Chhattisgarh News: छत्तीसगढ़ में लगातार बढ़ रही गर्मी और आने वाले दिनों में संभावित पेयजल संकट को देखते हुए नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग ने सभी नगर निगम, नगर पालिका और नगर पंचायतों को जरूरी निर्देश जारी किए हैं। सरकार ने साफ कहा है कि गर्मी के मौसम में लोगों को पीने के पानी की समस्या नहीं होनी चाहिए और इस मामले में किसी भी तरह की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी। उपमुख्यमंत्री और नगरीय प्रशासन मंत्री अरुण साव के निर्देश के बाद विभाग ने सभी अधिकारियों को अलर्ट मोड में रहने को कहा है। विभाग का उद्देश्य है कि शहरों और कस्बों में रहने वाले लोगों को गर्मी के दौरान साफ, सुरक्षित और नियमित पेयजल मिल सके।
Chhattisgarh News: हैंडपंप और पाइपलाइन की होगी नियमित जांच
विभाग की ओर से जारी आदेश में सभी नगर निकायों के आयुक्तों और मुख्य नगर पालिका अधिकारियों को जल व्यवस्था की लगातार निगरानी करने को कहा गया है। इसके तहत हैंडपंप, बोरवेल और जल सप्लाई सिस्टम की नियमित जांच की जाएगी। जहां कहीं खराबी मिलेगी, वहां तुरंत मरम्मत कराने के निर्देश दिए गए हैं। इसके अलावा, पाइपलाइन में लीकेज, टूट-फूट या गंदे नालों से होकर गुजरने वाली पाइपलाइन को प्राथमिकता के आधार पर सुधारने को कहा गया है। विभाग का मानना है कि खराब पाइपलाइन के कारण पानी की बर्बादी के साथ-साथ दूषित पानी सप्लाई होने का खतरा भी बढ़ जाता है।
जल संकट वाले इलाकों की होगी पहचान
हाल ही में हुई समीक्षा बैठक में उपमुख्यमंत्री अरुण साव ने अधिकारियों को स्पष्ट रूप से कहा था कि किसी भी वार्ड, कॉलोनी या बस्ती में पानी की किल्लत नहीं होनी चाहिए। इसी को ध्यान में रखते हुए विभाग ने ऐसे क्षेत्रों की पहचान करने के निर्देश दिए हैं, जहां गर्मियों में भूजल स्तर तेजी से नीचे चला जाता है। इन इलाकों में समय रहते वैकल्पिक व्यवस्था करने को कहा गया है, ताकि लोगों को पानी के लिए परेशानी का सामना न करना पड़े। जरूरत पड़ने पर टैंकर या अन्य माध्यमों से भी पानी उपलब्ध कराने की तैयारी रखने के निर्देश दिए गए हैं।
पानी की गुणवत्ता बनाए रखने पर विशेष ध्यान
विभाग ने केवल पानी की उपलब्धता ही नहीं बल्कि उसकी गुणवत्ता बनाए रखने पर भी जोर दिया है। अधिकारियों को निर्देश दिया गया है कि हैंडपंप और अन्य जल स्रोतों में नियमित रूप से क्लोरीन डाला जाए, ताकि पानी स्वच्छ बना रहे। इसके साथ ही ओवरहेड टैंकों की सफाई, जल शोधन संयंत्रों की सफाई और क्लोरीन की मात्रा की नियमित जांच करने को भी जरूरी बताया गया है। सरकार चाहती है कि लोगों तक साफ और सुरक्षित पानी पहुंचे, जिससे बीमारियों का खतरा कम हो सके।
शिकायतों के समाधान के लिए नोडल अधिकारी नियुक्त
हर नगर निकाय में आयुक्त और मुख्य नगर पालिका अधिकारी को नोडल अधिकारी बनाया गया है। ये अधिकारी रोजाना पेयजल से जुड़ी शिकायतों की समीक्षा करेंगे और तय समय में उनका समाधान सुनिश्चित करेंगे। इसके अलावा, बस स्टैंड, बाजार और अन्य भीड़भाड़ वाले इलाकों में प्याऊ घर खोलने के निर्देश भी दिए गए हैं। वहां पीने के पानी के साथ जरूरी कर्मचारियों की व्यवस्था करने को भी कहा गया है।
विभाग ने सभी नगर निकायों को चेतावनी दी है कि शासन के निर्देशों का पूरी गंभीरता से पालन किया जाए। सरकार का कहना है कि गर्मी के मौसम में लोगों को पेयजल संकट का सामना न करना पड़े, इसके लिए हर संभव कदम उठाए जाएंगे।


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