पूर्व सांसद प्रतिनिधि को बड़ा झटका, हाईकोर्ट के फैसले से 18 दिन बाद फिर चेयरमैन बने राजुद्दीन एडवोकेट

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Baghpat News: बागपत नगर पालिका चेयरमैन से जुड़े निलंबन प्रकरण में हाईकोर्ट ने अहम फैसला सुनाया है। कोर्ट ने प्रमुख सचिव द्वारा जारी निलंबन आदेश को निरस्त कर दिया है। इस फैसले के बाद एडवोकेट राजुद्दीन एक बार फिर नगर पालिका चेयरमैन पद पर बने रहेंगे। लगभग 18 दिनों बाद अब उनकी चेयरमैन की कुर्सी सुरक्षित हो गई है। Baghpat News: “सत्य परेशान हो सकता है, पराजित नहीं” इस फैसले की जानकारी रालोद नेता और चेयरमैन के समर्थक वीरपाल मलिक ने व्हाट्सएप ग्रुप के माध्यम से साझा की। उन्होंने लिखा कि सत्य परेशान हो सकता है, लेकिन पराजित नहीं। इससे…

Baghpat News: बागपत नगर पालिका चेयरमैन से जुड़े निलंबन प्रकरण में हाईकोर्ट ने अहम फैसला सुनाया है। कोर्ट ने प्रमुख सचिव द्वारा जारी निलंबन आदेश को निरस्त कर दिया है। इस फैसले के बाद एडवोकेट राजुद्दीन एक बार फिर नगर पालिका चेयरमैन पद पर बने रहेंगे। लगभग 18 दिनों बाद अब उनकी चेयरमैन की कुर्सी सुरक्षित हो गई है।

Baghpat News: “सत्य परेशान हो सकता है, पराजित नहीं”

इस फैसले की जानकारी रालोद नेता और चेयरमैन के समर्थक वीरपाल मलिक ने व्हाट्सएप ग्रुप के माध्यम से साझा की। उन्होंने लिखा कि सत्य परेशान हो सकता है, लेकिन पराजित नहीं। इससे पहले रालोद प्रमुख जयंत चौधरी भी राजुद्दीन को पार्टी का समर्थक बता चुके हैं।

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Baghpat News Today: समर्थकों में खुशी की लहर

हाईकोर्ट से फैसला आने की खबर सोमवार दोपहर करीब 2:45 बजे सामने आई। इसके बाद राजुद्दीन के समर्थकों में खुशी की लहर दौड़ गई। सोशल मीडिया पर बधाइयों का सिलसिला शुरू हो गया और उनके घर पर समर्थकों का तांता लग गया। नगर पालिका के सभासदों और आम लोगों ने मिठाइयां बांटकर एक-दूसरे को बधाई दी और कोर्ट के फैसले का स्वागत किया।

क्या था पूरा मामला?

दरअसल, वर्ष 2023 के निकाय चुनाव के दौरान तत्कालीन चेयरमैन राजुद्दीन पर कई आरोप लगाए गए थे। पूर्व सांसद डॉ. सत्यपाल सिंह के प्रतिनिधि और भाजपा नेता प्रदीप ठाकुर ने शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत में 10, 20 और 50 रुपये के स्टांप पर मालिकाना हक देने, नगर पालिका की दुकानों का गलत तरीके से आवंटन करने और सीमा से बाहर निर्माण कराने जैसे आरोप शामिल थे। इन आरोपों की जांच के बाद तत्कालीन एडीएम अमित सिंह की रिपोर्ट के आधार पर प्रमुख सचिव ने 27 नवंबर को राजुद्दीन को चेयरमैन पद से हटाने का आदेश जारी कर दिया था। इसके बाद राजुद्दीन ने इस आदेश को हाईकोर्ट में चुनौती दी।

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हाईकोर्ट का फैसला

सोमवार को हाईकोर्ट ने प्रमुख सचिव के आदेश को खारिज कर दिया। कोर्ट के इस फैसले के बाद राजुद्दीन का चेयरमैन पद पर बने रहने का रास्ता साफ हो गया। अब वह फिर से नगर पालिका बागपत के चेयरमैन के रूप में अपने दायित्व निभाएंगे।

रालोद नेताओं की प्रतिक्रिया

हाईकोर्ट के फैसले पर रालोद के वरिष्ठ नेता वीरपाल मलिक ने इसे असत्य पर सत्य की जीत बताया। वहीं रालोद नेता ओमवीर ढाका, राजू सिरसली और धर्मेंद्र ने भी फैसले को न्याय की जीत करार दिया। गौरतलब है कि राजुद्दीन ने इस बार रालोद के सिंबल पर चुनाव लड़कर जीत हासिल की थी।

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राजनीति में फिर मात

राजनीतिक दृष्टि से देखा जाए तो यह फैसला पूर्व सांसद प्रतिनिधि के लिए एक और झटका माना जा रहा है। नगर पालिका के सीमा विस्तार से लेकर विभिन्न आरोपों तक, हर बार राजुद्दीन ने अपने विरोधियों को राजनीतिक रूप से जवाब दिया है। इस बार भी हाईकोर्ट के फैसले के बाद उन्होंने यह साबित कर दिया कि वह राजनीतिक चुनौतियों का सामना करने में सक्षम हैं। हाईकोर्ट के इस फैसले से बागपत नगर पालिका की राजनीति में नया मोड़ आ गया है। अब सभी की नजर इस बात पर है कि चेयरमैन राजुद्दीन आगे किस तरह से विकास कार्यों को आगे बढ़ाते हैं और जनता के विश्वास पर खरे उतरते हैं।

रिपोर्टर: मेहंदी हसन

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Amit Kumar

अमित कुमार पिछले 3 सालों से पत्रकारिता के क्षेत्र में काम कर रहे हैं। उन्हें विदेश, बिजनेस, ऑटो, टेक और गैजेट्स से जुड़ी खबरें लिखने का अच्छा अनुभव है। उन्होंने दिल्ली विश्वविद्यालय से बैचलर ऑफ मास कम्युनिकेशन, आईआईएमसी से पोस्ट ग्रेजुएट डिप्लोमा और उत्तर प्रदेश राजर्षि टंडन विश्वविद्यालय से मास्टर ऑफ मास कम्युनिकेशन की पढ़ाई की है। पत्रकारिता की शुरुआत उन्होंने वेबसाइट पर लिखने से की। इसके बाद इंडिया डेली न्यूज़ चैनल और न्यूज़ इंडिया 24x7 में हिंदी सब-एडिटर के तौर पर काम किया। वर्तमान में वह पंजाब केसरी, दिल्ली में हिंदी सब-एडिटर के पद पर कार्यरत हैं।