ईरान के जवाब से हिला अमेरिका! खामेनेई की सेना ने दुनिया को चौंकाया, पढ़ें ईरानी हमलों का पूरा अपडेट

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Iran Israel-US Conflict: पश्चिम एशिया में हालात बेहद तनावपूर्ण हो गए हैं। ईरान ने अमेरिकी और इजरायली हमलों के जवाब में कई देशों और शहरों को निशाना बनाते हुए व्यापक सैन्य कार्रवाई शुरू कर दी है। ईरान ने दावा किया है कि यह कार्रवाई आत्मरक्षा के तहत की गई है और जब तक “दुश्मन की हार” नहीं होती, तब तक उसके हमले जारी रहेंगे। इस घटनाक्रम ने पूरे क्षेत्र में युद्ध जैसे हालात पैदा कर दिए हैं और दुनिया भर में चिंता बढ़ गई है। Iran Israel-US Conflict: इजरायल पर मिसाइल और ड्रोन से पहला हमला ईरान ने अपने जवाबी…

Iran Israel-US Conflict: पश्चिम एशिया में हालात बेहद तनावपूर्ण हो गए हैं। ईरान ने अमेरिकी और इजरायली हमलों के जवाब में कई देशों और शहरों को निशाना बनाते हुए व्यापक सैन्य कार्रवाई शुरू कर दी है। ईरान ने दावा किया है कि यह कार्रवाई आत्मरक्षा के तहत की गई है और जब तक “दुश्मन की हार” नहीं होती, तब तक उसके हमले जारी रहेंगे। इस घटनाक्रम ने पूरे क्षेत्र में युद्ध जैसे हालात पैदा कर दिए हैं और दुनिया भर में चिंता बढ़ गई है।

Iran Israel-US Conflict: इजरायल पर मिसाइल और ड्रोन से पहला हमला

Iran Israel-US Conflict (source: social media)

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ईरान ने अपने जवाबी अभियान की शुरुआत इजरायल पर बड़े पैमाने पर हमले से की। ईरानी सेना और रिवोल्यूशनरी गार्ड ने बैलिस्टिक मिसाइलों, क्रूज मिसाइलों और ड्रोन का इस्तेमाल करते हुए कई इजरायली ठिकानों को निशाना बनाया। ईरान का कहना है कि यह हमला उन हमलों का जवाब था जिनमें उसके नागरिकों और बुनियादी ढांचे को नुकसान पहुंचा था।

ईरानी अधिकारियों ने साफ कहा कि संघर्ष की शुरुआत इजरायल ने की, लेकिन इसे समाप्त करने की शर्तें ईरान तय करेगा। इजरायल में कई इलाकों में एयर रेड सायरन बजाए गए और लोगों को बंकरों में शरण लेने की सलाह दी गई। मिसाइल डिफेंस सिस्टम सक्रिय कर दिए गए, हालांकि नुकसान की पूरी जानकारी अभी सामने नहीं आई है।

Iran Attack on US Bases: सात देशों में अमेरिकी सैन्य ठिकाने बने निशाना

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इजरायल के बाद ईरान ने पश्चिम एशिया के कई देशों में मौजूद अमेरिकी सैन्य अड्डों को लक्ष्य बनाया। ईरान के हमलों का दायरा बहरीन, कतर, कुवैत, सऊदी अरब, संयुक्त अरब अमीरात, जॉर्डन और इराक तक फैल गया। ईरान का दावा है कि इन हमलों का मकसद क्षेत्र में मौजूद अमेरिकी सैन्य ताकत को कमजोर करना था। कई जगहों पर मिसाइल हमले किए गए, जबकि कुछ स्थानों पर ड्रोन का भी इस्तेमाल किया गया। इन हमलों के बाद कई देशों ने अपने एयरस्पेस बंद कर दिए और सुरक्षा अलर्ट जारी कर दिया।

Iran Missile Attack: संयुक्त अरब अमीरात में धमाके और एयरपोर्ट बंद

संयुक्त अरब अमीरात, जिसे अब तक सुरक्षित क्षेत्र माना जाता था, वहां भी ईरानी मिसाइलें पहुंचने से हड़कंप मच गया। दुबई और अबू धाबी में जोरदार धमाकों की आवाजें सुनी गईं। यूएई अधिकारियों के अनुसार, एयर डिफेंस सिस्टम ने अधिकांश मिसाइलों को हवा में ही नष्ट कर दिया। फिर भी मिसाइल के टुकड़े गिरने से अबू धाबी में एक व्यक्ति की मौत की खबर सामने आई। सुरक्षा कारणों से दुबई एयरपोर्ट से कई उड़ानें रद्द कर दी गईं। ईरान ने यहां स्थित अमेरिकी अल धाफ्रा एयर बेस को निशाना बनाने की बात स्वीकार की, हालांकि बड़े नुकसान की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।

