Afghanistan Air Strike on Pakistan: मिडिल ईस्ट में चल रहे संघर्ष के बीच दक्षिण एशिया में भी तनाव बढ़ता हुआ दिखाई दे रहा है। हाल के दिनों में अफगानिस्तान और पाकिस्तान के बीच हालात एक बार फिर बिगड़ते नजर आ रहे हैं। तालिबान सरकार ने दावा किया है कि उसने पाकिस्तान के सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया है। तालिबान के अनुसार यह कार्रवाई पाकिस्तान द्वारा हाल में अफगानिस्तान के भीतर किए गए एयर स्ट्राइक का जवाब है।
साथ ही तालिबान ने दावा किया कि उत्तर-पश्चिमी पाकिस्तान में एक पुलिस वाहन पर हमला किया। इस हमले में सात पुलिसवालों की जान चली गई है।
अफगान वायुसेना ने पाकिस्तान के खैबर पख्तूनख्वा प्रांत में सैन्य ठिकानों को बनाया निशाना
तालिबान सरकार के उप प्रवक्ता हमदुल्लाह फितरत ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर दावा किया कि अफगान वायुसेना ने पाकिस्तान के खैबर पख्तूनख्वा प्रांत के कोहाट इलाके में सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया।
फितरत के अनुसार डूरंड लाइन के पास स्थित एक वार कमांड सेंटर और किले के कमांड कार्यालय को भी हमले में निशाना बनाया गया। इसके अलावा पाकिस्तानी सैन्य ठिकानों, गोदामों और सैनिकों के आवासीय इलाकों को नुकसान पहुंचने का भी दावा किया गया है।
अफगान रक्षा मंत्रालय का दावा—पाक सैन्य केंद्र पर एयर स्ट्राइक
अफगानिस्तान के रक्षा मंत्रालय ने भी आधिकारिक बयान जारी करते हुए कहा कि अफगान वायुसेना ने पाकिस्तान के एक महत्वपूर्ण सैन्य केंद्र को निशाना बनाया है।
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर जारी बयान में मंत्रालय ने कहा कि यह हमला “काउंटरिंग इनजस्टिस” यानी अन्याय के जवाब में चलाए जा रहे प्रतिशोधी अभियान का हिस्सा है। मंत्रालय के अनुसार यह कार्रवाई पाकिस्तान की हालिया सैन्य गतिविधियों के जवाब में की गई।
इस्लामाबाद के फैजाबाद में ‘हमज़ा’ सैन्य केंद्र पर हमला
अफगान रक्षा मंत्रालय के मुताबिक शनिवार शाम करीब 5 बजे अफगान वायुसेना ने इस्लामाबाद के फैजाबाद इलाके में स्थित पाकिस्तानी सैन्य शासन के एक प्रमुख केंद्र “हमज़ा” को निशाना बनाया।
در ادامهٔ عملیاتهای انتقامی «ردالظلم»
نیروهای هوایی افغانستان، امروز(حوالی ساعت ۵ بعدازظهر)، یک مرکز مهم نظامی رژیم نظامی پاکستان به نام «حمزه» را در منطقهٔ فیضآباد اسلامآباد هدف قرار دادند… pic.twitter.com/fhYJv6fFVH
— د ملي دفاع وزارت – وزارت دفاع ملی (@MoDAfghanistan2) March 13, 2026
मंत्रालय का कहना है कि यह हमला पाकिस्तान द्वारा अफगानिस्तान में किए गए हवाई हमलों का जवाब है। हालांकि पाकिस्तान की ओर से इस दावे पर अभी तक आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
पाकिस्तानी एयर स्ट्राइक के बाद बढ़ा तनाव
दरअसल हाल ही में पाकिस्तान वायुसेना ने अफगानिस्तान के कई इलाकों—काबुल, कंधार, पक्तिया और पक्तिका—में हवाई हमले किए थे। इन हमलों में कई लोगों की मौत होने और कई रिहायशी घरों के तबाह होने की खबरें सामने आई थीं।
इन घटनाओं के बाद दोनों देशों के बीच तनाव तेजी से बढ़ गया है।
खैबर पख्तूनख्वा में IED धमाका, 7 पुलिसकर्मियों की मौत
