छत्तीसगढ़ में AI आधारित शिक्षा की शुरुआत, भविष्य के लिए तैयार हो रहा प्रदेश

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Chhattisgarh News: छत्तीसगढ़ में शिक्षा को आधुनिक बनाने की दिशा में राज्य सरकार ने एक अहम पहल की है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) को शिक्षा से जोड़ने वाले अभियान को राज्य के भविष्य के लिए बेहद जरूरी बताया है। यह पहल राजधानी रायपुर से शुरू की जाएगी और इसका उद्देश्य शिक्षा प्रणाली को अधिक प्रभावी, आधुनिक और कौशल आधारित बनाना है।

इस नई योजना के तहत “कृत्रिम बुद्धिमत्ता सक्षम शिक्षा अभियान” को प्रारंभिक तौर पर रायपुर में लागू किया जाएगा। सरकार का मानना है कि इस पहल से राज्य में शिक्षा का स्तर बेहतर होगा और छात्रों को नई तकनीकों से जुड़ने का मौका मिलेगा। इससे छत्तीसगढ़ को ज्ञान और नवाचार के क्षेत्र में आगे बढ़ाने में मदद मिलेगी।

Chhattisgarh News: गूगल के साथ साझेदारी

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मुख्यमंत्री निवास में गूगल इंडिया और गूगल के शिक्षा विभाग के अधिकारियों के साथ बैठक के दौरान इस योजना की पूरी रूपरेखा पर चर्चा की गई। इस साझेदारी के तहत गूगल अपना डिजिटल प्लेटफॉर्म मुफ्त में उपलब्ध कराएगा, जिससे शिक्षकों को आधुनिक तकनीकी संसाधनों तक पहुंच मिल सकेगी। यह सहयोग शिक्षकों और छात्रों दोनों के लिए फायदेमंद साबित होगा।

शिक्षकों के लिए स्पेशल ट्रेनिंग

इस अभियान का एक महत्वपूर्ण हिस्सा शिक्षकों का प्रशिक्षण है। राज्य में 2 लाख से ज्यादा शिक्षकों को AI आधारित ट्रेनिंग और प्रमाण पत्र दिए जाएंगे। पहले चरण में 200 शिक्षकों के लिए विशेष कार्यशालाएं आयोजित की जाएंगी। इन कार्यशालाओं में उन्हें डिजिटल टूल्स और AI आधारित शिक्षण तरीकों का व्यावहारिक ज्ञान दिया जाएगा, जिससे वे कक्षा में नए तरीकों से पढ़ा सकें।

शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि AI को शिक्षा में शामिल करना सिर्फ तकनीकी बदलाव नहीं है, बल्कि यह छात्रों को भविष्य के लिए तैयार करने का एक बड़ा कदम है। इससे पढ़ाई अधिक रोचक और प्रभावी बनेगी, साथ ही छात्रों में नई सोच और कौशल विकसित होंगे। यह पहल उन्हें वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धा करने के लिए सक्षम बनाएगी।

राज्य सरकार का लक्ष्य छत्तीसगढ़ को तकनीक आधारित और ज्ञान केंद्रित राज्य बनाना है। इस पहल के जरिए हर छात्र को बेहतर और आधुनिक शिक्षा उपलब्ध कराने पर जोर दिया जा रहा है। सरकार चाहती है कि शिक्षा केवल किताबों तक सीमित न रहे, बल्कि छात्रों को वास्तविक जीवन के कौशल भी सिखाए जाएं।

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