Apple iPhone: एपल ने पिछले वर्ष यानी 2023-24 में भारत में 14 अरब डॉलर मूल्य के iPhone (Apple iPhone) बनाए। पिछले वर्ष यानी 2022-23 से तुलना करें तो उत्पादन दोगुना हो गया है। उत्पादन में बढ़ोतरी से पता चलता है कि एपल भू-राजनीतिक तनाव बढ़ने के चलते चीन पर अपनी दीर्घकालिक निर्भरता में कटौती करने के प्रयासों में तेजी ला रहा है। आंकड़ों पर गौर करें तो अब कंपनी अपने कुल उत्पादन का 14 प्रतिशत या प्रत्येक सात में से एक iPhone (Apple iPhone) भारत में बनाती है। ब्लूमबर्ग की रिपोर्ट के मुताबिक फाक्सकान जहां 67 प्रतिशत आइफोन एपल के लिए बनाती है वहीं पेगाट्रान कारपोरेशन की आइफोन (Apple iPhone) निर्माण में हिस्सेदारी 17 प्रतिशत है।

टाटा और पेगाट्रान के बिच हुई डील
कर्नाटक में विस्ट्रान कारपोरेशन का संयंत्र है और इसका कुछ दिनों पहले टाटा समूह ने अधिग्रहण कर लिया था, वह 16 प्रतिशत आइफोन (Apple iPhone) बनाती है। खास बात यह है कि पेगाट्रान अपने मैन्यूफैक्चरिंग संयंत्र को टाटा समूह को बेचने की तैयारी कर रही है। इस संयुक्त उद्यम में टाटा कम से कम 65 प्रतिशत हिस्सेदारी ले सकती है। टाटा अपनी सब्सिडियरी कंपनी टाटा इलेक्ट्रानिक्स के माध्यम से इस संयुक्त उद्यम को संचालित करेगी। पेगाट्रान के चेन्नई स्थित संयंत्र में 10 हजार कर्मचारी हैं और यहां पर सालाना 50 लाख आइफोन (Apple iPhone) बनते हैं। वर्ष, 2017 में एपल ने भारत में आईफोन (Apple iPhone) का निर्माण शुरू किया था।

पीएलआई योजना का दिख रहा असर
केंद्र सरकार की प्रोडक्शन लिंक्ड इंसेंटिव (पीएलआई) योजना से एपल (Apple iPhone) के साथ कई गैजेट निर्माताओं को देश में मैन्यूफैक्चरिंग के लिए उत्साहित करने का काम किया है। सरकार ने 14 क्षेत्रों में पीएलआइ योजनाएं शुरू की हैं जो भारतीय मैन्यूफैक्चरर्स को विश्वस्तर पर प्रतिस्पर्धी बनाएंगी।


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