इसी बीच पाकिस्तान के खैबर पख्तूनख्वा प्रांत के लक्की मरवत जिले में एक IED धमाके में सात पुलिसकर्मियों की मौत हो गई।
यह हमला उस समय हुआ जब पुलिस का वाहन रसूल खेल चेक पोस्ट के पास गश्त कर रहा था। प्रतिबंधित संगठन तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान (TTP) ने इस हमले की जिम्मेदारी ली है।
खोस्त प्रांत के सादको गांव में पाकिस्तानी एयर स्ट्राइक, चार लोगों की मौत
तालिबान प्रवक्ता हमदुल्लाह फितरत ने बताया कि खोस्त प्रांत के सादको गांव में पाकिस्तानी एयर स्ट्राइक के दौरान एक ही परिवार के चार लोगों की मौत हो गई।
इसके अलावा इस हमले में तीन अन्य बच्चे घायल हुए हैं, जिनका इलाज कराया जा रहा है।
कंधार एयरपोर्ट के पास ईंधन डिपो पर बमबारी का आरोप
तालिबान के प्रवक्ता जबीहुल्लाह मुजाहिद ने पाकिस्तान पर कंधार एयरपोर्ट के पास स्थित निजी एयरलाइन ‘कम एयर’ के ईंधन डिपो पर बमबारी करने का आरोप लगाया है।
उन्होंने कहा कि यह डिपो नागरिक विमानों के साथ-साथ संयुक्त राष्ट्र के विमानों को भी ईंधन उपलब्ध कराता था, इसलिए इस हमले को बेहद गंभीर माना जा रहा है।
सीमा संघर्ष में अब तक अफगानिस्तान में सात नागरिकों की मौत, तालिबान ने बताया ‘क्रूर आक्रामकता’
तालिबान अधिकारियों ने पाकिस्तान की कार्रवाई को “क्रूर और बेइमत आक्रामकता” बताया है। उन्होंने कहा कि अफगानिस्तान अपनी संप्रभुता की रक्षा के लिए जवाबी कार्रवाई करता रहेगा।
तालिबान के अनुसार मंगलवार से शुरू हुए सीमा संघर्ष में अब तक अफगानिस्तान में सात नागरिकों की मौत हो चुकी है।
आतंकवाद को लेकर दोनों देशों में पुराना विवाद
अफगानिस्तान और पाकिस्तान के बीच लंबे समय से तनाव का मुख्य कारण आतंकवाद का मुद्दा रहा है।
पाकिस्तान का आरोप है कि अफगानिस्तान की जमीन का इस्तेमाल आतंकवादी संगठन उसकी सीमा पर हमलों के लिए करते हैं। वहीं तालिबान सरकार इन आरोपों को खारिज करते हुए इसे पाकिस्तान का आंतरिक मामला बताती है।
2600 किलोमीटर लंबी डूरंड लाइन सीमा पर अक्सर होती रहती हैं गोलीबारी
आपको बता दे कि अफगानिस्तान और पाकिस्तान के बीच लगभग 2600 किलोमीटर लंबी डूरंड लाइन सीमा है, जो लंबे समय से दोनों देशों के बीच विवाद का कारण बनी हुई है। इस सीमा क्षेत्र में अक्सर झड़पें, गोलीबारी और कभी-कभी एयरस्ट्राइक जैसी घटनाएं भी सामने आती रहती हैं।
तालिबान सरकार का मानना है कि डूरंड लाइन औपनिवेशिक दौर में खींची गई एक सीमा रेखा है, इसलिए वह इसे औपचारिक रूप से स्वीकार नहीं करता। इसी कारण यह मुद्दा समय-समय पर दोनों देशों के बीच तनाव को बढ़ा देता है।
हाल ही में सामने आए घटनाक्रमों ने इस क्षेत्र में संभावित बड़े संघर्ष की आशंका को और बढ़ा दिया है। खासतौर पर तब, जब मिडिल ईस्ट पहले से ही युद्ध जैसी परिस्थितियों का सामना कर रहा है। ऐसे में दक्षिण एशिया में किसी नए टकराव की स्थिति क्षेत्रीय स्थिरता के लिए गंभीर चुनौती बन सकती है।
इन परिस्थितियों को देखते हुए क्षेत्र में शांति और स्थिरता बनाए रखने के लिए जरूरी है कि दोनों देश संयम बरतें और विवादों को सुलझाने के लिए संवाद का रास्ता अपनाएं। बातचीत और कूटनीतिक प्रयास ही इस तनाव को कम करने और किसी बड़े संघर्ष को टालने का सबसे प्रभावी तरीका साबित हो सकते हैं।


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