वॉशिंगटन, 28 जनवरी (आईएएनएस)। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि उनका प्रशासन दक्षिण कोरिया के साथ टैरिफ के मुद्दे पर ‘कुछ’ समाधान निकालेगा। इससे पहले इसी हफ्ते ट्रंप ने एशियाई सहयोगी देश दक्षिण कोरिया पर ‘रेसिप्रोकल टैरिफ’ और अन्य शुल्क बढ़ाने की धमकी दी थी।
ट्रंप के इस बयान से सोल और वॉशिंगटन के बीच बातचीत की उम्मीदें बढ़ गई हैं। दोनों देशों के बीच फिर से व्यापार तनाव देखने को मिल रहा है। इस बीच, दक्षिण कोरिया के उद्योग मंत्री किम जंग-क्वान के अमेरिका दौरे की उम्मीद है, जहां वे अमेरिकी वाणिज्य मंत्री हॉवर्ड लटनिक से बातचीत करेंगे। यह जानकारी योनहाप न्यूज एजेंसी ने दी है।
व्हाइट हाउस में पत्रकारों से बातचीत के दौरान ट्रंप ने कहा, “हम दक्षिण कोरिया के साथ ‘कुछ’ समाधान निकाल लेंगे।” उन्होंने यह बात उस सवाल के जवाब में कही, जिसमें उनसे पूछा गया था कि क्या वे कोरिया पर टैरिफ बढ़ाएंगे।
सोमवार को ट्रंप ने अचानक यह घोषणा की थी कि वे दक्षिण कोरिया पर ‘पारस्परिक’ टैरिफ के साथ-साथ कार, लकड़ी और दवाइयों पर लगने वाला शुल्क 15 प्रतिशत से बढ़ाकर 25 प्रतिशत कर सकते हैं। ट्रंप ने इसके लिए सोल द्वारा व्यापार समझौते से जुड़े कानूनों को लागू करने में हो रही देरी को जिम्मेदार ठहराया था।
मंगलवार को व्हाइट हाउस के एक अधिकारी ने योनहाप न्यूज एजेंसी को बताया कि दक्षिण कोरिया ने द्विपक्षीय व्यापार समझौते में अपनी जिम्मेदारियों को पूरा करने में ‘कोई प्रगति नहीं’ की है। जबकि अमेरिका ने समझौते के तहत टैरिफ कम किए थे।
जुलाई के अंत में हुए और कुछ महीनों बाद अंतिम रूप दिए गए इस समझौते के तहत, दक्षिण कोरिया ने अमेरिका में 350 अरब डॉलर का निवेश करने का वादा किया था। इसके बदले में अमेरिका ने ‘पारस्परिक’ टैरिफ को 25 प्रतिशत से घटाकर 15 प्रतिशत कर दिया था।
ट्रंप द्वारा टैरिफ बढ़ाने की नई धमकी उस समय आई है, जब अमेरिका को दक्षिण कोरिया में चल रही जांचों को लेकर चिंता है। इसमें अमेरिकी कंपनी में सूचीबद्ध कूपांग इंक के खिलाफ बड़े ग्राहक डेटा लीक की जांच और ऑनलाइन प्लेटफॉर्म कंपनियों पर नियंत्रण से जुड़े कदम शामिल हैं।
इसके अलावा, अमेरिकी डॉलर के मुकाबले दक्षिण कोरियाई मुद्रा वॉन की कमजोरी भी चिंता का विषय बनी हुई है। इससे यह आशंका है कि दक्षिण कोरिया, अमेरिका के साथ हुए व्यापार समझौते के तहत किए गए निवेश के वादे को पूरा करने में मुश्किल का सामना कर सकता है।
–आईएएनएस
डीबीपी/एएस
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