‘Sorry Papa, डायरी में जो लिखी है सब सच है…’, कोरियन लवर गेम का टास्क पूरा कर तीनों बहनों ने गंवाई जान, Suicide Note से खुले कई राज

Summary :

Ghaziabad Girls Suicide Note: गाजियाबाद में तीन सगी बहनों ने एक साथ 9वीं मंजिल से कूदकर जान गंवा दी। मौके से एक सुसाइड नोट मिला है। जिसमें तीनों बहनों ने लिखा है, “सॉरी मम्मी, सॉरी पापा… वहीं इसी दौरान लड़कियों के पिता ने कई चौंकाने वाले दावे किए हैं। पिता के अनुसार, तीनों लड़कियां ऑनलाइन गेम खेलने की आदी थी। मंगलवार को गेम का आखिरी टास्क था। जिसे पूरा करने के लिए लड़कियों ने ऐसा खौफनाक कदम उठाया और 9वें मंजिल से कूद गई। पिता के अनुसार पुलिस बच्चों के फोन जांच के लिए ले गई हैं। गेम में कुल…

Ghaziabad Girls Suicide Note: गाजियाबाद में तीन सगी बहनों ने एक साथ 9वीं मंजिल से कूदकर जान गंवा दी। मौके से एक सुसाइड नोट मिला है। जिसमें तीनों बहनों ने लिखा है, “सॉरी मम्मी, सॉरी पापा… वहीं इसी दौरान लड़कियों के पिता ने कई चौंकाने वाले दावे किए हैं। पिता के अनुसार, तीनों लड़कियां ऑनलाइन गेम खेलने की आदी थी। मंगलवार को गेम का आखिरी टास्क था। जिसे पूरा करने के लिए लड़कियों ने ऐसा खौफनाक कदम उठाया और 9वें मंजिल से कूद गई। पिता के अनुसार पुलिस बच्चों के फोन जांच के लिए ले गई हैं। गेम में कुल 50 टास्क थे।

Ghaziabad sisters suicide gaming app: तीनों बहनों ने क्यों 9वीं मंजिल से कूदकर दे दी जान?

गाजियाबाद के थाना टीला मोड़ क्षेत्र स्थित भारत सिटी में एक दर्दनाक घटना सामने आई है। मृतक लड़कियों की पहचान निशिका (16 वर्ष), प्राची (14 वर्ष) और पाखी (12 वर्ष) के रूप में हुई है। तीनों ने देर रात करीब 2:30 बजे एक बहुमंजिला इमारत की 9वीं मंजिल से छलांग लगा दी।

Ghaziabad Case में क्या बोली पुलिस?

पुलिस के अनुसार, रात लगभग 2:15 बजे पीआरवी के माध्यम से सूचना मिली कि भारत सिटी स्थित टावर बी-1 के फ्लैट नंबर 907 से तीन लड़कियां नीचे कूद गई हैं। सूचना मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंची, जहां जांच के दौरान तीनों बच्चियां जमीन पर गिरी हुई मिलीं। उन्हें तत्काल एंबुलेंस से 50 शैय्या अस्पताल, लोनी भेजा गया, लेकिन डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। फिलहाल पुलिस पूरे मामले की गंभीरता से जांच कर रही है और आवश्यक क़ानूनी कार्रवाई की जा रही है।

Korean gaming app Ghaziabad suicide: पुलिस को हाथ लगा 8 पन्नों का सुसाइड नोट

Ghaziabad Girls Suicide Note

पुलिस को मौके से एक पॉकेट डायरी मिली है, जिसमें आठ पन्नों का सुसाइड नोट लिखा हुआ है। इस नोट में तीनों बहनों ने अपने मोबाइल गेम और दूसरी ऑनलाइन गतिविधियों का ज़िक्र किया है। उन्होंने लिखा है कि उन्हें गेम से बहुत लगाव है और वे इसे छोड़ नहीं सकतीं। सुसाइड नोट के अंत में लिखा है— “पापा, आई एम सॉरी”। पुलिस के मुताबिक, गेम में बीच वाली बहन प्राची बॉस की भूमिका निभाती थी। तीनों बहनें हमेशा साथ रहती थीं और खाना खाने से लेकर रोज़मर्रा के काम भी एक साथ करती थीं।

UP Crime News: मृतका के पिता ने क्या-क्या बताया?

