ChatGPT से Drugs लेने का तरीका पूछा, ओवरडोज से युवक की मौत; जानें कितना खतरनाक बनता जा रहा AI का यूज

Summary :

Chatgpt Drugs Case: आज हम AI का इस्तेमाल सबसे मुश्किल समस्याओं को हल करने के लिए करते हैं, चाहे वे शिक्षा से जुड़ी हों या किसी और चीज़ से। हम एक ऐसे दौर में जी रहे हैं जहाँ कोई भी काम नामुमकिन या बहुत मुश्किल नहीं है। यह सब AI की वजह से मुमकिन हुआ है। हालाँकि, कभी-कभी लोग इसका सही इस्तेमाल करने के बजाय इसका गलत इस्तेमाल करते हैं। इसी बीच अमेरिका के कैलफोर्निया में 19 साल के एक युवक की ड्रग ओवरडोज से मौत हो गई है। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, नेल्सन ने ड्रग्स से जुडी जानकारी के…

Chatgpt Drugs Case: आज हम AI का इस्तेमाल सबसे मुश्किल समस्याओं को हल करने के लिए करते हैं, चाहे वे शिक्षा से जुड़ी हों या किसी और चीज़ से। हम एक ऐसे दौर में जी रहे हैं जहाँ कोई भी काम नामुमकिन या बहुत मुश्किल नहीं है। यह सब AI की वजह से मुमकिन हुआ है। हालाँकि, कभी-कभी लोग इसका सही इस्तेमाल करने के बजाय इसका गलत इस्तेमाल करते हैं। इसी बीच अमेरिका के कैलफोर्निया में 19 साल के एक युवक की ड्रग ओवरडोज से मौत हो गई है। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, नेल्सन ने ड्रग्स से जुडी जानकारी के लिए Chatgpt का इस्तेमाल किया था और इससे जुडी सलाह और रिकवरी से जुड़े सवाल भी पूछे थे।

बता दें कि इस तरह की घटना से AI के गलत इस्तेमाल और सुरक्षा सीमाओं पर गंभीर सवाल खड़े करती है। परिवार का कहना है कि सैम काफी समय से AI पर अधिक भरोसा करता था। उसी से पूछकर कुछ भी काम करता था। रिपोर्ट में यह भी दावा किया गया कि शुरुआत में ChatGPT ने नशीली दवाओं से जुड़ी सहायता देने से इंकार किया था। लेकिन बाद में ChatGPT ने युवक को कथित तौर पर इससे संबंधित जवाब देना शुरू कर दिया।

How Dangerous is ChatGPT: सैम मरने से पहले देर रात तक ChatGPT से चैट किया

2025 के मई में सैम ने अपने नशे के बारे में परिवार को बताया था। उसे डॉक्टर से दिखवाया गया। लेकिन इसी बीच युवक की तबियत बिगड़ने लगी और वह रूम में बेहोश पाया गया और बाद में उसकी जान चली गई। आरोप है कि सैम मरने से पहले देर रात तक ChatGPT से चैट कर रहा था। इस घटना ने सोशल मीडिया और समाज में AI के इस्तेमाल को लेकर कई सवाल खड़े कर दिए हैं। नियमों के अनुसार, नशीले खान पान से जुड़े सवालों पर ChatGPT जवाब देने से मना कर देता हैं।

ChatGPT Side Effects: AI का गलत इस्तेमाल आपके लिए कितना खतरनाक?

AI का गलत इस्तेमाल आपके लिए कितना खतरनाक होता जा रहा है यह इस घटना से साबित हो गया है। तो, आइए जानते हैं कि AI इंसान के दिमाग पर कितना असर डाल रहा है और यह हमारे दिमाग के लिए कितना खतरनाक होता जा रहा है?

World Newws Today, Chatgpt Drugs Case: AI इंसान के दिमाग पर कितना असर डाल रहा है?

1. गलत मेडिकल जानकारी जानलेवा
बिना डॉक्टर के AI से इलाज, दवा या ड्रग्स की सलाह जान पर भारी पड़ सकती है।

2. मानसिक स्वास्थ्य पर बुरा असर
गलत सलाह डिप्रेशन, एंग्ज़ायटी और आत्मघाती विचार बढ़ा सकती है।

3. फेक न्यूज और अफवाहें
AI से बनी झूठी खबरें आपको गलत फैसले लेने पर मजबूर कर सकती हैं।

4. कानूनी मुसीबत
गैरकानूनी कामों की जानकारी लेना/फैलाना आपको जेल तक पहुँचा सकता है।

5. प्राइवेसी का खतरा
पर्सनल डाटा शेयर करने से पहचान चोरी और फ्रॉड हो सकता है।

6. डिजिटल ठगी और स्कैम
AI-जनरेटेड कॉल, मैसेज और ईमेल से आप ठगे जा सकते हैं।

7. गलत करियर फैसले
बिना वेरिफिकेशन AI पर भरोसा नौकरी/पढ़ाई में नुकसान करा सकता है।

8. आदत और निर्भरता
हर फैसले के लिए AI पर निर्भर होना सोचने की क्षमता कमजोर करता है।

9. गलत जानकारी से शारीरिक नुकसान
फिटनेस, डाइट या एक्सपेरिमेंटल सलाह शरीर को नुकसान पहुँचा सकती है।

10. सोशल और नैतिक नुकसान
गलत कंटेंट शेयर करने से रिश्ते, छवि और भरोसा टूट सकता है।

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Shivangi Shandilya

शिवांगी शांडिल्य पत्रकारिता में पिछले 2 वर्षों से सक्रिय हैं। राजनीति, विदेश, क्राइम के अलावा आद्यात्मिक खबरें लिखना पसंद हैं। गलगोटिया विश्वविद्यालय से बैचलर ऑफ मास कम्यूनिकेशन की पढ़ाई पूरी की है। IGNOU से मास्टर ऑफ मास कम्यूनिकेशन की पढ़ाई जारी है। इस दौर में वेबसाइट पर लिखने का कार्य जारी है। पत्रकारिता की शुरुआत इंडिया न्यूज़ (इनखबर) से हुई, जहां बत्तौर हिन्दी सब-एडिटर के रूप में वेबसाइट पर काम किया। वर्तमान में पंजाब केसरी दिल्ली में हिन्दी सब-एडिटर के तौर पर काम कर रहे हैं। बिहार के मुजफ्फरपुर जिले में जन्म लेने वाली शिवांगी की शिक्षा उनके गृह जिले में ही हुई है। शिवांगी को राजनीतिक घटनाक्रम पर आलेख लिखना बेहद पसंद है।