Chhattisgarh Naxal Encounter: छत्तीसगढ़ के सुकमा जिले में सुरक्षाबलों ने नक्सलियों के खिलाफ बड़ी और निर्णायक कार्रवाई की है। थाना गोलापल्ली क्षेत्र के घने जंगल और पहाड़ी इलाके में सुरक्षाबलों और नक्सलियों के बीच सुबह से मुठभेड़ जारी है। इस मुठभेड़ में अब तक तीन नक्सलियों के मारे जाने की पुष्टि हुई है। मारे गए नक्सली किस्टाराम एरिया कमेटी के सक्रिय सदस्य बताए जा रहे हैं, जिनमें एक महिला नक्सली भी शामिल है।
284 Naxalites Killed: रुक-रुक कर हो रही फायरिंग

पुलिस सूत्रों के अनुसार, सुबह-सुबह माओवादियों की मौजूदगी की पुख्ता सूचना मिलने पर डीआरजी (डिस्ट्रिक्ट रिजर्व गार्ड) की टीम ने गोलापल्ली क्षेत्र में सर्च ऑपरेशन शुरू किया था। जैसे ही जवान जंगल और पहाड़ी इलाके में आगे बढ़े, पहले से घात लगाए बैठे नक्सलियों ने सुरक्षाबलों पर फायरिंग शुरू कर दी। जवाबी कार्रवाई में डीआरजी के जवानों ने भी मोर्चा संभालते हुए नक्सलियों पर करारा प्रहार किया।
Maoist Encounter Chhattisgarh: घटना के बाद सुरक्षा व्यवस्था और सख्त

बता दें कि घटना के बाद पूरे इलाके में सुरक्षा व्यवस्था और सख्त कर दी गई है। घने जंगल और दुर्गम पहाड़ियों के कारण ऑपरेशन चुनौतीपूर्ण बना हुआ है, लेकिन सुरक्षाबल पूरी सतर्कता के साथ कार्रवाई कर रहे हैं। मुठभेड़ के दौरान रुक-रुक कर फायरिंग की आवाजें सुनाई दे रही हैं। हालात को देखते हुए आसपास के क्षेत्रों में अतिरिक्त बलों को भी अलर्ट पर रखा गया है।

Chhattisgarh Naxal Encounter: घटना पर पुलिस का बयान
सुकमा पुलिस ने एनकाउंटर की आधिकारिक पुष्टि करते हुए बताया कि मारे गए तीनों नक्सली किस्टाराम एरिया कमेटी के सदस्य थे। उनकी पहचान इस प्रकार की गई है. माड़वी जोगा उर्फ मुन्ना उर्फ जगत (एसीएम, किस्टाराम एरिया कमेटी), सोढ़ी बंडी (एसीएम, किस्टाराम एरिया कमेटी) और नुप्पो बजनी (एसीएम, किस्टाराम एरिया कमेटी), जो एक महिला नक्सली थी। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि ऑपरेशन अभी जारी है और पूरे इलाके की सघन तलाशी ली जा रही है, ताकि किसी अन्य नक्सली के छिपे होने की संभावना को खत्म किया जा सके। सुरक्षाबलों की इस कार्रवाई को नक्सल विरोधी अभियान में एक बड़ी सफलता के रूप में देखा जा रहा है।






















