‘नरक में स्वागत है…’, ईरान की अमेरिका को खुली चेतावनी, कहा- अमेरिकी सैनिक आए तो ताबूतों में लौटेंगे

Summary :

Iran-US Tensions: ईरान के प्रमुख अंग्रेजी अखबार ‘तेहरान टाइम्स’ ने शनिवार को अपने फ्रंट पेज पर “Welcome to Hell” नरक में स्वागत है, लिखकर कड़ा संदेश दिया है कि अमेरिकी सैनिकों के कदम रखते ही ईरान पलटवार करेगा। अखबार में स्पष्ट कहा गया कि अगर अगर विदेशी सैनिक ईरानी जमीन पर कदम रखते हैं, तो वो सिर्फ ‘ताबूतों में ही लौटेंगे।’ इसके साथ ही ईरान ने खाड़ी के देशों को भी चेतावनी दी है कि वे अपनी जमीन का इस्तेमाल अमेरिका को न करने दें। Special issue of the Tehran Times Stay tuned for straight truth pic.twitter.com/GGXRGuFkMv — Tehran Times…

Iran-US Tensions: ईरान के प्रमुख अंग्रेजी अखबार ‘तेहरान टाइम्स’ ने शनिवार को अपने फ्रंट पेज पर “Welcome to Hell” नरक में स्वागत है, लिखकर कड़ा संदेश दिया है कि अमेरिकी सैनिकों के कदम रखते ही ईरान पलटवार करेगा। अखबार में स्पष्ट कहा गया कि अगर अगर विदेशी सैनिक ईरानी जमीन पर कदम रखते हैं, तो वो सिर्फ ‘ताबूतों में ही लौटेंगे।’ इसके साथ ही ईरान ने खाड़ी के देशों को भी चेतावनी दी है कि वे अपनी जमीन का इस्तेमाल अमेरिका को न करने दें।

Iran-US Tensions: अमेरिका ने Middle East में तैनात किए 3,500 सैनिक

Iran-US Tensions
Iran-US Tensions (Source: Social Media)
दूसरी तरफ अमेरिका ने मिडिल ईस्ट में अपनी सैन्य उपस्थिति बढ़ा दी है और वहां 3,500 अतिरिक्त सैनिक तैनात किए हैं। अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) के अनुसार, ये सैनिक USS त्रिपोली युद्धपोत के जरिए पहुंचे हैं और ये 31वीं मरीन एक्सपेडिशनरी यूनिट के सदस्य हैं, जिनमें नाविक और लड़ाकू मरीन शामिल हैं। उनके साथ ट्रांसपोर्ट और लड़ाकू विमान भी भेजे गए हैं, ताकि किसी भी आपात स्थिति में तुरंत मदद और समर्थन उपलब्ध हो सके।

ईरान के तेल निर्यात पर अमेरिकी रणनीति

खुफिया रिपोर्टों के मुताबिक, अमेरिका द्वारा मिडिल ईस्ट में भेजे गए अतिरिक्त सैनिकों का उद्देश्य ईरान के रणनीतिक खार्क द्वीप की घेराबंदी करना हो सकता है। यह द्वीप ईरान के लगभग 90% कच्चे तेल के निर्यात का केंद्र है। विशेषज्ञों का मानना है कि ट्रंप प्रशासन इस द्वीप पर नियंत्रण स्थापित कर ईरान को आर्थिक रूप से कमजोर करना चाहता है और उसे ‘हॉर्मुज जलडमरूमध्य’ खोलने के लिए मजबूर करना चाहता है।

Iran-US Tensions: ट्रंप की शांति वार्ता और जमीन पर तैयारी

हालांकि, राष्ट्रपति ट्रंप सोशल मीडिया पर ‘शांति वार्ता’ की बात कर रहे हैं, लेकिन जमीन पर सैनिकों की संख्या बढ़ रही है, जो कुछ और ही दिखा रही है। पेंटागन के अधिकारी कहते हैं कि ये तैनाती सिर्फ ‘रक्षात्मक विकल्प’ है, लेकिन 82वीं एयरबोर्न डिवीजन और टैंकों वाली यूनिट्स की सक्रियता कोई बड़ा जमीनी ऑपरेशन का संकेत दे रही है।

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Bhawana Rawat

भावना रावत पिछले 2 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं। राजनीति, विदेश, क्राइम की खबरें लिखने में रुचि है। दिल्ली विश्वविद्यालय से बैचलर ऑफ मास कम्यूनिकेशन की पढ़ाई पूरी की है। वर्तमान में पंजाब केसरी दिल्ली में हिन्दी सब-एडिटर के तौर पर काम कर रही हैं।