शादी के 2 महीने खुला ऐसा राज! पत्नी से पति हुआ नाराज, अल्ट्रासाउंड रिपोर्ट देखकर फिसली पैरों तले जमीन

Summary :

Gwalior District Fraud Marriage Case: मध्य प्रदेश के ग्वालियर जिले से एक बेहद गंभीर और संवेदनशील मामला सामने आया है। यहां एक नई नवेली दुल्हन शादी के 2 महीने बाद ही गर्भवती पाई गई है। ऐसे में महिला के पति ने उसके मायके पक्ष पर आरोप लगाया है कि शादी से पहले ही पत्नी गर्भवती थी, लेकिन इस बात को जानबूझकर छिपाया गया। युवक का कहना है कि उसे धोखे में रखकर विवाह कराया गया। पति विशाल माहौर के अनुसार, शादी के कुछ समय बाद पत्नी की तबीयत अचानक खराब होने लगी। जब उसे डॉक्टर के पास ले जाया गया…

Gwalior District Fraud Marriage Case: मध्य प्रदेश के ग्वालियर जिले से एक बेहद गंभीर और संवेदनशील मामला सामने आया है। यहां एक नई नवेली दुल्हन शादी के 2 महीने बाद ही गर्भवती पाई गई है। ऐसे में महिला के पति ने उसके मायके पक्ष पर आरोप लगाया है कि शादी से पहले ही पत्नी गर्भवती थी, लेकिन इस बात को जानबूझकर छिपाया गया। युवक का कहना है कि उसे धोखे में रखकर विवाह कराया गया।

पति विशाल माहौर के अनुसार, शादी के कुछ समय बाद पत्नी की तबीयत अचानक खराब होने लगी। जब उसे डॉक्टर के पास ले जाया गया तो जांच में पता चला कि वह पहले से ही दो महीने से अधिक की गर्भवती थी। इस खुलासे से पति और उसके परिवार को गहरा झटका लगा।

Gwalior District Fraud Marriage Case: मायके जाकर कराया गया गर्भपात

आरोप है कि गर्भावस्था की जानकारी सामने आने के बाद पत्नी अपने मायके चली गई। वहां उसके माता-पिता और अन्य परिजनों ने मिलकर एक निजी अस्पताल में उसका गर्भपात करा दिया। पति का दावा है कि यह मामला सिर्फ गर्भपात का नहीं बल्कि जानबूझकर कराई गई भ्रूण हत्या का है। उसका कहना है कि इस पूरे घटनाक्रम में पत्नी के परिवार के कई लोग शामिल थे और सभी ने मिलकर सच्चाई को छिपाने की कोशिश की। युवक ने मांग की है कि इस मामले में जिम्मेदार सभी लोगों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई होनी चाहिए।

Gwalior District Fraud Marriage Case (Image- S-M)
Gwalior District Fraud Marriage Case (Image- S-M)

Gwalior District Court Case: पुलिस ने नहीं की कार्रवाई

पीड़ित युवक, जो झांसी का निवासी बताया जा रहा है, उसने सबसे पहले जनकगंज थाना में शिकायत दर्ज कराई थी। लेकिन पुलिस ने इस पर कोई केस दर्ज नहीं किया। इसके बाद उसने न्यायिक मजिस्ट्रेट की अदालत में आवेदन दिया। हालांकि, 20 नवंबर 2025 को न्यायिक मजिस्ट्रेट ने उसकी याचिका को खारिज कर दिया था। इससे युवक को काफी निराशा हुई और उसने इस फैसले के खिलाफ ऊपरी अदालत का दरवाजा खटखटाया।

Gwalior District Fraud Marriage Case (Image- S-M)
Gwalior District Fraud Marriage Case (Image- S-M)

Fraud Marriage Pregnancy Case: अदालत ने दिए नए सिरे से जांच के आदेश

मामला अपर सत्र न्यायाधीश के पास पहुंचा, जहां युवक ने पुनरीक्षण याचिका दाखिल की। अदालत ने सभी दस्तावेजों और बयानों को देखने के बाद माना कि इस केस में दोबारा विचार करना जरूरी है। अदालत ने कहा कि पहले के आदेश में मामले के सभी पहलुओं पर सही तरीके से ध्यान नहीं दिया गया। इसलिए न्यायिक मजिस्ट्रेट को निर्देश दिए गए हैं कि वे पूरे रिकॉर्ड को ध्यान से देखकर फिर से सुनवाई करें और कारण सहित नया आदेश जारी करें।

Gwalior District Fraud Marriage Case (Image- S-M)
Gwalior District Fraud Marriage Case (Image- S-M)

फिर से खुलेगा मामला, उठे कई सवाल

अब यह केस निचली अदालत में दोबारा सुना जाएगा। इस फैसले से पीड़ित युवक को न्याय की एक नई उम्मीद मिली है। यह मामला सिर्फ कानूनी नहीं बल्कि सामाजिक और नैतिक दृष्टि से भी गंभीर माना जा रहा है। शादी से पहले गर्भावस्था छिपाना, फिर कथित रूप से परिवार की सहमति से गर्भपात कराना कई सवाल खड़े करता है। अब सभी की नजरें अदालत की अगली कार्रवाई पर टिकी हैं। देखना होगा कि जांच के बाद सच्चाई क्या सामने आती है और दोषियों को क्या सजा मिलती है।

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Amit Kumar

अमित कुमार पिछले 3 सालों से पत्रकारिता के क्षेत्र में काम कर रहे हैं। उन्हें विदेश, बिजनेस, ऑटो, टेक और गैजेट्स से जुड़ी खबरें लिखने का अच्छा अनुभव है। उन्होंने दिल्ली विश्वविद्यालय से बैचलर ऑफ मास कम्युनिकेशन, आईआईएमसी से पोस्ट ग्रेजुएट डिप्लोमा और उत्तर प्रदेश राजर्षि टंडन विश्वविद्यालय से मास्टर ऑफ मास कम्युनिकेशन की पढ़ाई की है। पत्रकारिता की शुरुआत उन्होंने वेबसाइट पर लिखने से की। इसके बाद इंडिया डेली न्यूज़ चैनल और न्यूज़ इंडिया 24x7 में हिंदी सब-एडिटर के तौर पर काम किया। वर्तमान में वह पंजाब केसरी, दिल्ली में हिंदी सब-एडिटर के पद पर कार्यरत हैं।