Iran Missile Strike Middle East: सऊदी अरब में भी बढ़ी सुरक्षा चिंता

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ईरानी मिसाइल हमलों की खबरों के बाद सऊदी अरब की राजधानी रियाद में भी दहशत फैल गई। स्थानीय रिपोर्टों में कई धमाकों की आवाजें सुनाई देने की बात कही गई है। हालांकि सऊदी अधिकारियों ने अभी तक किसी मिसाइल के सीधे टकराने की पुष्टि नहीं की है। सऊदी विदेश मंत्रालय ने बयान जारी कर क्षेत्रीय देशों की संप्रभुता के उल्लंघन की कड़ी निंदा की। सऊदी अरब ने चेतावनी दी कि अंतरराष्ट्रीय कानूनों का उल्लंघन क्षेत्रीय शांति और स्थिरता के लिए गंभीर खतरा बन सकता है।

कतर में अमेरिकी एयरबेस पर हमला

ईरान ने कतर की राजधानी दोहा में स्थित अल उदैद एयर बेस को निशाना बनाया, जो क्षेत्र में अमेरिका का सबसे बड़ा सैन्य अड्डा माना जाता है। कतर के रक्षा मंत्रालय ने कहा कि उसकी एयर डिफेंस प्रणाली ने कई मिसाइलों को देश की सीमा में प्रवेश करने से पहले ही मार गिराया। अधिकारियों के मुताबिक, सुरक्षा योजना पहले से तैयार थी और उसी के तहत कार्रवाई की गई। कतर सरकार ने इस हमले को अपनी संप्रभुता का खुला उल्लंघन बताया और इसकी कड़ी निंदा की। हमलों के बाद कतर, कुवैत और यूएई ने एहतियात के तौर पर अपना एयरस्पेस अस्थायी रूप से बंद कर दिया।

बहरीन में अमेरिकी नौसेना के मुख्यालय पर हमला

बहरीन पर हुए हमले को सबसे गंभीर माना जा रहा है। ईरान ने राजधानी मनामा में स्थित अमेरिकी नौसेना की फिफ्थ फ्लीट के मुख्यालय को निशाना बनाया। रिपोर्ट्स के अनुसार, कई मिसाइलें सैन्य परिसर के आसपास गिरीं, जिससे आग और धुएं के बड़े गुबार देखे गए। स्थानीय एजेंसियों ने पुष्टि की कि सैन्य सुविधा को नुकसान पहुंचा है, हालांकि हताहतों की जानकारी स्पष्ट नहीं है। फिफ्थ फ्लीट क्षेत्र की समुद्री सुरक्षा और तेल आपूर्ति मार्गों की निगरानी के लिए महत्वपूर्ण मानी जाती है, इसलिए इस हमले को रणनीतिक रूप से बेहद अहम माना जा रहा है।

कुवैत में एयरबेस पर हमला विफल

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ईरान ने कुवैत के अली अल सलेम एयर बेस को भी निशाना बनाया। यह बेस अमेरिकी सेना के लिए महत्वपूर्ण एयरलिफ्ट हब है। कुवैती सेना ने दावा किया कि उसकी एयर डिफेंस प्रणाली ने सभी मिसाइलों को सफलतापूर्वक इंटरसेप्ट कर लिया। अधिकारियों ने कहा कि देश पूरी तरह सुरक्षित है और किसी बड़े नुकसान की सूचना नहीं है।

जॉर्डन की ओर दागी गई मिसाइलें

ईरान ने जॉर्डन की दिशा में भी दो बैलिस्टिक मिसाइलें लॉन्च कीं। बताया गया कि उनका लक्ष्य वहां मौजूद अमेरिकी सैन्य ठिकाना था। जॉर्डन की सेना ने दोनों मिसाइलों को हवा में ही मार गिराने का दावा किया। राजधानी अम्मान सहित कई इलाकों में सायरन बजे और लड़ाकू विमान गश्त करते देखे गए। जॉर्डन एयरफोर्स ने बाद में हवाई निरीक्षण अभियान शुरू किया ताकि एयरस्पेस की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।

