Banke Bihari Temple Controversy : यूपी के वृंदावन स्थित बांके बिहारी कॉरिडोर का विवाद बढ़ता ही जा रहा है. ताजा मामले में दिनेश गोस्वामी, जो कि बांके बिहारी मंदिर हाई पावर मैनेजमेंट कमेटी के सदस्य हैं, के घर पर कॉरिडोर और न्यास का विरोध करने के लिए महिलाएं पहुंची. सेवायत दिनेश गोस्वामी का आरोप है कि महिलाओं ने उनको जूतों से मारने की धमकी दी. पुलिस ने गोस्वामी की शिकायत पर मुकद्दमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है.
Banke Bihari Temple Controversy : यह था पूरा मामला

विवाद यह है कि ठाकुर जी को जगमोहन, जो कि बाहरी चबूतरा को कहा जाता है, पर विराजमान करने का निर्णय है. परंपरा के अनुसार, ठाकुर बांके बिहारी जी केवल विशेष तीज-त्योहारों पर ही बाहरी चबूतरे (जगमोहन) में दर्शन देते हैं. भीड़ प्रबंधन और सुगम दर्शन के लिए ठाकुर जी को रोजाना जगमोहन में बैठाने की योजना है. वहीं सेवायत वेणु गोस्वामी का आरोप है कि प्रशासन प्राचीन परंपराओं को जबरन तोड़ना चाहता है.
Banke Bihari Sanctum Locked : यह लगाया आरोप

वहीं, मंदिर हाई पावर मैनेजमेंट कमेटी के सदस्य दिनेश गोस्वामी का आरोप है कि इन महिलाओं ने पहले 108 दिन सरकार और हाई पावर मैनेजमेंट कमेटी के खिलाफ प्रदर्शन किया था. नारेबाजी कर आम जनता में भ्रम फैलाया था, जिसका उन्होंने विरोध किया. खजाना खुलने के दौरान भी अभद्र व्यवहार किया, उनको कुलद्रोही कहा. दिनेश गोस्वामी का कहना है कि उनको अपनी जान का खतरा है. उनको सुरक्षा उपलब्ध कराई जाए.
Banke Bihari Temple News : जब भगवान के द्वार पर लटका मिला ताला
विश्व प्रसिद्ध ठाकुर बांके बिहारी मंदिर में परंपराओं और नई व्यवस्थाओं को लेकर चल रहा विवाद अब चरम पर पहुंच गया है. हाई पावर्ड कमेटी की 12वीं बैठक के बाद लिए गए निर्णयों ने बुधवार को उस समय उग्र रूप ले लिया, जब मंदिर के गर्भगृह पर ताला लगा दिया गया. इस कदम के बाद सेवायत… pic.twitter.com/SKQhQh6qOD
— NDTV India (@ndtvindia) February 19, 2026
मामला बुधवार को बढ़ा जब राजभोग सेवा के दौरान ठाकुर जी को जगमोहन (बाहरी चबूतरे) में विराजमान किया गया था. दोपहर में दर्शन बंद होने के बाद जब ‘शयनभोग’ सेवा के लिए गोस्वामी मंदिर पहुंचे, तो गर्भगृह के मुख्य द्वार पर ताला लटका मिला. प्रशासन के इस निर्णय से न केवल पूजा में व्यवधान पड़ा, बल्कि वहां मौजूद भक्त भी आक्रोशित हो उठे. सेवायत वेणु गोस्वामी ने बताया, “मैं समय पर पूजा के लिए उपस्थित था, लेकिन प्रशासन ने ताला लगाकर सेवा में व्यवधान उत्पन्न किया. यह हमारी सदियों पुरानी मर्यादाओं का उल्लंघन है.”
हुआ भारी विरोध

बता दें, वहां आए भक्तों की नारेबाजी और विरोध, व सेवायतों द्वारा किए गए विरोध को देखते हुए आखिरकार हाई पावर्ड कमेटी को आखिरकार झुकना पड़ा. भारी नारेबाजी के बीच कुछ ही देर बाद गर्भगृह का ताला खोला गया और दर्शन फिर से शुरू हो सके. सेवाधिकारी हिमांशु गोस्वामी ने जीत का श्रेय भक्तों को देते हुए कहा, “ठाकुर जी की मर्यादा की रक्षा के लिए भक्त हमारे साथ खड़े रहे. कमेटी को अपनी हठ छोड़नी पड़ी, जिसके लिए हम श्रद्धालुओं का धन्यवाद करते हैं.”
हुई शिकायत दर्ज
हालांकि गर्भगृह का ताला तो खुलवा दिया गया मगर इस मामले में पुलिस ने दिनेश गोस्वामी की शिकायत पर अंकित गोस्वामी, गोवर्धन गोस्वामी, रेनू गोस्वामी के अलावा 15 अज्ञात महिलाओं के खिलाफ मुकद्दमा दर्ज कर लिया है. पुलिस ने इस मामले में 191(2), 352, 351(2), 351(3) और 333 धारा लगाई है. इस मामले की जांच उप निरीक्षक सुबोध कुमार को सौंपी है.
बांके बिहारी मंदिर की मान्यता

आपको बता दें, बांके बिहारी मंदिर भारत के यूपी राज्य में मथुरा जिले के वृंदावन धाम में बिहारीपुरा में स्थित है। यह भारत के प्राचीन और प्रसिद्ध मंदिरों में से एक है। बांके बिहारी, कृष्ण का ही एक रूप है जो इसमें प्रदर्शित किया गया है। इस मन्दिर का निर्माण 1864 में स्वामी हरिदास ने करवाया था। इस मंदिर कि मान्यता बहुत है और देश विदेश से श्रद्धालु यहां मनोकामनाओं के लिए आते हैं।
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