भारतीय क्रिकेट में सारांश जैन ने आखिरकार वह मुकाम हासिल कर लिया, जिसका उन्हें लंबे समय से इंतजार था। 33 साल की उम्र में सारांश ने इंटरनेशनल क्रिकेट में डेब्यू किया है। श्रीलंका के खिलाफ कोलंबो में खेले जा रहे दूसरे टेस्ट मैच में उन्हें भारतीय टीम की प्लेइंग इलेवन में जगह दी गई है। वैसे तो उनके डेब्यू की पॉसीबिलिटी पहले से ही जताई जा रही थी और वो पॉसीबिलिटी आखिरकार सच हो ही गई।
कप्तान शुभमन गिल ने बताया कि कुलदीप यादव संक्रमण की वजह से मुकाबले के लिए एवेलेबल नहीं हैं, ऐसे में सारांश जैन को टीम में शामिल किया गया। हालांकि, उन्हें मिला यह मौका सिर्फ सिचुएशन का नतीजा नहीं है। घरेलू क्रिकेट में लंबे समय तक लगातार अच्छा प्रदर्शन करने के बाद उन्होंने इंडियन टीम में अपनी जगह बनाई है।
कौन हैं सारांश जैन?

सारांश जैन मध्य प्रदेश के इंदौर से आते हैं और एक ऑलराउंडर हैं। वह बाएं हाथ से बल्लेबाजी करने के साथ ऑफ स्पिन गेंदबाजी करते हैं। घरेलू क्रिकेट में उन्होंने बल्ले और गेंद दोनों से अपनी एबिलिटी साबित की है। सारांश इंडियन दिग्गज ऑफ स्पिनर रविचंद्रन अश्विन को अपना आदर्श मानते हैं। हालांकि, उनका क्रिकेट करियर काफी धीरे-धीरे आगे बढ़ा। उन्होंने 2014 में रणजी ट्रॉफी से फर्स्ट क्लास क्रिकेट में कदम रखा था, लेकिन लंबे समय तक उन्हें ज्यादा मौके नहीं मिल पाए।
2022 में बदली करियर की दिशा

सारांश जैन को 2022 में बड़ी पहचान मिली। उस समय तक उन्होंने सिर्फ आठ फर्स्ट क्लास मैच खेले थे, लेकिन रणजी ट्रॉफी के नॉकआउट स्टेज में उन्होंने मध्य प्रदेश के लिए शानदार प्रदर्शन किया। उन्होंने नॉकआउट मुकाबलों में 13 विकेट हासिल किए और बल्ले से भी एक बेहतरीन अर्धशतक लगाया। उनके शानदार प्रदर्शन में मध्य प्रदेश ने पहली बार रणजी ट्रॉफी का खिताब अपने नाम किया। इसके बाद सारांश लगातार घरेलू क्रिकेट में अपनी छाप छोड़ते रहे।
श्रीलंका दौरे पर क्यों चुने गए सारांश?

सारांश जैन के सेलेक्शन के पीछे कई वजहें रहीं। वॉशिंगटन सुंदर चोट के कारण टीम से बाहर हो गए थे। इसके अलावा श्रीलंका की टीम में कई बाएं हाथ के बल्लेबाज मौजूद थे, इसलिए भारतीय टीम मैनेजमेंट को एक ऑफ स्पिनर की जरूरत थी। सारांश का हालिया प्रदर्शन भी उनके सेलेक्शन की बड़ी वजह बना। रणजी ट्रॉफी में उन्होंने 57.55 की औसत से 518 रन बनाने के साथ 30 विकेट हासिल किए थे।
दलीप ट्रॉफी में भी उनका प्रदर्शन शानदार रहा। सेंट्रल जोन की ओर से खेलते हुए सारांश ने दो मैचों में दो अर्धशतक लगाए और कुल 16 विकेट अपने नाम किए। उनके बेहतरीन ऑलराउंड प्रदर्शन के लिए उन्हें टूर्नामेंट का प्लेयर ऑफ द टूर्नामेंट चुना गया। श्रीलंका सीरीज से पहले सारांश इंडिया ए के साथ भी श्रीलंका दौरे पर थे। दूसरे मुकाबले में उन्होंने नाबाद 70 रन की पारी खेली और छह विकेट भी हासिल किए। इस प्रदर्शन ने इंडियन टीम में उनके सेलेक्शन की दावेदारी को और मजबूत कर दिया।
सारांश जैन के घरेलू क्रिकेट के आंकड़े

फर्स्ट क्लास क्रिकेट में सारांश जैन ने 54 मुकाबले खेले हैं। 85 पारियों में उन्होंने 2223 रन बनाए हैं, जिसमें दो शतक और 14 अर्धशतक शामिल हैं। गेंदबाजी में उनके नाम 188 विकेट दर्ज हैं, लिस्ट-ए क्रिकेट की बात करें तो सारांश ने 47 मैचों में 553 रन बनाए हैं। उन्होंने 35 पारियों में बल्लेबाजी की और इस दौरान 38 विकेट भी हासिल किए। टी20 क्रिकेट में उन्होंने 20 मुकाबले खेले हैं, वहीं आठ पारियों में उनके नाम 37 रन हैं, जबकि गेंदबाजी में उन्होंने 17 पारियों में 18 विकेट चटकाए हैं।
लंबे इंतजार के बाद पूरा हुआ सपना

सारांश जैन की कहानी उन खिलाड़ियों के लिए प्रेरणा है, जो लंबे समय तक मौके का इंतजार करते हैं लेकिन मेहनत और प्रदर्शन में कमी नहीं आने देते। 2014 में रणजी डेब्यू करने वाले सारांश को इंटरनेशनल क्रिकेट तक पहुंचने में करीब एक दशक का समय लगा। वहीं घरेलू क्रिकेट में लगातार बेहतरीन प्रदर्शन, ऑलराउंड एबिलिटी और मुश्किल सिचुएशन में टीम के लिए योगदान देने की उनकी काबिलियत ने आखिरकार उन्हें टीम इंडिया तक पहुंचा दिया। अब 33 साल की उम्र में मिले इस मौके को वह अपने प्रदर्शन से यादगार बनाना चाहेंगे।
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