Ankita Bhandari Murder Case: अंकिता भंडारी हत्याकांड अब तूल पकड़ता जा रहा है, 19 वर्षीय रिसेप्शनिस्ट अंकिता भंडारी की हत्या, जिसकी 2022 में हुई मौत ने उत्तराखंड भर में व्यापक आक्रोश पैदा कर दिया था। अब एक बार फिर राज्य में राजनीतिक और सार्वजनिक चर्चा के केंद्र में लौट आई है। उत्तराखंड से लेकर दिल्ली तक प्रदर्शन किया जा रहा है। जंतर-मंतर पर प्रदर्शन किया और सीबीआई जांच तथा इस अपराध के लिए जिम्मेदार सभी लोगों के खिलाफ त्वरित कार्रवाई की मांग की।
Ankita Bhandari Murder Case

अंकिता भंडारी मामले की जांच के लिए गठित हरिद्वार पुलिस की विशेष जांच टीम (एसआईटी) में हरिद्वार के ज्वालापुर में पूर्व भाजपा विधायक सुरेश राठौर और अभिनेत्री उर्मिला सनावर की तलाश कर रही है। हाल ही में एक ऑडियो क्लिप विवाद सामने आने के बाद से दोनों लापता हैं, जिसे अंकिता भंडारी हत्याकांड से जोड़ा जा रहा है। बता दें कि हरिद्वार पुलिस ने मामले की जांच के लिए एक विशेष जांच समिति (एसआईटी) का गठन किया है। पुलिस के समक्ष पेश न होने पर उर्मिला सनावर के खिलाफ गैर-जमानती वारंट (एनबीडब्ल्यू) जारी किया गया है।
BREAKING NEWS 🚨
Massive protests by Congress party in every corner of Uttarakhand to demand justice for Ankita Bhandari
This is beyond politics. Every victim, every daughter deserves justice.pic.twitter.com/tbEl3pU0CZ
— Ankit Mayank (@mr_mayank) January 3, 2026
Ankita Bhandari Murder News
अंकिता भंडारी केस में VIP का नाम भी चर्चा में सामने आया है। इसी बीच पुलिस अधीक्षक शेखर सुयाल ने बताया कि इस मामले में कोई भी VIP नहीं है और जिसका नाम VIP से जोड़ा जा रहा है वह धर्मेंद्र कुमार नोएडा का रहने वाला है। पुलिस की पूछताछ और जांच में सामने आया कि अंकिता की हत्या केद दिन वह किसी काम से वहां आया था और खाना खाने केलिए वनंत्रा रिजॉर्ट में रूका हुआ था। पुलिस ने बताया कि वह कोई भी VIP नहीं है।
Ankita Bhandari Case

इस हत्याकांड को लेकर कई लोग सड़कों पर उतर आए है और न्याय की गुहार लगा रहे है। उत्तराखंड की कई विपक्षी पार्टी भी इस मामले में जमकर विरोध प्रदर्शन कर रही है। प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाते हुए कहा कि महत्वपूर्ण सबूत नष्ट कर दिए गए थे। हम स भी न्याय की गुहार लगा रहे है और आरोपियों को मौत की सजा देने की मांग कर रहे है।
देहरादून में भी इसी तरह के विरोध प्रदर्शन हुए, जहां स्थानीय लोगों, कई संगठनों और राजनीतिक समूहों ने मामले की सीबीआई जांच और पीड़िता के लिए न्याय की मांग करते हुए प्रदर्शन किए। उत्तराखंड में इस हत्या के मामले में जवाबदेही और गहन जांच की मांग को लेकर कई विरोध प्रदर्शन हुए हैं।


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