Iran US War Big Update: ईरान- इजरायल और अमेरिका के बीच चल रही जंग को लगभग 3 हफ्ते हो गए हैं। इस बीच अमेरिका के राष्ट्रपति Donald Trump की रणनीति पर सवाल उठने लगे हैं। शुरुआत में जिस युद्ध को अमेरिका आसान मान रहा था, वह अब जटिल और लंबा होता जा रहा है। हालात ऐसे बन गए हैं कि अमेरिका को न तो अपने पारंपरिक सहयोगियों का पूरा साथ मिल रहा है और न ही युद्ध में कोई साफ बढ़त दिख रही है।
Iran US War Big Update: युद्ध में उम्मीद के उलट हालात

जंग की शुरुआत में अमेरिका को भरोसा था कि तेज हवाई हमलों से ईरान को कमजोर किया जा सकता है। लेकिन तीन हफ्ते बाद स्थिति उलटी नजर आ रही है। Iran अब भी मजबूती से खड़ा है। भले ही उसके शीर्ष नेता अली खामेनेई और कई सैन्य अधिकारी मारे गए हों, लेकिन देश की सैन्य और राजनीतिक संरचना पूरी तरह नहीं टूटी।
1. युद्ध का गलत आकलन
- सबसे बड़ी गलती युद्ध की शुरुआत में ही हुई। अमेरिकी नेतृत्व को लगा कि केवल हवाई हमलों से ईरान की सत्ता को गिराया जा सकता है।
- लेकिन ईरान की रणनीति और उसकी आंतरिक संरचना काफी जटिल है। यही कारण है कि युद्ध अब लंबा खिंच गया है।
- अब अमेरिका के सामने जमीन पर सेना उतारने का विकल्प बचता है, लेकिन यह बेहद जोखिम भरा फैसला हो सकता है।
2. खुफिया चेतावनियों को नजरअंदाज करना
- युद्ध से पहले अमेरिकी खुफिया एजेंसियों ने साफ चेतावनी दी थी कि हवाई हमले से ईरान की सरकार नहीं गिरेगी।
- बल्कि इससे वहां की सत्ता और मजबूत हो सकती है।
- इसके बावजूद इन रिपोर्ट्स को गंभीरता से नहीं लिया गया।
- अब वही स्थिति सामने आ रही है, जहां ईरान की ताकत पूरी तरह खत्म होने के बजाय फिर से संगठित होती दिख रही है।
3. सहयोगियों का साथ न मिलना
- इस जंग में अमेरिका को अपने पारंपरिक सहयोगियों का पूरा समर्थन नहीं मिल पाया। कई अरब देशों ने खुलकर दूरी बना ली।
- कतर और UAE जैसे देशों ने असहमति जताई, जबकि Oman ने भी इस हमले के समय पर सवाल उठाए।
- यूरोप और NATO देशों ने भी सीधे युद्ध में शामिल होने से इनकार कर दिया। इससे अमेरिका काफी हद तक अकेला पड़ गया।
4. बयानों से बढ़ी मुश्किल
- युद्ध के दौरान दिए गए कुछ बयानों ने भी स्थिति को और खराब किया।
- शुरुआती हमलों में अमेरिका को बड़ी सफलता मिली थी, लेकिन उसके बाद दिए गए बयान विवादित रहे।
- इन बयानों से अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अमेरिका की छवि प्रभावित हुई और सहयोगियों का भरोसा भी कमजोर पड़ा।
5. युद्धविराम को लेकर असमंजस
- युद्ध के बीच अमेरिका की नीति स्पष्ट नहीं दिखी। कभी युद्ध खत्म करने की बात कही गई, तो कभी कार्रवाई जारी रखने की।
- इस बीच ईरान ने होर्मुज जलडमरूमध्य को बंद करने जैसे कदम उठाए, जिससे वैश्विक तेल आपूर्ति और बाजार प्रभावित हुए।
- अमेरिका की इस अस्थिर नीति के कारण अन्य देशों में भ्रम की स्थिति बनी रही और भरोसा कम हुआ।
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