टोटेनहम ने गुरुवार को थॉमस फ्रैंक को अपनी नई मैनेजर के तौर पर नियुक्त किया है। डेनिश कोच फ्रैंक के सामने सबसे बड़ी चुनौती है क्लब की जानी-मानी अस्थिरता को खत्म करना। फ्रैंक ने ब्रेंटफोर्ड के साथ पिछले सात सालों में शानदार काम किया है और उनकी रणनीति और खिलाड़ियों के साथ बेहतर तालमेल की तारीफ होती है। अब उन्हें ऐसी ही खूबियों के साथ टोटेनहम की टीम को फिर से जीत की राह पर ले जाना है, खासकर जब टीम ने पिछले सीजन में यूरोपा लीग तो जीती थी लेकिन प्रीमियर लीग में सबसे खराब प्रदर्शन किया।फ्रैंक के सामने सबसे बड़ी जिम्मेदारी है टीम को जल्दी से पटरी पर लाना। उनके पूर्व कोच, ऑस्ट्रेलियाई आंझे पोस्टेकोग्लू, ने यूरोपा लीग का खिताब तो जीताया लेकिन प्रीमियर लीग में खराब प्रदर्शन के कारण उन्हें बर्खास्त कर दिया गया। उस ट्रॉफी ने 17 साल का सूखा खत्म किया था, लेकिन लीग में टीम का 17वां स्थान और 38 में से 22 हार, क्लब के लिए चिंता का विषय बना।
पोस्टेकोग्लू ने टीम के खिलाड़ियों और फैंस से तीसरे सीजन की मांग की थी, लेकिन क्लब अध्यक्ष डैनियल लेवी ने उनकी बात नहीं मानी। इसलिए अब फ्रैंक पर ज्यादा दबाव होगा कि वे जल्द से जल्द टीम का प्रदर्शन सुधारें।टोटेनहम को पिछले कई सालों से चैंपियंस लीग में जगह नहीं मिली है, और अगले सीजन में इसकी वापसी फ्रैंक का पहला मकसद होगा। हालांकि फ्रैंक को अपने पिछले कामों में धीमी शुरुआत करने की आदत रही है, लेकिन अगर वे 13 अगस्त को होने वाले UEFA सुपर कप में पेरिस सेंट जर्मेन जैसी दिग्गज टीम को हराने में सफल रहे तो उनका एक दमदार आगाज होगा।
लीवी ने मार्च में साफ किया था कि क्लब ज्यादा खर्च नहीं कर सकता, जिससे संकेत मिला कि नए खिलाड़ियों के लिए कुछ खिलाड़ियों को कुछ खिलाड़ियों को जाने देना होगा । यूरोपा लीग जीतने से चैंपियंस लीग में जगह मिलने से ट्रांसफर बजट में थोड़ी राहत जरूर मिली है। फ्रैंक के लिए सबसे अहम होगा सही खिलाड़ियों को जोड़ना और टीम के टैलेंट को सही दिशा में काम करना। टोटेनहम के कप्तान सोन हीउंग-मिन का अनुबंध अगले साल खत्म हो रहा है और सऊदी प्रो लीग क्लब उनसे संपर्क में हैं, जिससे फ्रैंक को बड़ा फैसला लेना होगा।
क्रिस्टियन रोमरो भी कई स्पेनिश क्लबों की नजर में हैं और उन्होंने फ्रैंक की नियुक्ति के बाद एक इंस्टाग्राम पोस्ट में पोस्टेकोग्लू को धन्यवाद कहा, जिससे पता चलता है कि क्लब में भी कुछ अंदरूनी विवाद हैं।फ्रैंक को टोटेनहम के तकनीकी निदेशक जोहान लैंगे का साथ मिलेगा, जो उनके पुराने साथी हैं। साथ ही, युवा खिलाड़ियों जैसे विल्सन ओडोबर्ट, आर्ची ग्रे, लुकास बर्गवाल और डजेड स्पेंस पर भी भरोसा करना होगा।ब्रेंटफर्ड के साथ फ्रैंक ने कम बजट में टीम को प्रीमियर लीग में टिकाकर रखा, लेकिन अब उन्हें बड़े क्लब में काम करना है जहां दबाव और उम्मीदें बहुत ज्यादा होंगी।ब्रेंटफर्ड ने पिछले सीजन में 16 जीत और 66 गोल किए, जो उनकी अब तक की सबसे अच्छी फॉर्म रही। इंग्लैंड के स्टार इवान टोनी के जाने के बाद भी टीम ने अच्छा प्रदर्शन किया।
फ्रैंक ने 2021 में चैंपियनशिप प्ले-ऑफ जीतकर अपनी प्रबंधन क्षमता साबित की है, लेकिन टोटेनहम के मैनेजमेंट में सफलता पाने के लिए उन्हें और भी बेहतर करना होगा। इसके लिए उन्हें उन नामी-गिरामी कोचों को पीछे छोड़ना होगा जो यहां सफल नहीं हो पाए।मैनचेस्टर सिटी के कोच पेप गार्डियोला ने कहा है कि फ्रैंक जैसे प्रतिभाशाली कोच के लिए टोटेनहम जैसे बड़े क्लब में काम करने का वक्त आ गया है।


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