इराक में तनाव और ड्रोन हमला

इराक में भी स्थिति तनावपूर्ण रही। बगदाद के दक्षिण-पश्चिम क्षेत्र जुर्फ अल-सखार में एक ड्रोन हमले में ईरान समर्थित मिलिशिया के ठिकाने को निशाना बनाया गया। इस हमले में कम से कम दो लोगों की मौत और कई अन्य के घायल होने की खबर है। अभी तक यह स्पष्ट नहीं है कि हमला किसने किया। इराकी विदेश मंत्री ने बताया कि ईरानी अधिकारियों ने उन्हें पहले ही संकेत दिया था कि आत्मरक्षा के तहत क्षेत्र में अमेरिकी ठिकानों को निशाना बनाया जा सकता है।

ईरान का सख्त संदेश

ईरान के विदेश मंत्रालय ने बयान जारी कर कहा कि देश अपनी सुरक्षा को लेकर किसी भी तरह की हिचक नहीं दिखाएगा। मंत्रालय ने कहा कि अब समय आ गया है कि सैन्य हमलों का निर्णायक जवाब दिया जाए। ईरान ने यह भी दावा किया कि उसने लंबी दूरी तक हमला करने की क्षमता दिखाकर अपनी सैन्य ताकत का प्रदर्शन किया है। तेहरान से रियाद, दुबई और इजरायल की दूरी का जिक्र करते हुए अधिकारियों ने कहा कि उनकी मिसाइलें हजारों किलोमीटर दूर तक पहुंच सकती हैं।

एयरस्पेस बंद होने से वैश्विक उड़ानों पर असर

लगातार हमलों और सुरक्षा खतरे के कारण कई देशों ने अपना एयरस्पेस बंद कर दिया। इससे अंतरराष्ट्रीय उड़ानों पर बड़ा असर पड़ा है। कई एयरलाइनों ने मार्ग बदल दिए हैं या उड़ानें रद्द कर दी हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि स्थिति लंबे समय तक जारी रही तो वैश्विक व्यापार और तेल आपूर्ति पर भी असर पड़ सकता है।

इजरायली हमले में छात्राओं की मौत का दावा

ईरान ने आरोप लगाया कि हालिया संघर्ष की शुरुआत इजरायल के हमले से हुई, जिसमें ईरान में 51 स्कूली छात्राओं की मौत हो गई। इस घटना ने देश में भारी आक्रोश पैदा किया और जवाबी कार्रवाई की मांग तेज हो गई। ईरानी रिवोल्यूशनरी गार्ड ने कहा कि इसी के बाद इजरायल के खिलाफ ड्रोन और मिसाइल हमलों की पहली लहर शुरू की गई।

पूरे क्षेत्र में बढ़ा युद्ध का खतरा

लगातार मिसाइल हमलों, एयरस्पेस बंद होने और सैन्य गतिविधियों के बढ़ने से पश्चिम एशिया में व्यापक युद्ध की आशंका बढ़ गई है। कई देशों ने अपने नागरिकों को सतर्क रहने और गैर-जरूरी यात्रा से बचने की सलाह दी है। अंतरराष्ट्रीय समुदाय भी स्थिति पर नजर बनाए हुए है और तनाव कम करने के लिए कूटनीतिक प्रयासों की मांग कर रहा है।

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Amit Kumar

अमित कुमार पिछले 3 सालों से पत्रकारिता के क्षेत्र में काम कर रहे हैं। उन्हें विदेश, बिजनेस, ऑटो, टेक और गैजेट्स से जुड़ी खबरें लिखने का अच्छा अनुभव है। उन्होंने दिल्ली विश्वविद्यालय से बैचलर ऑफ मास कम्युनिकेशन, आईआईएमसी से पोस्ट ग्रेजुएट डिप्लोमा और उत्तर प्रदेश राजर्षि टंडन विश्वविद्यालय से मास्टर ऑफ मास कम्युनिकेशन की पढ़ाई की है। पत्रकारिता की शुरुआत उन्होंने वेबसाइट पर लिखने से की। इसके बाद इंडिया डेली न्यूज़ चैनल और न्यूज़ इंडिया 24x7 में हिंदी सब-एडिटर के तौर पर काम किया। वर्तमान में वह पंजाब केसरी, दिल्ली में हिंदी सब-एडिटर के पद पर कार्यरत हैं।