी दी। उन्होंने इंटरनेशनल क्रिकेट के तीनों फॉर्मेट के साथ-साथ विक्टोरिया की ओर से 50 ओवर और चार दिवसीय घरेलू क्रिकेट से भी दूरी बनाने का ऐलान किया है।
साल 2012 में इंटरनेशनल क्रिकेट में कदम रखने वाले मैक्सवेल का करियर करीब 14 सालों तक शानदार रहा है। इस दौरान उन्होंने अपनी विस्फोटक बल्लेबाजी और मुश्किल सिचुएशन में बेहतरीन प्रदर्शन के दम पर ऑस्ट्रेलिया को कई यादगार जीत दिलाईं।
Glenn Maxwell Retirement: तीन आईसीसी वर्ल्ड कप जीतने वाली टीम का रहे हिस्सा

ग्लेन मैक्सवेल उन चुनिंदा ऑस्ट्रेलियाई क्रिकेटरों में शामिल हैं, जिन्होंने तीन आईसीसी वर्ल्ड कप जीतने वाली टीम का हिस्सा बनकर अपने देश को गौरवान्वित किया है। उन्होंने 2015 और 2023 के वनडे वर्ल्ड कप में ऑस्ट्रेलिया को रिप्रेजेंट किया। इसके अलावा, 2021 में टी-20 वर्ल्ड कप जीतने वाली ऑस्ट्रेलियाई टीम में भी उनका अहम रोल रहा। मैक्सवेल ने अपने शानदार प्रदर्शन से कई बार ये साबित किया कि वह अकेले दम पर मैच का रुख बदलने की एबिलिटी रखते हैं।
ऐसा रहा ग्लेन मैक्सवेल का इंटरनेशनल करियर

मैक्सवेल ने ऑस्ट्रेलिया के लिए तीनों इंटरनेशनल फॉर्मेट में कुल 286 मुकाबले खेले। इस दौरान उनके बल्ले से 7,226 रन निकले, जबकि गेंदबाजी में उन्होंने 136 विकेट अपने नाम किए।
उनके इंटरनेशनल करियर के खास आंकड़े इस तरह हैं:

- टेस्ट क्रिकेट: मैक्सवेल ने ऑस्ट्रेलिया के लिए 7 टेस्ट मुकाबले खेले।
- वनडे क्रिकेट: 149 वनडे मैचों में उन्होंने 3,990 रन बनाए। भारत के खिलाफ जून 2025 में चैंपियंस ट्रॉफी के दौरान उन्होंने अपना आखिरी वनडे मुकाबला खेला।
- टी20 इंटरनेशनल: इस प्रारूप में उन्होंने 130 मैचों में 2,897 रन बनाए। टी20 वर्ल्ड कप में उनका आखिरी प्रदर्शन ऑस्ट्रेलियाई टीम की जर्सी में रहा।
अफगानिस्तान के खिलाफ 201 रनों की पारी हमेशा रहेगी यादगार

ग्लेन मैक्सवेल के करियर की सबसे यादगार पारियों में 2023 वनडे वर्ल्ड कप में अफगानिस्तान के खिलाफ खेली गई उनकी ऐतिहासिक पारी सबसे ऊपर रहेगी। मुंबई के वानखेड़े स्टेडियम में खेले गए इस मुकाबले में ऑस्ट्रेलिया को 292 रनों का टारगेट मिला था। लेकिन टारगेट का पीछा करते हुए टीम ने सिर्फ 91 रन पर अपने 7 विकेट गंवा दिए थे। वहीं ऐसा लग रहा था कि अफगानिस्तान आसानी से मुकाबला जीत जाएगा।
हालांकि, इसके बाद मैक्सवेल ने जो करिश्मा किया, उसने क्रिकेट जगत को हैरान कर दिया। पैरों में तेज ऐंठन और शारीरिक परेशानी के बावजूद उन्होंने हार नहीं मानी। मैक्सवेल ने 128 गेंदों पर नाबाद 201 रन की अविश्वसनीय पारी खेली। उनकी इस पारी में 21 चौके और 10 छक्के शामिल थे। उन्होंने पैट कमिंस के साथ आठवें विकेट के लिए 202 रनों की अटूट पार्टनरशिप की और ऑस्ट्रेलिया को तीन विकेट से शानदार जीत दिलाई। उनकी यह पारी वनडे क्रिकेट के इतिहास की सबसे यादगार पारियों में शुमार हो गई।
आईपीएल में भी मैक्सवेल ने छोड़ी अपनी छाप

इंटरनेशनल क्रिकेट के अलावा ग्लेन मैक्सवेल ने इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) में भी अपनी बल्लेबाजी का दम दिखाया। अपने अटैकिंग स्टाइल की वजह से वह आईपीएल के सबसे चर्चित विदेशी खिलाड़ियों में भी शामिल रहे। मैक्सवेल ने आईपीएल करियर में कुल 141 मुकाबले खेले और 2,819 रन बनाए। इस दौरान वह मुंबई इंडियंस, दिल्ली कैपिटल्स, पंजाब किंग्स और रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु जैसी टीमों का हिस्सा रहे।
मैक्सवेल के संन्यास के साथ ही क्रिकेट जगत एक ऐसे खिलाड़ी को अलविदा कह रहा है, जिसने अपनी अनोखी बल्लेबाजी, शानदार फील्डिंग और मैच जिताने की एबिलिटी से दुनियाभर के फैंस को काफी एंटरटेन किया है। खासतौर पर अफगानिस्तान के खिलाफ उनकी 201 रनों की पारी क्रिकेट इतिहास में हमेशा याद रखी जाएगी।


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