क्या किसी बड़े युद्ध की तैयारी? 8 साल बाद चीन ने अपनी सेना में किए ये 5 बड़े बदलाव!

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China Military Reforms: भारत के पड़ोसी देश चीन से बड़ी खबर सामने आई है। दरअसल चीन ने करीब आठ साल बाद अपनी सेना में 5 बड़े सुधार लागू किए हैं। यह कदम ऐसे समय में उठाया गया है जब देश की सेना में भ्रष्टाचार और अनुशासनहीनता को लेकर काफी आलोचनाएं हो रही हैं। सरकार का कहना है कि इन सुधारों से आने वाले समय में सेना और मज़बूत व प्रभावी बनेगी। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, इन बदलावों का मुख्य उद्देश्य सेना में अनुशासन बढ़ाना और कामकाज को ज़्यादा पारदर्शी बनाना है। 2017 में आखिरी बड़े सुधार किए गए थे, जब…

China Military Reforms: भारत के पड़ोसी देश चीन से बड़ी खबर सामने आई है। दरअसल चीन ने करीब आठ साल बाद अपनी सेना में 5 बड़े सुधार लागू किए हैं। यह कदम ऐसे समय में उठाया गया है जब देश की सेना में भ्रष्टाचार और अनुशासनहीनता को लेकर काफी आलोचनाएं हो रही हैं। सरकार का कहना है कि इन सुधारों से आने वाले समय में सेना और मज़बूत व प्रभावी बनेगी।

मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, इन बदलावों का मुख्य उद्देश्य सेना में अनुशासन बढ़ाना और कामकाज को ज़्यादा पारदर्शी बनाना है। 2017 में आखिरी बड़े सुधार किए गए थे, जब लगभग तीन लाख सैनिकों को सेवा से हटाया गया था। इस बार कितने लोगों की छंटनी होगी, इसका खुलासा नहीं किया गया है।

China Military Reforms (source: social media)
China Military Reforms (source: social media)

China Military Reforms: चीन की सेना में किए गए 5 अहम बदलाव

1. नकली युद्ध अभ्यास पर रोक

पहला और सबसे महत्वपूर्ण बदलाव नकली युद्ध (फ़ेक वॉर सिम्युलेशन) पर सख्ती का है। कई बार सेना वास्तविक क्षमता से ज़्यादा हथियार और सैनिकों की संख्या बताती थी। अब सेना को साफ निर्देश दिया गया है कि केवल सही जानकारी ही दी जाए और जमीनी हकीकत पर काम किया जाए। झूठे दावों की वजह से हाल के समय में चीन को नुकसान भी उठाना पड़ा था।

2. राजनीतिक बयानबाज़ी पर पाबंदी

अब कोई भी सैन्य अधिकारी राजनीतिक टिप्पणी नहीं कर सकेगा। इसे अनुशासन भंग माना जाएगा और दोषी पाए जाने पर तुरंत जांच व कार्रवाई होगी। इसका उद्देश्य सेना को राजनीतिक दबाव और अनावश्यक विवादों से दूर रखना है।

3. अनाधिकृत भोज और शराबखोरी पर नियंत्रण

तीसरे बदलाव के तहत अधिकारियों के अनाधिकृत भोज में शामिल होने या अत्यधिक शराब पीने पर रोक लगाई जा रही है। कई मामलों में देखा गया कि नशे में गलत फैसले लिए गए और अधिकारी जाल में फँस गए, जिससे सुरक्षा पर असर पड़ा। साथ ही, सेना के भीतर खरीद-फरोख्त से जुड़े भ्रष्टाचार को रोकना भी इसी नीति का हिस्सा है।

4. वफादार और कम लागत वाले कर्मचारियों को प्राथमिकता

चीन की सेना अब ऐसे लोगों को नियुक्त करना चाहती है जो ईमानदार हों और सेना के प्रति वफादार भी। साथ ही कम लागत वाले और लंबे समय तक काम करने वाले कर्मियों को तरजीह दी जाएगी। चीन पर सैन्य वेतन और संसाधनों का खर्च लगातार बढ़ रहा है, इसलिए लागत घटाना भी जरूरी हो गया है।

China Military Reforms (source: social media)
China Military Reforms (source: social media)

5. वरिष्ठ अधिकारियों की फिजूलखर्ची पर रोक

पाँचवाँ बदलाव उच्च पदस्थ अधिकारियों के अनावश्यक खर्चों पर अंकुश से जुड़ा है। मनोरंजन या निजी दिखावे पर बड़े खर्च अब सीमित कर दिए गए हैं। सेना चाहती है कि अधिकारी अपनी छवि सुधारने और कामकाजी दक्षता पर ज्यादा ध्यान दें, न कि शानो-शौकत पर।

Chinese Army Major Changes: आखिर क्यों पड़ी इन सुधारों की जरूरत?

स्टॉकहोम इंटरनेशनल पीस रिसर्च इंस्टिट्यूट (SIPRI) की रिपोर्ट के अनुसार, साल 2024 में जहां दुनिया के कई देशों ने हथियारों की बिक्री बढ़ाई, वहीं चीन पिछड़ गया। इसके पीछे मुख्य वजह सेना और रक्षा कंपनियों में फैला भ्रष्टाचार बताया जा रहा है। हथियारों की कम बिक्री से चीन को आर्थिक नुकसान भी उठाना पड़ा है। हाल ही में चीन ने भ्रष्टाचार के आरोप में सेना के एक वरिष्ठ अधिकारी को भी हटाया था। लगातार बढ़ते ऐसे मामलों ने सरकार को सेना के भीतर कठोर सुधार करने के लिए मजबूर कर दिया।

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Amit Kumar

अमित कुमार पिछले 3 सालों से पत्रकारिता के क्षेत्र में काम कर रहे हैं। उन्हें विदेश, बिजनेस, ऑटो, टेक और गैजेट्स से जुड़ी खबरें लिखने का अच्छा अनुभव है। उन्होंने दिल्ली विश्वविद्यालय से बैचलर ऑफ मास कम्युनिकेशन, आईआईएमसी से पोस्ट ग्रेजुएट डिप्लोमा और उत्तर प्रदेश राजर्षि टंडन विश्वविद्यालय से मास्टर ऑफ मास कम्युनिकेशन की पढ़ाई की है। पत्रकारिता की शुरुआत उन्होंने वेबसाइट पर लिखने से की। इसके बाद इंडिया डेली न्यूज़ चैनल और न्यूज़ इंडिया 24x7 में हिंदी सब-एडिटर के तौर पर काम किया। वर्तमान में वह पंजाब केसरी, दिल्ली में हिंदी सब-एडिटर के पद पर कार्यरत हैं।