संत रामपाल को मिली जमानत, कुछ देर में जेल से बाहर आएंगे रामपाल;11 साल पुराने मामले में हाईकोर्ट का बड़ा फैसला

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Sant Rampal bail news update: पंजाब एवं हरियाणा हाई कोर्ट ने गुरुवार (9 अप्रैल) को सतलोक आश्रम के बाबा रामपाल को जमानत दे दी है। वह 2014 में हिसार के बरवाला स्थित आश्रम में हुई हिंसा और दंगों के सिलसिले में आजीवन कारावास की सज़ा काट रहा था, और फ़िलहाल हिसार की सेंट्रल जेल में बंद है। जैसे ही उसकी ज़मानत की ख़बर फैली, उसके समर्थकों में खुशी की लहर दौड़ गई। बड़ी संख्या में समर्थक जेल के बाहर जमा होने लगे। हरियाणा के सोनीपत में तो समर्थकों ने जश्न के तौर पर लड्डू भी बांटे। जमानत के बाद अनुयायियों में…

Sant Rampal bail news update: पंजाब एवं हरियाणा हाई कोर्ट ने गुरुवार (9 अप्रैल) को सतलोक आश्रम के बाबा रामपाल को जमानत दे दी है। वह 2014 में हिसार के बरवाला स्थित आश्रम में हुई हिंसा और दंगों के सिलसिले में आजीवन कारावास की सज़ा काट रहा था, और फ़िलहाल हिसार की सेंट्रल जेल में बंद है। जैसे ही उसकी ज़मानत की ख़बर फैली, उसके समर्थकों में खुशी की लहर दौड़ गई। बड़ी संख्या में समर्थक जेल के बाहर जमा होने लगे। हरियाणा के सोनीपत में तो समर्थकों ने जश्न के तौर पर लड्डू भी बांटे।

जमानत के बाद अनुयायियों में खुशी

बता दें कि पंजाब और हरियाणा उच्च न्यायालय से राहत मिलने के बाद भिवानी के सतलोक आश्रम में संत रामपाल के अनुयायियों में खुशी का लहर है। कई अनुयायी कोर्ट के इस फैसले के बाद काफी भावुक भी हो गए। अनुयायी इसे बुराई पर अच्छाई की जीत बता रहे हैं। रामपाल को जमानत मिलने के बाद उम्मीद है कि संत रामपाल अपने पैतृक गांव धनाना स्थित आश्रम जा सकते हैं। ऐसे में वहां की अनुयायियों में भारी उत्साह है, वहीं प्रशासन भी इस मामले में कड़ी निगरानी रख रहा है।

सतलोक आश्रम की व्यवस्था और खासियत

इसके अलावा, धनाना गांव में स्थित सतलोक आश्रम लगभग 48 एकड़ में फैला हुआ है, जिसमें से 12 एकड़ ज़मीन विशेष रूप से सत्संग (आध्यात्मिक सभाओं) और भंडारों (सामुदायिक भोज) की व्यवस्था के लिए समर्पित है। आश्रम में एक विशाल पंडाल और एक केंद्रीय हॉल (दरबार) है, जहां 60,000 से 70,000 लोग एक साथ बैठकर भोजन कर सकते हैं। यहां दहेज-मुक्त विवाह भी संपन्न कराए जाते हैं, जिनमें जोड़ों को विवाह की रस्में पूरी करने के लिए एक साथ बिठाया जाता है। आश्रम में सर्दियों और गर्मियों, दोनों मौसमों के लिए अलग-अलग व्यवस्थाएँ की गई हैं, और यहाँ लगभग 3,000 शौचालयों सहित कई सुविधाएँ उपलब्ध हैं, जिससे यह सुनिश्चित होता है कि बड़ी संख्या में आने वाले श्रद्धालुओं को किसी भी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े।

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Shivangi Shandilya

शिवांगी शांडिल्य पत्रकारिता में पिछले 2 वर्षों से सक्रिय हैं। राजनीति, विदेश, क्राइम के अलावा आद्यात्मिक खबरें लिखना पसंद हैं। गलगोटिया विश्वविद्यालय से बैचलर ऑफ मास कम्यूनिकेशन की पढ़ाई पूरी की है। IGNOU से मास्टर ऑफ मास कम्यूनिकेशन की पढ़ाई जारी है। इस दौर में वेबसाइट पर लिखने का कार्य जारी है। पत्रकारिता की शुरुआत इंडिया न्यूज़ (इनखबर) से हुई, जहां बत्तौर हिन्दी सब-एडिटर के रूप में वेबसाइट पर काम किया। वर्तमान में पंजाब केसरी दिल्ली में हिन्दी सब-एडिटर के तौर पर काम कर रहे हैं। बिहार के मुजफ्फरपुर जिले में जन्म लेने वाली शिवांगी की शिक्षा उनके गृह जिले में ही हुई है। शिवांगी को राजनीतिक घटनाक्रम पर आलेख लिखना बेहद पसंद है।