वहीं, तीनों नाबालिग बच्चियों के पिता ने बताया कि उनकी बेटियों ने उनसे कहा था,“पापा, हम कोरियन नहीं छोड़ सकते। कोरियन हमारी ज़िंदगी है, हमारे लिए सब कुछ है। आप हमें इससे अलग नहीं कर सकते। हम अपनी जान दे देंगे।” पिता ने कहा कि उन्होंने अब सुसाइड नोट देखा है और यह बेहद दुखद है। उन्होंने सभी माता-पिता से अपील की है कि वे सतर्क रहें और यह ध्यान रखें कि बच्चे गेम्स से जरूरत से ज़्यादा न जुड़ें।

क्या होता है कोरियन लवर ऑनलाइन गेम?

कोरियन लवर ऑनलाइन गेम कोई एक खास गेम नहीं होता, बल्कि ऐसे मोबाइल गेम और ऐप्स होते हैं जो कोरियन थीम पर बने होते हैं। इन गेम्स में बच्चे वर्चुअल किरदारों से बात करते हैं, उनसे दोस्ती बनाते हैं और अलग-अलग टास्क पूरे करते हैं। कई गेम्स में चैट और टीम बनाकर खेलने की सुविधा होती है, जिससे खिलाड़ी एक-दूसरे से जुड़ जाते हैं। धीरे-धीरे कुछ बच्चे इन गेम्स से ज़्यादा लगाव महसूस करने लगते हैं और असली ज़िंदगी से दूरी बनाने लगते हैं, जो उनके लिए नुकसानदायक हो सकता है।

Ghaziabad Girls Suicide Note: इन गेम्स से कैसे बनाएं दूरी, अपने बच्चे को कैसे रखें इससे दूर?

  1. बच्चों से प्यार से बात करें
    उनसे पूछें कि वे कौन-सा गेम खेलते हैं और उन्हें क्यों पसंद है।
  2. मोबाइल का समय तय करें
    दिन में मोबाइल और गेम खेलने का एक समय तय करें।
  3. गलत ऐप्स रोकें
    मोबाइल में पैरेंटल कंट्रोल लगाकर गलत गेम और ऐप्स बंद करें।
  4. दूसरी आदतें डालें
    बच्चों को बाहर खेलने, पढ़ने और परिवार के साथ समय बिताने को कहें।
  5. खुद मोबाइल कम चलाएं
    जब माता-पिता कम मोबाइल चलाएंगे, तो बच्चे भी सीखेंगे।

Shivangi Shandilya

शिवांगी शांडिल्य पत्रकारिता में पिछले 2 वर्षों से सक्रिय हैं। राजनीति, विदेश, क्राइम के अलावा आद्यात्मिक खबरें लिखना पसंद हैं। गलगोटिया विश्वविद्यालय से बैचलर ऑफ मास कम्यूनिकेशन की पढ़ाई पूरी की है। IGNOU से मास्टर ऑफ मास कम्यूनिकेशन की पढ़ाई जारी है। इस दौर में वेबसाइट पर लिखने का कार्य जारी है। पत्रकारिता की शुरुआत इंडिया न्यूज़ (इनखबर) से हुई, जहां बत्तौर हिन्दी सब-एडिटर के रूप में वेबसाइट पर काम किया। वर्तमान में पंजाब केसरी दिल्ली में हिन्दी सब-एडिटर के तौर पर काम कर रहे हैं। बिहार के मुजफ्फरपुर जिले में जन्म लेने वाली शिवांगी की शिक्षा उनके गृह जिले में ही हुई है। शिवांगी को राजनीतिक घटनाक्रम पर आलेख लिखना बेहद पसंद है।